
हल्द्वानी : कुमाऊं क्षेत्र में टैक्स चोरी का खेल अब केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मामला अब विभागीय स्तर तक पहुंचता नजर आ रहा है। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुमाऊं में फैले टैक्स चोरी के नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर रुद्रपुर से हो रहा है। आरोप है कि इस पूरे सिंडिकेट की कमान एक जीएसटी अधिकारी के हाथ में है। इस अधिकारी को राज्य मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का संरक्षण मिलने की भी चर्चा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, करीब 3-4 महीने पहले तक टैक्स चोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई होती थी। रुद्रपुर के एक अधिकारी ने अपने क्षेत्र से बाहर जाकर हल्द्वानी में बिना टैक्स की गाड़ी पकड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन अब वही अधिकारी पूरी तरह शांत नजर आ रहे हैं। जब जीएसटी इंफोर्समेंट और सचल दल के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने कथित आरोपियों के बचाव में जवाब दिए।हल्द्वानी के एक जीएसटी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अब विभाग में कार्रवाई की इच्छाशक्ति कमजोर पड़ गई है। पान मसाला, गुटखा, स्क्रैप, ईंट, राशन और मोबाइल जैसे सामान बिना टैक्स के खुलेआम बेचे जा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए यह अवैध कारोबार तराई से पहाड़ तक फैल चुका है। मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को इससे बड़ा झटका लग सकता है। सवाल उठ रहा है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही संरक्षण दें, तो सिस्टम में सुधार कैसे होगा?क्या सरकार इस कथित ‘जीएसटी सिंडिकेट’ पर कोई एक्शन लेगी।




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