हल्द्वानी समाचार की खबर से टैक्स चोरों में हड़कंप, राज्य कर विभाग में बढ़ी बेचैनी।

हल्द्वानी : शहर में अवैध रूप से चल रहे मसाला-गुटखा कारोबार और जीएसटी चोरी को लेकर हल्द्वानी समाचार में प्रकाशित खबर के बाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी ओर राज्य कर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि विभाग कार्रवाई के बजाय केवल लीपापोती में जुटा हुआ है। हल्द्वानी समाचार के संवाददाता द्वारा ग्राउंड जीरो पर की गई पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई स्थानों पर मसाला और गुटखा उत्पाद एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जबकि अधिकांश बिक्री बिना बिल के की जा रही है। इसे लेकर आम जनता में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गोरापड़ाव, ट्रांसपोर्ट नगर और लाइन नंबर-1 से लेकर 17 नंबर तक कई ऐसे गोदाम सक्रिय हैं, जहां प्रतिदिन बड़े पैमाने पर बिना टैक्स चुकाए माल पहुंच रहा है। बताया जा रहा है कि करीब चार माह पूर्व राज्य कर विभाग की सख्ती के चलते भारी मात्रा में माल पकड़ा गया था और संबंधित कारोबारियों से लाखों रुपये का जुर्माना भी वसूला गया था। उस कार्रवाई से राज्य सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि वर्तमान समय में हल्द्वानी में विभाग की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विभाग की सख्ती अचानक क्यों ठंडी पड़ गई। इधर, काशीपुर में जीएसटी विभाग द्वारा मसाला कारोबारियों के खिलाफ हाल ही में की गई कार्रवाई और लाखों रुपये का जुर्माना वसूलने के बाद हल्द्वानी समाचार द्वारा उठाए गए मुद्दों की सत्यता पर भी मुहर लगती दिखाई दे रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि राज्य कर विभाग हल्द्वानी में सक्रिय अन्य कारोबारियों के खिलाफ कब तक ठोस कार्रवाई करता है या फिर मामला केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा।