हल्द्वानी समाचार

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भाजपा ने जारी की 8 जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों की सूची, नैनीताल से दीपा दरमवाल को बनाया उम्मीदवार

नैनीताल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। नैनीताल जिले से दीपा दरमवाल को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा नेतृत्व ने दीपा दरमवाल की सक्रिय भूमिका और जनसंपर्क को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। दीपा दरमवाल लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ी हुई हैं और उन्होंने विभिन्न सामाजिक व विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष ने बताया कि ये प्रत्याशी पार्टी की मजबूत पैठ बनाने और विकास के कार्यों को गति देने के लिए चुने गए हैं। आगामी चुनाव में दीपा दरमवाल समेत सभी उम्मीदवार पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे और पार्टी को विजयी बनायेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की इस घोषणा से क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अन्य पार्टियां भी प्रत्याशियों के चयन के बाद अपनी रणनीतियों पर काम शुरू कर चुकी हैं।

भाजपा ने घोषित किए क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के प्रत्याशी

उत्तराखंड में चल रही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी ने क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। यह फैसला पार्टी की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

बैठक में प्रत्याशियों के चयन के लिए संगठन के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ स्थानीय जनसमर्थन को प्राथमिकता दी गई। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि चयनित प्रत्याशी विकास और पारदर्शिता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। भाजपा का दावा है कि उसके प्रत्याशी मजबूत संगठन और जनआधार के दम पर जीत दर्ज करेंगे।

24 अगस्त को हल्द्वानी में होगी वूमेन्स साइकिलिंग लीग

हल्द्वानी। खेलो इंडिया योजना के तहत 24 अगस्त को हल्द्वानी में वूमेन्स साइकिलिंग लीग का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता केंद्र सरकार के सहयोग से खेल विभाग व उत्तराखंड साइकिलिंग एसोसिएशन की ओर से कराई जा रही है। यह रोड साइकिलिंग स्पर्धा बालिकाओं के लिए होगी, जिसका आयोजन गौलापार क्षेत्र की सड़क पर किया जाएगा। हालांकि प्रतियोगिता का अंतिम रूट तय नहीं हुआ है, लेकिन एसोसिएशन के महासचिव अधिवक्ता देवेश पांडेय ने संभावना जताई कि यह स्पर्धा पूर्व की भांति गौलापार से तीनपानी रोड तक होगी। जिला क्रीड़ाधिकारी निर्मला पंत ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी बालिकाएं मो. नं. 9411133177 पर संपर्क कर पंजीकरण करवा सकती हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से बालिकाओं को खेलों में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विभिन्न खेल लीग्स आयोजित की जा रही हैं, जिनमें यह साइकिलिंग लीग भी शामिल है।

पानी की लाइन ठीक करने गए हरपाल पर भालू का हमला

बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत करने गए भगोती गांव निवासी हरपाल सिंह (45) पर झिझोंणी गांव के निकट भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में हरपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। साथ में मौजूद शिक्षक कमलेश नेगी और अन्य लोगों ने शोर मचाया और डंडों से हमला कर भालू को भगाया, जिससे हरपाल की जान बच सकी। घायल को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) नारायणबगड़ लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी ने बताया कि घायल की हालत गंभीर होने के चलते उसे रेफर करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुई भारी बारिश के चलते भगोती गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर हरपाल सिंह अन्य ग्रामीणों के साथ पेयजल स्रोत की मरम्मत के लिए गया था, तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में भालू की सक्रियता को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग की है।

पिथौरागढ़ में भूस्खलन से सात मकान क्षतिग्रस्त

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले में एक सप्ताह से अधिक समय से हो रही भारी बारिश के कारण गुरुवार सुबह मुनस्यारी के दाफा गांव में हुए भूस्खलन में सात मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने प्रभावित गांव का दौरा करने के बाद बताया कि आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके मकानों के मालिकों को 14 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है। डीएम गोस्वामी ने कहा कि हमने उन सभी सात ग्रामीणों को 14.35 लाख रुपये दिए हैं जिनके मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए है और रहने लायक नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि भूवैज्ञानिकों की एक टीम को गांव की स्थिति का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। दाफा गांव के पास स्थित नहर को ठीक करने के प्रयास भी जारी हैं। डीएम ने मुनस्यारी में स्थित एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को स्थिति को देखते हुए अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

शेरनाला का जलस्तर बढ़ने से मार्ग किया बंद

हल्द्वानी: बारिश, भूस्लखलन, मलबा और नालों के बढ़ते जलस्तर की वजह से अभी भी कई मार्ग बंद हैं। राहत की बात है कि कई मार्गों को खोल भी दिया गया है लेकिन अभी समस्या का समाधान पूरी तरह से नहीं हुआ है।
गौलापार के चोरगलिया क्षेत्र में बहने वाला शेरनाला उफान पर है। इस नाले में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पुलिस ने दुर्घटना के खतरे को देखते हुए इस रास्ते यातायात बंद करवा दिया है। नाले से पहले दोनों ओर बैरेकिड लगा दिए गए हैं। सभी प्रकार के वाहनों को चौकी कुंवरपुर एवं थाना चोरगलिया गेट से डायवर्ट किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार कपुवा से दिगढ़, पदमपुर से सुवाकोट, बरेली से सिरसा, गर्जिया से खैरना, अंबेडकर से रिखोली, बानना मोटर मार्ग, रातीघाट से बुधलकोट, फतेहपुर से बेल, भौर्सा से पिनरो, सलियाकोट से अनर्पा बंद चल रहे हैं।

रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में बहनों के लिए निशुल्क यात्रा

हल्द्वानी: उत्तराखंड सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं को एक खास तोहफा दिया है। 9 अगस्त को बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए उत्तराखंड रोडवेज की बसों में नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगी। इस संबंध में परिवहन निगम ने आदेश जारी कर सभी डिपो को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए हैं। परिवहन निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा केवल प्रदेश की सीमाओं के भीतर लागू होगी। यानी राज्य के अंदर चलने वाली सभी रोडवेज बसों में महिलाएं बिना टिकट यात्रा कर सकेंगी। हर वर्ष रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाईयों से मिलने के लिए लंबी दूरी तय करती हैं। ऐसे में यह निर्णय महिलाओं के लिए केवल राहत भरा है। परिवहन निगम ने सभी डिपो प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि 9 अगस्त को महिलाओं से किसी भी प्रकार का किराया न लिया जाए और उन्हें सुचारु और सुरक्षित यात्रा की सुविधा प्रदान की जाए।

नरबलि की आशंका से दहला गौलापार, पुलिस पर उठे सवाल

हल्द्वानी। गौलापार के पश्चिम खेड़ा में हुए अमित हत्याकांड में पुलिस चार दिन बाद भी बच्चे का सिर व हाथ बरामद नहीं कर पाई है। वहीं अभी तक मामले का पूरी तरह से खुलासा न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा ह। बुधवार को घटना के खुलासे की मांग को लेकर अमित के परिजनों के साथ अन्य लोगों को काठगोदाम में प्रदर्शन किया था। वहीं गुरुवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।


बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठी तक चलानी पड़ी थी। इस वजह से पुलिस की काफी किरकिरी भी हुई है। गुरुवार को चौथे दिन भी पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर पाई। सूत्रों के अनुसार मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के घर के पास एक खेत से प्लास्टिक के कट्टे में दफन बालक का धड़ बरामद किया था, लेकिन सिर और हाथ अब तक गायब हैं। हिरासत में लिए गए आरोपी बार-बार बयान बदल रहे हैं। सिर और हाथ की बरामदगी के लिए गुरुवार को डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा, पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। शव के गायब अंगों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं, जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। अमित के पिता खूबकरण का आरोप है कि जिस दिन उनके बेटे की हत्या हुई, उस दिन आरोपी पक्ष के घर में पूजा-पाठ हो रहा थी, जिससे नरबलि की आशंका जताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या किसी तंत्र क्रिया के तहत की गई है। पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रख रही है।

काठगोदाम पुलिस के हाथपांव तब फूल गए जब पूर्व विधायक नारायण पाल अमित के परिजनों के साथ काठगोदाम थाने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मासूम के परिजनों के साथ पुलिस ने अभद्रता की है और इन लोगों को मारापीटा है। लोगों का कहना है कि आरोपियों को चाय पिलाई जा रही है। पुलिस की नीति पूरी तरह से दोषपूर्ण है। कहा कि मासूम की दादी का कहना है कि उसका सिर और हाथ दिलवा दें, इससे ही समझा जा सकता है कि यह कितनी दुख भरी घटना है। पुलिस को भी इस दर्द को समझते हुए ही काम करना चाहिए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि शुक्रवार को 10 बजे तक मामले का खुलासा कर देगी, अगर नहीं करेगी तो हम थाने में फिर आएंगे। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि इस घटना को लेकर काठगोदाम थाना प्रभारी की पदोन्नति होनी चाहिए। साथ ही कहा कि पुलिस इस मामले में अभी तक नाकाम रही है।

जुलाई में रूठा, अगस्त में झूम उठा मानसून – नैनीताल में तीन गुना बरसात

हल्द्वानी। इस बार मानसून तय समय पर उत्तराखंड में प्रवेश कर गया था, इसके बाद भी नैनीताल जिले में जुलाई माह में सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश हुई लेकिन अगस्त माह की शुरूआत में ही मानसून का असर तेज हो गया है और जुलाई की अपेक्षा इस माह तीन गुना ज्यादा असर हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, जुलाई माह में 31 दिनों में नैनीताल जिले में कुल 328.5 मिमी बारिश हुई थी। प्रतिदिन की औसत 10.59 मिमी बारिश के हिसाब से बारिश दर्ज की गई। सामान्य तौर पर जुलाई में 566 मिमी बारिश जिले में दर्ज की जाती है। इस वजह से जुलाई माह में भूस्खलन, आपदा की बहुत ही कम घटनाएं देखने को मिलीं। अगस्त शुरू होते ही मानसून ने पूरी तरह से रंग बदल लिया।अगस्त के शुरूआती छह दिनों में जिले में 204.4 मिमी बारिश हो गई है, यह सामान्य से काफी ज्यादा बारिश है। अगर जुलाई से तुलना करें तो अगस्त में प्रतिदिन 34 मिमी की औसत बारिश दर्ज की गई है। जुलाई की अपेक्षा मानसून का असर इस माह में अभी तक तीन गुना अधिक देखा गया है।

उत्तरकाशी में कुदरत का कहर, वायुसेना का चिनूक बना मसीहा

उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में हाल ही में बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके को तबाही की चपेट में ले लिया। तेज बारिश और भूस्खलन ने गांव का बाकी दुनिया से संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया है। चारों ओर कीचड़, पानी और मलबे का डरावना मंजर फैला हुआ है। गंगोत्री नेशनल हाईवे का नामोनिशान कई जगहों से मिट चुका है। कहीं 100 तो कहीं 200 मीटर तक सड़कें बह चुकी हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारतीय वायुसेना का ‘चिनूक’ हेलीकॉप्टर आसमान से उम्मीद बनकर धरती पर उतरा। दो रोटर वाला यह शक्तिशाली ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर, जो आमतौर पर सेना के भारी-भरकम अभियानों के लिए इस्तेमाल होता है, इस बार मानवता की सेवा में जुटा दिखा। चिनूक ने राहत सामग्री, रेस्क्यू टीमें और जरूरी उपकरण ऐसे दुर्गम स्थानों तक पहुंचाए, जहां जमीनी पहुंच असंभव हो चुकी थी।

धराली और आसपास के क्षेत्रों में आईटीबीपी और अन्य राहत एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं। लेकिन चिनूक की मदद से राहत कार्यों को नई रफ्तार और ताकत मिली है। चिनूक ने एक बार फिर साबित किया है कि आधुनिक तकनीक जब इंसानी जज़्बे के साथ मिल जाए, तो सबसे कठिन हालात में भी उम्मीद की किरण जगाई जा सकती है।

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