
हल्द्वानी : उत्तराखंड में टैक्स चोरी के बढ़ते मामलों ने अब शासन स्तर पर हलचल तेज कर दी है। कुमाऊं क्षेत्र में पान मसाला, गुटखा समेत कई सामानों की बिना बिल और एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री के खुलासे के बाद वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कमिश्नर को टैक्स चोरी रोकने के लिए निर्देशित किया जाएगा। टैक्स चोरी पर रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों, यहां तक कि विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हल्द्वानी समाचार की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि कुमाऊं में टैक्स चोरी का यह खेल संगठित गिरोह के रूप में संचालित हो रहा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क की कमान रुद्रपुर स्थित एक जीएसटी अधिकारी के हाथ में है। उसके नेतृत्व में पान मसाला, गुटखा, स्क्रैप, ईंट, खाद्यान्न, मोबाइल सहित कई वस्तुओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। गंभीर बात यह है कि विभागीय अधिकारियों को जानकारी दिए जाने के बावजूद कार्रवाई न के बराबर हो रही है, जिससे मिलीभगत के आरोप भी लगने लगे हैं। जांच के दौरान हल्द्वानी के मंगल पड़ाव, सब्जी मंडी, रामपुर रोड, रेलवे बाजार और टीपी नगर क्षेत्रों में फुटकर व्यापारियों से बातचीत में भी चौंकाने वाली बातें सामने आईं। व्यापारियों ने दबी आवाज में बताया कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग बेहद प्रभावशाली और दबंग हैं, जो विरोध करने वालों को धमकाने से भी नहीं हिचकते। पिछले दिसंबर में एक गुटखा कारोबारी और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज होना इसका उदाहरण बताया जा रहा है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि कुमाऊं मंडल ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में टैक्स चोरी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।



