
हल्द्वानी समाचार : बैंक ग्राहकों के लिए अहम खबर है। 11 सितंबर को प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टलती नजर नहीं आ रही है। United Forum of Bank Unions (UFBU) ने 4 सितंबर को जारी अपने ताजा सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि Indian Banks’ Association (IBA) के साथ हुई बैठक में कोई सकारात्मक सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है। UFBU के अनुसार बैठक में IBA ने हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए यूनियनों से आंदोलन टालने की अपील की। हालांकि, यूनियनों का कहना है कि कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए ठोस पहल जरूरी है। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। UFBU का कहना है कि इस मुद्दे पर पहले सहमति बनने के बावजूद अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसी के चलते यूनियनें एक बार फिर आंदोलन के जरिए सरकार और बैंक प्रबंधन पर दबाव बना रही हैं। यूनियनों ने संशोधित Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई है। UFBU का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में असंतोष है और इस मुद्दे का समाधान द्विपक्षीय बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। 11 सितंबर को हड़ताल होने पर बैंकों की शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में ग्राहकों को नकद लेन-देन, चेक जमा करने, बैंक शाखा से जुड़े अन्य कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं पर असर अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। बैठक में सहमति नहीं बनने के बाद UFBU ने अपने सदस्यों से 11 सितंबर की हड़ताल को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज करने का आह्वान किया है। फिलहाल संगठन की ओर से हड़ताल वापस लेने की घोषणा नहीं की गई है।

हल्द्वानी समाचार : ज्योलीकोट क्षेत्र में जून के अंतिम सप्ताह से पैर पसार रहा जलजनित संक्रमण अब गंभीर संकट का रूप ले चुका है। शुरुआत डायरिया और उल्टी-दस्त से हुई, जिसके बाद टायफाइड के मामले सामने आए और अब पीलिया ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात इस संक्रमण की चपेट में आए दो लोगों की मौत हो गई। इनमें सरियाताल का 16 वर्षीय मेधावी छात्र रितेश जीना और ज्योलीकोट की 26 वर्षीय नीमा जोशी शामिल हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों और दो मौतों के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं, बीमारी के बढ़ते प्रकोप ने पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरियाताल निवासी 16 वर्षीय रितेश जीना, पुत्र उमेश्वर सिंह, को 18 अगस्त से टायफाइड के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत थी। स्थानीय स्तर पर उपचार के बावजूद 28 अगस्त को उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई। परिजन उसे हल्द्वानी के कई निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे। बताया गया कि संक्रमण बढ़ने के कारण रितेश का लिवर प्रभावित होने के साथ फेफड़ों और किडनी पर भी असर पड़ने लगा। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के एलबीएस अस्पताल और एम्स रेफर किया गया। डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई। परिजनों के मुताबिक निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च एक करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। सीमित आय वाले परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव नहीं था। इसके बाद रितेश को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया। रितेश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। दूसरी मौत ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय नीमा जोशी की हुई। नीमा को सितंबर की शुरुआत में लिवर इंफेक्शन और पीलिया की गंभीर शिकायत हुई थी। हल्द्वानी में उपचार के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बरेली के राममूर्ति अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नीमा के पीछे चार साल और डेढ़ साल की दो मासूम बेटियां रह गई हैं। परिवार के मुताबिक नीमा के घर के पांच अन्य सदस्य भी इस समय पीलिया से पीड़ित हैं। इससे पूरे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जून से सामने आ रहे थे मामले, अब तक क्यों नहीं थमा संक्रमण?जून के अंतिम सप्ताह से क्षेत्र में डायरिया और टायफाइड के मामले सामने आने की बात कही जा रही है। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बीमारी के स्रोत और दूषित पेयजल को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि समय रहते संक्रमण के संभावित स्रोत पर प्रभावी कार्रवाई और ब्लीचिंग-क्लोरीनेशन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी। अब पीलिया के गंभीर मामलों और दो मौतों के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ाई गई है। दूषित पानी बना वजह या व्यवस्था की चूक?एक ही क्षेत्र में लगातार जलजनित बीमारी के मामले सामने आने के बाद पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। खासकर एक ही परिवार के कई सदस्यों के पीलिया से संक्रमित होने से दूषित पानी की आशंका और गहरा गई है। हालांकि संक्रमण के वास्तविक स्रोत की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

हल्द्वानी समाचार : संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में मंगलवार अपराह्न उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लाइसेंस विंडो के पास अचानक गोली चल गई। गोली खिड़की पर लगी लोहे की जाली को चीरते हुए कमरे के अंदर पहुंची और वहां रखी लोहे की अलमारी में जा धंसी। गोली लगने से अलमारी के दरवाजे में भी छेद हो गया। गनीमत रही कि फायरिंग की घटना में कोई कर्मचारी घायल नहीं हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार आरटीओ कार्यालय में ही कार्यरत एक बाबू ने गोली चलाई थी। चर्चा है कि वह उस समय नशे में धुत था। घटना मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। आरटीओ में काम करने वाला एक बाबू नशे की हालत में लाइसेंस वितरण विंडो के पास पहुंचा। इस दौरान किसी बात को लेकर उसका गुस्सा भड़क गया। आरोप है कि उसने कमर में रखा अपना लाइसेंसी असलहा निकाला और लाइसेंस विंडो की ओर फायर कर दिया। गोली लोहे की जाली को भेदते हुए कमरे में जा पहुंची और सामने रखी लोहे की अलमारी में धंस गई। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुई फायरिंग से कर्मचारी भी दहशत में आ गए। आरटीओ गुरुदेव सिंह ने गोली चलने की घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विभागीय टीम और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि गोली किन परिस्थितियों में और किस वजह से चलाई गई, इसकी जांच की जा रही है। संदिग्ध से पूछताछ कर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस फायरिंग की असली वजह तलाशने में जुटी है। जांच के बाद ही साफ होगा कि यह नशे में किया गया जानलेवा दुस्साहस था या इसके पीछे कोई अन्य विवाद था।

हल्द्वानी समाचार : जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार, 2 सितंबर को सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बुधवार को बंद रहेंगे।भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 2 सितंबर को नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ललित मोहन रयाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालय बुधवार को बंद रहेंगे। विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं और कार्यालय स्टाफ के लिए भी अवकाश अनुमन्य रहेगा। प्रशासन के मुताबिक बारिश के कारण पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में नदियों, नालों और गधेरों का जलस्तर और प्रवाह बढ़ने की आशंका है। वहीं संवेदनशील स्थानों पर भू-स्खलन का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आदेश नैनीताल नगर क्षेत्र में संचालित उन आवासीय शिक्षण संस्थानों पर लागू नहीं होगा, जहां छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई और रहने की सुविधा एक ही परिसर में उपलब्ध है। ऐसे संस्थान पूर्व की व्यवस्था के अनुसार संचालित हो सकेंगे।


हल्द्वानी समाचार : अल्मोड़ा/देहरादून। उत्तराखंड में मंगलवार को भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा दी। दोपहर तक प्रदेश में अलग-अलग हादसों में 9 लोगों की मौत हो चुकी थी। अल्मोड़ा में मलबा मकान में घुसने से मां समेत तीन की जान चली गई, जबकि देहरादून के प्रेमनगर में तेज बहाव वाले बरसाती रपटे में दो कारें बहने से युवक और युवती की मौत हो गई। मौसम विभाग ने प्रदेश में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। अल्मोड़ा में मलबे में दबे मां और दो बच्चेहवालबाग ब्लॉक के वडूय्या गांव में मंगलवार तड़के भारी बारिश के बीच पहाड़ से आया मलबा मकान में घुस गया। देखते ही देखते मकान भरभराकर ढह गया। हादसे में प्रेमा देवी पत्नी राजेंद्र राम, उनकी बेटी कल्पना आर्य और पुत्र मनीष कुमार की मौत हो गई। हादसे के वक्त परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। सूचना पर एसडीआरएफ, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शवों को मलबे से बाहर निकाला।प्रेमनगर में रपटे ने निगली दो जिंदगियांदेहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कंडोली-बिधोली पुल के पास देर रात बरसाती रपटे का तेज बहाव दो कारों को बहा ले गया। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर दो शव बरामद किए और तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।स्कॉर्पियो एन (HR 08 AG 8743) में सवार संभव निवासी हरियाणा (22) को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि उसके साथी अक्षय निवासी जयपुर (21) की मौत हो गई। वहीं क्रेटा (RJ13 CE 5641) में सवार अंश बवेजा (22) और सहज प्रीति कौर (18) को सुरक्षित बचा लिया गया। वाहन में सवार कनन सचदेवा (19), निवासी पीलीबंगा, श्रीगंगानगर का शव नदी से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार मृतका MBBS की छात्रा थी।राजस्थान से देहरादून आई थीं छात्राएंबताया गया कि क्रेटा सवार लोग राजस्थान से देहरादून आए थे। एक युवती का प्रेमनगर स्थित निजी शिक्षण संस्थान में दाखिला हुआ था और उसे छोड़ने के लिए परिवार के लोग आए थे। वहीं स्कॉर्पियो में सवार युवक भी प्रेमनगर के निजी शिक्षण संस्थान के छात्र बताए गए हैं। रात में रपटे के तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग पाने से दोनों वाहन हादसे का शिकार हो गए।अन्य हादसों में भी गई जानतेज बारिश के दौरान दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की मौत हुई। वहीं हरिद्वार में सिडकुल क्षेत्र निवासी उमंग शर्मा की गंगा में डूबने से मौत हो गई। उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के पास एक झील से एसडीआरएफ ने एक व्यक्ति का शव बरामद किया। लगातार बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

हल्द्वानी समाचार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार शनिवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह हल्द्वानी में हुए विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे गौलापार स्टेडियम स्थित हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वह राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय जाएंगे। मुख्यमंत्री क्रीड़ा विश्वविद्यालय में भूमि-पूजन/शिलान्यास कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद वह आनंद बाग और मुखानी स्थित साउथ एन्क्लेव में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 4:40 बजे एफटीआई हेलीपैड से देहरादून के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

हल्द्वानी समाचार : सरोवर नगरी नैनीताल में वाहनों से पेट्रोल-डीजल चोरी करने वाले चोरों के हौसले बुलंद हैं। रिहायशी क्षेत्रों की सड़कों पर खड़े वाहनों से पेट्रोल, डीजल, बैटरी, स्टेपनी और अन्य सामान चोरी होने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। अब एक ताजा घटना में बाइक से पेट्रोल चोरी करते दो युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, नैनीताल निवासी अर्जुन की बाइक पिछले दिनों सड़क पर खड़ी थी। इस दौरान चोर बाइक की टंकी से करीब आठ लीटर पेट्रोल निकाल ले गए। घटना से परेशान अर्जुन ने अपने पड़ोसी हरीश को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हरीश ने अपने घर पर सीसीटीवी कैमरा लगवा लिया, ताकि दोबारा होने वाली वारदात को कैमरे में कैद किया जा सके। शुक्रवार सुबह एक बार फिर अर्जुन की बाइक की तेल की टंकी खाली मिली। शक होने पर उन्होंने पड़ोसी हरीश से सीसीटीवी फुटेज देखने को कहा। फुटेज में पूरी वारदात सामने आ गई। सीसीटीवी में तड़के करीब 4:15 बजे दो युवक बाइक से मौके पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। दोनों ने आसपास की गतिविधियों की परवाह किए बिना अर्जुन की खड़ी बाइक से पेट्रोल निकाल लिया और वहां से फरार हो गए। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मल्लीताल रिक्शा स्टैंड से जिला परिषद होते हुए मॉल रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों से तेल चोरी की घटनाएं पहले सामने आ चुकी हैं। स्कूटी और बाइक से बड़ी मात्रा में पेट्रोल चोरी किए जाने की शिकायतें शहर में आम हैं। घटना के बाद अर्जुन समेत अन्य पीड़ित मल्लीताल कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब पुलिस चोरों की पहचान और तलाश में जुटी है। स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाकों में रात और तड़के के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि वाहनों से चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।


हल्द्वानी समाचार : धामदेव स्थित शहीद स्थल पर मंगलवार को 84वां बलिदान दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर वर्ष 1942 में आज ही के दिन शहीद हुए क्रांतिवीर नर सिंह धानक और टीका सिंह कन्याल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ शहीद स्थल पहुंचे और अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाए। समारोह के मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन की गूंज जब सुदूर सालम क्षेत्र तक पहुंची तो यहां के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ग्रामीणों ने भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। आंदोलनकारियों ने पोस्ट ऑफिस, पटवारी ऑफिस, पटवारी क्वार्टर और डाक बंगले को आग के हवाले कर दिया था। उन्होंने कहा कि इससे बौखलाई अंग्रेजी हुकूमत ने अल्मोड़ा से गोरी फौज भेजी। फौज ने निहत्थे ग्रामीणों पर गोलीबारी कर दी, जिसमें कांडे निवासी टीका सिंह कन्याल और चौकुना निवासी नर सिंह धानक शहीद हो गए, जबकि सैकड़ों क्रांतिकारी घायल हुए। शहीदों की स्मृति में हर साल बलिदान दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने लोगों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आदर्शों और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इससे पहले जैंती से धामदेव स्थित शहीद स्थल तक ग्रामीणों ने जुलूस निकाला। बारिश के बीच ढोल-नगाड़ों के साथ निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और शहीदों को नमन किया।समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी। इससे एक दिन पहले ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था।

हल्द्वानी समाचार : हल्द्वानी शहर की कई गली-मोहल्लों में बिना लाइसेंस और बिना किसी अधिकृत अनुमति के शराब की बिक्री किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। निर्धारित दुकानों के अलावा कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों से शराब की बिक्री और डिलीवरी का खेल चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर शराब निर्धारित मूल्य से अधिक यानी ब्लैक में बेची जा रही है। आरोप है कि ड्राई डे के दौरान भी शराब की बिक्री जारी रहती है। कई जगहों पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के साथ ही बिना अधिकृत लाइसेंस के शराब बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। शहर में दोपहिया वाहनों के जरिए घर-घर शराब पहुंचाए जाने की भी शिकायतें हैं। आरोप है कि अवैध बिक्री का यह नेटवर्क गली-मोहल्लों तक फैला हुआ है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीम की कार्रवाई सीमित दिखाई देती है। खानापूर्ति तक सीमित कार्रवाई के आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से समय-समय पर छापेमारी और कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ मामलों में कार्रवाई खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है। इससे अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोगों का सवाल है कि यदि विभाग को अवैध बिक्री और ओवररेटिंग की शिकायतों की जानकारी मिल रही है तो ऐसे मामलों में नियमित और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। आबकारी विभाग की प्रवर्तन व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि विभाग इन शिकायतों की जांच कर अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है।


हल्द्वानी समाचार : शहर में शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप है कि कई शराब ठेकों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। ग्राहक जब ओवररेटिंग का विरोध करते हैं तो उनसे अभद्रता और कथित तौर पर धमकी तक दी जाती है। क्रियाशाला रोड स्थित मुखानी के पास शराब की दुकान को लेकर ग्राहकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यहां शराब की बोतलों पर अंकित एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जाती है। ग्राहक जब अतिरिक्त रकम लेने का कारण पूछते हैं या निर्धारित रेट पर शराब देने की मांग करते हैं तो दुकान के कर्मचारी कथित तौर पर कहते हैं कि कहीं भी शिकायत कर लो, उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा और शराब ऊंची कीमत पर ही मिलेगी।
इसी तरह मंडी-तीनपानी बाईपास स्थित शराब के ठेके पर भी एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्राहकों का आरोप है कि यहां भी बोतल पर दर्ज कीमत से अधिक रकम वसूली जा रही है। विरोध करने पर ग्राहकों को संतोषजनक जवाब देने के बजाय कथित तौर पर टालने या दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है।
अतिरिक्त रकम अधिकारियों और संचालक तक पहुंचाने का दावा ग्राहकों के मुताबिक, अतिरिक्त रकम वसूलने का कारण पूछने पर दुकान में काम करने वाले कर्मचारी कथित तौर पर दावा करते हैं कि एमआरपी से ऊपर लिया जा रहा पैसा विभागीय अधिकारियों और ठेका संचालक को दिया जाता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शहर के अलग-अलग शराब ठेकों से लगातार ओवररेटिंग की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि शराब दुकानों पर नियमित जांच और बिलिंग व्यवस्था की सख्ती से निगरानी हो तो एमआरपी से अधिक वसूली पर रोक लग सकती है। ग्राहकों ने आबकारी विभाग से मुखानी और मंडी-तीनपानी बाईपास समेत शहर के सभी शराब ठेकों की जांच कराने, एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायतों का सत्यापन करने और ग्राहकों से अभद्रता या धमकी देने के आरोपों पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, जिला आबकारी अधिकारी धीरेन्द्र बिष्ट हर बार कार्रवाई का दावा करते हैं, लेकिन आज तक कोई जमीनी कार्रवाई देखने को नहीं मिली।