
हल्द्वानी : सूत्रों के अनुसार कुमाऊं मंडल में गुटखा-तंबाकू कारोबार की आड़ में करोड़ों रुपये के टैक्स चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। शहर से लेकर गांव तक गुटखा मसाला खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ जीएसटी चोरी कर माल की सप्लाई धड़ल्ले से जारी है। हैरानी की बात यह है कि पूरा मामला अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे सिंडिकेट को यूपी के चर्चित कारोबारी इमरान बेग, जर्मन और हल्द्वानी के चर्चित सौरभ की तिकड़ी ऑपरेट कर रही है। आरोप है कि बिना टैक्स भुगतान के माल को दिल्ली की ट्रांसपोर्ट कंपनी मणि महेश द्वारा धड़ल्ले से कुमाऊं में खपाया जा रहा है और फिर दुकानदारों के जरिए जनता से एमआरपी से अधिक वसूली की जा रही है। यानी सरकार को टैक्स का नुकसान और जनता की जेब पर डाका—दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अल्मोड़ा में लोगों ने जीएसटी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला तक फूंक दिया, लेकिन इसके बाद भी विभागीय मशीनरी की नींद नहीं टूटी। अफसरों का खेल : “ये उनका मामला, वो उनका मामला” मामले में जब नैनीताल जिले के ज्वाइंट कमिश्नर रोशन लाल से सवाल किया गया तो उन्होंने जिम्मेदारी जिले के अधिकारियों पर डालते हुए कहा कि टैक्स चोरी रोकने के निर्देश पहले से दिए गए हैं और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आने वाला अधिकतर माल उधम सिंह नगर से होकर आता है, इसलिए वहां के अधिकारियों को भी कार्रवाई करनी चाहिए। दूसरी तरफ उधम सिंह नगर के ज्वाइंट कमिश्नर श्याम सिंह तिरुआ ने भी लगभग वही राग अलापा। उन्होंने कहा कि उनके जिले में भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और नैनीताल में भी जीएसटी चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जब इस मामले में नैनीताल जिले के डिप्टी कमिश्नर रजनीश यवस्थी से जानकारी लेनी चाही तो कई बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा। सूत्रों के अनुसार राज्य कर सेवा संघ के अध्यक्ष होने के नाते वह कई बार जीएसटी चोरी को लेकर सीधे राज्य जीएसटी आयुक्त से संपर्क करने को कहते हैं।










