नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन परिणामों की घोषणा के मद्देनज़र शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। परगना मजिस्ट्रेट नैनीताल नवाज़िश खलीक ने भारतीय दंड संहिता की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी करते हुए मुख्य कोषागार एवं स्थायी जिला कार्यालय परिसर के चारों ओर 500 मीटर दायरे में जुलूस, नारेबाजी और भीड़ एकत्र होने पर रोक लगा दी है। आदेश के अनुसार इस क्षेत्र में बिना अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का एकत्र होना, जुलूस निकालना, नारे लगाना तथा किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही, लाठी-डंडा, तलवार, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक आदि घातक हथियारों के साथ प्रवेश भी सख्ती से वर्जित कर दिया गया है।मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश आज से तत्काल प्रभाव से लागू होकर मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द्र बनाए रखने में सहयोग करें।

नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच सोमवार को जिला पंचायत के सरकारी वकील और वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र सिंह बिष्ट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।14 अगस्त को हुए अपहरण कांड से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया। इस्तीफे में अधिवक्ता बिष्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर गहरा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि पोलिंग स्टेशन के नजदीक ही अपराधियों ने पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण कर लिया, लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी रही।रवींद्र बिष्ट ने अपने पत्र में लिखा कि “घटना पुलिस की आंखों के सामने हुई, पर पुलिस मूकदर्शक बनी रही।” उन्होंने इस परिस्थिति में जिला पंचायत की ओर से हाईकोर्ट में केस लड़ने में असमर्थता भी जताई है।रवींद्र सिंह बिष्ट पिछले 20 वर्षों से जिला पंचायत के अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके इस्तीफे से जिला पंचायत और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। उन्होंने अपना इस्तीफा जिला अधिकारी और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को भेजा है। अब देखना होगा कि जिला पंचायत की तरफ से नए अधिवक्ता की नियुक्ति कब तक की जाती है।


किच्छा। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरऊ में सोमवार को चुनावी रंजिश के चलते ताबड़तोड़ फायरिंग से गांव दहशत में आ गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात में 19 वर्षीय युवक आलिम खान उर्फ भोला की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि उसका साथी गुलफाम खान किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान गफ्फार खान का पुत्र गुलफाम खान और भतीजा आलिम खान घर के पास कार में बैठे थे। आरोप है कि इसी दौरान करीब तीन दर्जन हथियारबंद लोग मौके पर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान आरोपियों ने नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य साजिद खान उर्फ केके की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
फायरिंग के बीच आलिम और गुलफाम ने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने करीब 100 मीटर तक उनका पीछा करते हुए गोलियां चलाईं। इस दौरान आलिम के सीने में गोली लग गई। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने गुलफाम व मृतक की बहन का मोबाइल फोन भी छीन लिया और धमकियां देते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी, सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी, कोतवाल धीरेंद्र कुमार सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि घटना को अंजाम देने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा तो पूरे गांव में मातम छा गया।

नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से जुड़े विवाद पर नैनीताल हाईकोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने आज कोई फैसला नहीं सुनाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 19 अगस्त को होगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी. नरेंद्र और सहयोगी जज जस्टिस आलोक मेहरा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट मंगलवार को री-पोल (पुनः मतदान) से जुड़ी याचिका पर भी विचार करेगी। आज की कार्यवाही में हाईकोर्ट ने चुनाव के दिन हुई घटनाओं को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया। अदालत की तल्ख टिप्पणियों के बाद आरोपी बीजेपी नेताओं और कथित अपहरणकर्ताओं पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। सुनवाई के दौरान SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने अदालत को आश्वस्त किया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी 24 घंटे के भीतर कर ली जाएगी।

नैनीताल। जिला पंचायत चुनाव मामले में सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान सरकारी वकील से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि नैनीताल केवल पर्यटक शहर नहीं, यहां हाईकोर्ट भी है।सुनवाई के दौरान वायरल वीडियो का SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा की ओर से बचाव किए जाने पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई। चीफ जस्टिस ने कहा आप अपराधियों का बचाव क्यों कर रहे हैं? क्या हम अंधे हैं?कोर्ट ने SSP से पूछा कि घटना के समय पुलिस फोर्स कहां थी और आखिर शहर में हिस्ट्रीशीटर खुलेआम क्या कर रहे थे? अदालत ने SSP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सख्त लहजे में कहा कि जबरदस्ती अपराधियों का बचाव नहीं किया जा सकता।हाईकोर्ट ने SSP को कड़ी चेतावनी देते हुए पूछा कि आखिर उत्तराखंड पुलिस क्या कर रही थी। इस पर SSP मीणा ने कोर्ट से कहा कि वह 24 घंटे के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार करेंगे। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सरकारी वकील को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार से कहें कि SSP का तत्काल ट्रांसफर किया जाए। सरकारी वकील ने भी अदालत में SSP का बचाव करने की कोशिश की, लेकिन न्यायालय ने इसे गंभीर मामला मानते हुए फटकार लगाई।

हल्द्वानी। जानी-मानी कुमाउनी गायिका के पति और इवेंट मैनेजर रितेश जोशी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर एक महिला से शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर पहले पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, लेकिन कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामला मुखानी थाना क्षेत्र की 40 वर्षीय महिला से जुड़ा है। महिला का आरोप है कि किसी तरह उसकी मुलाकात रितेश जोशी से हुई। रितेश ने उसे अपने भरोसे में लेकर शादी का वादा किया और फिर उसे अपने किराए के कमरे (आवास विकास, कोतवाली क्षेत्र) में ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो रितेश मुकर गया। महिला ने न्याय की गुहार लेकर कोतवाली पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने तहरीर तो ले ली, लेकिन कार्रवाई नहीं की। थकी-हारी महिला ने मजबूर होकर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि आरोपी रितेश जोशी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

हल्द्वानी। ज्योति हत्याकांड को लेकर जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना को 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी के विरोध में बुद्धपार्क में लगातार धरना प्रदर्शन जारी है। जनता का कहना है कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, आंदोलन किसी भी सूरत में खत्म नहीं होगा। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और अपराधियों को किसी बड़े चेहरे का संरक्षण प्राप्त है। लोगों ने आशंका जताई कि यह मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जिले का कप्तान अपराध रोकने और आरोपियों को पकड़ने में अक्षम है, तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। धरना प्रदर्शन में पहाड़ी आर्मी के नगर अध्यक्ष फौजी भुवन पांडे, जिला महामंत्री फौजी राजेंद्र कांडपाल, फौजी कमलेश जेठी, कविता जीना, हेमा कबड़वाल, आयेंद्र शर्मा, विनोद नेगी, दीप चंद पांडे, कमल पंत, तारादत्त पांडे, सूरज कुमार, बलवत सिंह, धरम राम, कमलेश सिंह, नानक चंद, रवींद्र, दीपक समेत कई लोग मौजूद रहे।

उत्तरकाशी। उत्तराखंड में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह उत्तरकाशी जिले के धनारी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया। पिपली के पास एक चलती मैक्स वाहन पर अचानक भारी-भरकम पेड़ गिर गया।वाहन में उस समय छह से सात यात्री सवार थे। हादसा इतना तेज और अचानक था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और 108 आपातकालीन सेवा तुरंत मौके पर पहुंची। सभी घायलों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सड़क किनारे लगे पेड़ों की नियमित जांच और ट्रिमिंग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।

हल्द्वानी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा और पूर्व ब्लॅाक प्रमुख लाखन सिंह नेगी आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे समर्थकों के बीच भी गर्मागर्मी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, विधायक राम सिंह कैड़ा ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उन्होंने लाखन सिंह नेगी के कामकाज और राजनीतिक शैली पर सवाल खड़े किए। इसके तुरंत बाद लाखन नेगी ने भी फेसबुक लाइव के जरिए पलटवार करते हुए कैड़ा पर तीखे हमले बोले। दोनों नेताओं के बीच हुई इस फेसबुक वार को लेकर लोगों में खूब चर्चा रही। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं का बचाव करते हुए तीखी टिप्पणियां भी की। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे 2027 के चुनावी मुकाबले की शुरुआती जंग के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की बयानबाजी से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है, जबकि दूसरी ओर जनता अब नेताओं की ऑनलाइन जंग को लेकर अधिक सक्रिय और उत्सुक दिखाई दे रही है।

एरीज के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह के अनुसार, वर्ष 2018 में देश के प्रमुख 10–12 ग्लेशियरों पर किए गए अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि बीते पाँच से छह दशकों में इनका आकार चिंताजनक रूप से घटा है। अध्ययन में बताया गया कि हर साल इन ग्लेशियरों में 18 से 18.5 मीटर तक की कमी दर्ज की जा रही है।
इसके पीछे मुख्य कारण ग्लोबल वॉर्मिंग है, जो मानव गतिविधियों से उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ोतरी से तेज़ी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हिमालय का बढ़ता तापमान न सिर्फ बर्फ को पिघला रहा है, बल्कि पूरे पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र को असंतुलित कर रहा है। डॉ. सिंह का कहना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहा तो भविष्य में हिमालयी क्षेत्र का तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
इसका सीधा असर हिमालय की जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति और लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ेगा, जो जल स्रोतों पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ग्लेशियरों का पिघलना केवल बर्फ की कमी नहीं है, बल्कि यह आने वाले वर्षों में जल संकट, बाढ़, भूस्खलन और पारिस्थितिकीय असंतुलन का कारण बन सकता है।