हल्द्वानी समाचार

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होली वीकेंड को लेकर नैनीताल के होटल 70 फीसदी फुल

नैनीताल। लंबे समय से वीरान चल रहे नैनीताल के पर्यटक स्थल एक बार फिर से गुलजार होने जा रहे हैं। होली के लंबे वीकेंड को देखते हुए नैनीताल के अधिकांश बड़े होटल 70 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन बुक हो गए हैं। जिससे पर्यटन कारोबारी अब खुश नजर आ रहे हैं। होटल एसोसिएशन अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने बताया तीन दिनों के वीकेंड के चलते पर्यटक नैनीताल मुक्तेश्वर समेत आसपास के पर्यटक स्थलों के होटल को बुक कर रहे हैं। अब तक 70 फीसदी होटल बुक हो चुके हैं जबकि लगातार बुकिंग के लिए पर्यटक पर्यटन कारोबारी से संपर्क कर रहे हैं। महाकुंभ के बाद नैनीताल समेत पर्यटक स्थलों में पहला बड़ा पर्यटन सीजन आ रहा है जिससे पर्यटक स्थलों पर व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद है। बातचीत के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया पर्यटक स्थलों में जाम न लगे इसके लिए पुलिस अलर्ट मोड में है। पर्यटक पुलिस को भी होली वीकेंड के लिए एक्टिव किया गया है। नैनीताल शहर के अंदर सभी कर पार्किंग 80 फीसदी तक फुल होने के बाद पर्यटकों के वाहनों को रुसी बाईपास में पार्क करने का प्लान बनाया गया है ताकि नैनीताल घूमने आ रहे पर्यटक जाम में न फंसे और पर्यटकों की छुट्टियां बेकार न जाए।महाकुंभ शुरू होने के बाद पहला परिजन सीजन शुरू हो रहा है ऐसे में पर्यटन कारोबारी को उम्मीद है कि आने वाला होली वीकेंड पर्यटन कारोबारी के लिए खास रहेगा। -दिग्विजय बिष्ट, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन नैनीताल।दिसंबर के बाद नैनीताल में पर्यटकों की संख्या कम हो गई थी तो वहीं अब मैदानी क्षेत्र में गर्मी भी पड़ने लगी है साथ ही होली वीकेंड है ऐसे में उन्हें उम्मीद है नैनीताल में पर्यटक घूमने आएंगे। जिसके लिए उन्हें अभी तक तैयारी शुरू कर दी है। -राम सिंह बिष्ट अध्यक्ष बोट एसोसिएशन।

चाची के प्यार में पागल हुए भतीजे ने फांसी लगाकर दी जान

हल्द्वानी। बिहार के एक युवक और उसकी चाची ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया। दोनों के प्रेम संबंध का राज फाश हुआ तो युवक को जबरन मुक्तेश्वर भेज दिया गया। यहां आते ही चाची ने भी फोन उठाना बंद किया तो भतीजे ने फांसी लगाकर खुदखुशी कर ली। उसकी लाश एक पेड़ से लटकी मिली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पूर्वा चंपारण बिहार निवासी रोहित कुमार (18 वर्ष) कुछ समय पहले ही मुक्तेश्वर अपने चाचा के पास आया था। वह अपने चाचा के साथ यहां मजदूरी कर रहा था। बताया जाता है कि सोमवार रात उसने अपने चाचा और अन्य श्रमिकों के साथ खाना खाया। लोगों के बिस्तर पर जाने के बाद रोहित उठकर जंगल में चला गया और जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटा तो उसके चाचा व अन्य लोगों उसकी तलाश में निकले। जंगल में तलाश के दौरान लोगों ने रोहित के शव को चीड़ के पेड़ से लटके पाया। आनन-फानन में शव को फंदे से उतार कर लोग अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक बिहार में रोहित का अपनी ही चाची से प्रेस-प्रसंग चल रहा था। परिजनों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने रोहित को चाचा के साथ मुक्तेश्वर भेज दिया। यहां आने के बाद वह लगातार अपनी चाची को फोन कर रहा था, लेकिन चाची ने फोन उठाना बंद कर दिया था। इससे वह आहत था और इसी वजह से उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

तीन फीडर से हुई बिजली कटौती, छह घंटे तक परेशान लोग

हल्द्वानी। बिजली की लाइनों में रखरखाव की वजह से शहर में तीन फीडरों से बिजली कटौती रही। सुबह 10 बजे ही बिजली काट दी गई और शाम चार बजे बिजली बहाली हुई है। लंबे समय तक बिजली कटौती होने से लोग परेशान रहे।गर्मी आने से पहले ऊर्जा निगम बिजली लाइनों के रखरखाव का काम कर रहा है। इस वजह से शहर में कई जगह बिजली कटौती हो रही है। मंगलवार को ऊर्जा निगम के रानीबागम बिजलीघर से जुड़े तीन फीडरों से बिजली आपूर्ति को रोक दिया गया। सुबह 10 बजे ही बिजली काट दी गई। बाद में छह घंटे के बाद बिजली दी गई। इस वजह से रानीबाग गायत्रीनगर, शीशमहल और भुजियाघाट फीडर से बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है। हालांकि लगातार छह घंटे तक बिजली कटौती होने से लोगों के मोबाइल और लैपटॉप जैसे उपकरणों को चार्ज करने में दिक्कत आई है। ऊर्जा निगम के ईई प्रदीप कुमार ने कहा कि बिजली लाइनों के रखरखाव की जानकारी पहले ही लोगों को दी गई थी। काम के दौरान बिजली काटी गई। काम समाप्त होने के बाद बिजली आपूर्ति कर दी गई। इधर दमुवाढूंगा क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती हो रही है। यहां बिजली के पोल बदलने का काम किया जा रहा है। इस वजह से एक दिन छोड़कर दिन के समय बिजली काटी जा रही है।

बिना न्याय मिले अंकिता भंडारी केस की याचिका निपटारे के बाद अधिवक्ता ने लिखा भावुक पत्र

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग के बाद, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजाल्विस का एक बहुत ही भावुक पत्र, जो अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे थे, मामले के मुख्य आरोपी “वीआईपी” को पकड़े बिना याचिका का निपटारा कर दिया गया….

मुझे खेद है, अंकिता

मुझे खेद है, अंकिता कि आपकी हत्या की सीबीआई जांच की मांग करने वाले सुप्रीम कोर्ट में आपके मामले का निपटारा कर दिया गया और हम अभी तक मुख्य अपराधी को पकड़ने में कामयाब नहीं हुए हैं। मुझे खेद है सोनी देवी, आपकी प्यारी बेटी की हत्या के लिए एक वीआईपी ने होटल में काम करने वाली एक छोटी लड़की अंकिता से “विशेष सेवाएं” मांगी। उसके इनकार के कारण उसकी हत्या हो गई।

मुझे इस बात का भी दुख है कि हमारी पुलिस बल राजनेताओं के सामने इतनी झुक गई है कि वे किसी भी अपराध को छुपाने के लिए तैयार हो जाती है। सबसे पहले, अंकिता और उसके दोस्त पुष्पदीप के बीच व्हाट्सएप चैट जिसमें उसने शिकायत की थी कि एक वीआईपी उसके होटल में आ रहा था और उससे विशेष सेवाओं की मांग कर रहा था, उसे उत्तराखंड पुलिस ने चार्जशीट से हटा दिया। उन चैट में उसने अपने दोस्त से तुरंत आने और उसे बाहर ले जाने के लिए कहा। दूसरे, उसके दोस्त पुष्पदीप और वीआईपी के सहयोगी के बीच स्विमिंग पूल में हुई बातचीत का चार्जशीट में उल्लेख नहीं किया गया, जबकि पुष्पदीप ने पुलिस द्वारा दिखाए गए फोटो के आधार पर सहयोगी की पहचान की थी। तीसरे, सहयोगी अपने बैग में नकदी और हथियार लेकर जा रहा था और फिर भी उसे न तो आरोपी बनाया गया और न ही पुलिस ने उससे पूछताछ की। चौथे, होटल कर्मी अभिनव का यह बयान कि अंकिता को जबरन बाहर निकालकर हत्या करने से पहले वह अपने कमरे में रो रही थी, चार्जशीट में उल्लेख नहीं किया गया। पांचवें, जिस कमरे में अंकिता रुकी थी, उसकी प्रयोगशाला की फोरेंसिक रिपोर्ट को कभी भी चार्जशीट में संलग्न नहीं किया गया। छठा, अपराध स्थल यानी जिस कमरे में वह रुकी थी, उसे स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री के आदेश पर तुरंत ध्वस्त कर दिया गया। सातवां, वीआईपी से बातचीत कर रहे होटल के कर्मचारियों का मोबाइल फोन कभी जब्त नहीं किया गया। आठवां, होटल का सीसीटीवी फुटेज, जिससे वीआईपी और उनके साथियों की पहचान स्पष्ट रूप से पता चलती, कभी भी इस सुविधाजनक बहाने से पेश नहीं किया गया कि कैमरे काम नहीं कर रहे थे। नौवां, जिन गवाहों ने गवाही दी कि अंकिता अपनी मौत से पहले परेशान थी, उनकी कभी ठीक से जांच नहीं की गई। दसवां, उत्तराखंड पुलिस द्वारा दिया गया बयान कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की गई थी और कुछ भी अप्रिय नहीं दिखाया गया था, भ्रामक था क्योंकि रिकॉर्ड केवल मृतक की चैट के संबंध में था, होटल कर्मचारियों के बारे में नहीं।

अंत में, एक आरोपी के साथ मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी अंकिता को दिखाने वाले वीडियो का अभियोजन पक्ष द्वारा गलत उल्लेख किया गया था, जो यह दर्शाता है कि उसकी हत्या और नहर में शव फेंकने से पहले वह किसी भी तरह की परेशानी में नहीं दिख रही थी। हालांकि, पुष्पदीप ने अदालत में पेश किए गए साक्ष्य में कहा कि मोटरसाइकिल पर बैठी अंकिता ने उसे फोन किया और कहा कि वह बहुत डरी हुई है क्योंकि वह लोगों से घिरी हुई है और बात नहीं कर पा रही है। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने अब ट्रायल कोर्ट से खुद का नार्को विश्लेषण करने का अनुरोध किया है, जिससे संकेत मिलता है कि वे घटनाओं के बारे में साफ-साफ बताने के लिए तैयार हैं, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने आवेदन को खारिज करके समय से पहले ही मामले को खत्म कर दिया। आरोपियों द्वारा खुद की ऐसी गवाही से वीआईपी की पहचान और भूमिका सामने आ जाती। पुलिस ने वीआईपी की पहचान छिपाई है। सीबीआई को जांच अपने हाथ में लेने और आगे की जांच करने का निर्देश देकर इस बाधा को दूर किया जा सकता था। मां ने अधिकारियों को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि वह एक उच्च पदस्थ राजनीतिक पदाधिकारी थे जो अक्सर अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ होटल में आते थे। सीसीटीवी फुटेज या कर्मचारियों के मोबाइल फोन प्राप्त करने के लिए उठाए गए प्राथमिक कदम भी मुख्य अपराधी की पहचान उजागर कर देंगे। क्षमा करें अंकिता। यह भारत है। आम महिलाओं की जिंदगी मायने नहीं रखती। और उच्च और शक्तिशाली लोग बार-बार बच निकलेंगे।

कॉलिन गोंसाल्वेस
वरिष्ठ अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट

बंद कमरे में खून से लतपथ मिली महिला, दरवाजा तोड़कर निकाली लाश

हल्द्वानी। अभी गोली कांड पुलिस के गले की फांस ही बनी थी कि हत्या की एक और गलत खबर ने पुलिस को सकते में डाल दिया। घटना बरेली रोड स्थित खन्ना फार्म में हुई। जहां एक बंद कमरे में महिला की खून से लतपथ लाश मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। महिला परिवार से अलग किराए के कमरे में अकेले रहती थी। पुलिस ने हत्या की आशंका को सिरे से खारिज किया है।
चौधरी तालाब 210, थाना किला, बरेली उत्तर प्रदेश निवासी रामप्यारी (56 वर्ष) बरेली रोड के तीनपानी स्थित खन्ना फार्म डी क्लास में शंकर दत्त बेलवाल के घर में किराए पर पिछले एक साल से अकेले रहती थी। उनके पति रामदास शर्मा सरकारी कर्मी थे और कुछ वर्षों पहले उनकी मौत हो गई थी। रामप्यारी के बच्चे भी हैं और वह बरेली में रहते हैं। बताया जाता है कि रामप्यारी रोजना सुबह जल्दी उठती थीं, लेकिन सोमवार को उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला। मकान मालिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने कई आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर रामप्यारी का खून से लतपथ शव पड़ा था। हालांकि शव पर किसी भी तरह से मारने या चोट के अन्य निशान नही थे। मृतका के बेटे ने बताया कि रविवार रात मां से उसकी फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही बरेली आएंगी। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतका के बच्चे शहर पहुंच गए हैं। पता लगा है कि महिला को ब्लड प्रेशर और शुगर समेत अन्य बीमारियां थी। आशंका है कि ब्रेन हैमरेज की वजह से मौत हुई हो।

फंदे पर लटका मिला काश्तकार का शव
हल्द्वानी : चोरगलिया में रहने वाले काश्तकार का शव फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने उन्हें फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार प्रतापपुर दौलतपुर चोरगलिया निवासी 55 वर्षीय मोहन सिंह बिष्ट पुत्र जयराम काश्तकार थे। रविवार को उन्होंने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली।

अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई, किया 18 हजार का चालान

हल्द्वानी। नगर निगम अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई कर रहा है। नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने सोमवार को बरेली रोड से तीनपानी तक निरीक्षण किया। उन्होंने बरेली रोड स्थित पैठपड़ाव में पोस्ट ऑफिस के बाहर और मुखानी क्रियाशाला रोड पर अतिक्रमण हटाया। नगर आयुक्त को शिकायत मिली थी कि पोस्ट ऑफिस के बाहर ठेले-फड़ वालों ने अतिक्रमण किया है, जिससे पोस्ट ऑफिस में आने वाले लोगों को दिक्कतें हो रही थी। जिस पर उन्होंने इसके बाहर लगे ठेले-फड़ वालों को हटाया। इसके बाद वह मंडी पहुंची, जहां दुकानदारों ने नालों पर पटाल लगाकर पक्का अतिक्रमण किया था। नगर आयुक्त ने इन दुकानदारों को चेतावनी देते हुए स्वयं ही अतिक्रमण हटाने को कहा। उन्होंने दुकानदारों से कहा कि वह शीघ्र पटाल तोड़कर नालों के ऊपर जाल लगा लें, अन्यथा निगम कार्रवाई करेगा। साथ ही मंडी स्थित कुछ दुकानों से सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त कर 7 हजार रुपये का चालान किया गा। साथ ही दुकानों में गंदगी फैलाने पर 10 हजार और कूड़ा जमा करने पर 1 हजार रुपये का चालान किया गया। मंडी के पास कबाड़ वाले ने कबाड़ इकट्ठा किया था और वह कूड़ा जलाता था। जिस पर उसे चालान कर चेतावनी दी गई। नगर आयुक्त को शिकायत मिली थी कि क्रियाशाला के पास फल व सब्जी के ठेले वाले महिलाओं से बदतमीजी करते हैं और शाम के समय यहां लोग खुले में शराब पीते हैं। उन्होंने इसे लेकर दुकानदारों को चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान फलों के ठेलों के नीचे से कबाड़ जमा मिला, जिसे हटवाया गया।

मिठाई की दुकान में भिनभिना रही थी मक्खियां, चालान-
मंडी के पास स्थित एक मिठाई की दुकान में मक्खियां भिनभिना रही थी और दुकान के आसपास गंदगी फैली थी। जिस पर नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने गंदगी पर दुकान का चालान किया और खाद्य संरक्षा विभाग को भी इसकी सूचना दी।

एसटीएच में नहीं हुए अल्ट्रासाउंड, मरीज परेशान

हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। उनकी मां का निधन हो गया है। इस वजह से वह ड्यूटी पर नहीं पाए। इधर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद हो गई है।
अस्पताल में सुबह जब मरीज पहुंचे तो उन्हें बताया कि अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। इधर अस्पताल से जानकारी मिली कि रेडियोलॉजिस्ट की मां का निधन होने की वजह से वह सेवा देने नहीं आए हैं। अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने की वजह से अल्ट्रासाउंड सेवा को बंद किया गया है। अब अल्ट्रासाउंड तब होना शुरू होंगे जब वह ड्यूटी पर आ जाएंगे। रेडियोलॉजिस्ट की कमी होने से मरीजों को अगले कुछ दिनों तक परेशान होना पड़ेगा। इधर अस्पताल में पैथोलॉजी विभाग में टैक्निशियन के स्थायी पद में सेवाएं प्रदान कर रहे नारायण दत्त मिश्रा का आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन पर शोक सभा आयोजित की गई। प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि उनका निधन छह मार्च को गंभीर बीमारी के चलते हो गया था। शोक सभा में अस्पताल के डॉक्टर व अन्य स्टाफ थे।

16 से होगी राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता

हल्द्वानी। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में दो दिवसीय जूडो प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता खेलों इंडिया के तहत कराई जा रही है। यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता है और इसमें प्रदेश के सभी जिलों की टीमें हिस्सा लेंगी। 16 औऱ 17 मार्च को जूडो की प्रतियोगिता का स्टेडियम में होगी। जहां खेल से जुडे़ सभी अधिकारी भी मौजूद रहेगें। जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत ने बताया कि आगे भी स्टेडियम खेल से जुड़ी प्रतियोगिताएं होती रहेंगी। मिनी स्टेडियम में भी फुटबॅाल के ट्रायल हो रहे हैं। जिले के खिलाडि़यों के लिए के भी खेल विभाग द्वारा समय-समय पर कैंप लगाए जाएंगे।

पर्यटक की कार को लेकर सैरसपाटे को निकला गाइड

नैनीताल। पर्यटक कार को पार्क करने के लिए निकला गाइड कार लेकर सैरसपाटे को चल दिया। घंटो इंतजार के बाद गाइड क्षतिग्रस्त कार लेकर पहुंचा तो पर्यटकों ने हंगामा कर दिया। पर्यटक शिकायत लेकर कोतवाली पहुंच गया। सीतापुर उत्तर प्रदेश निवासी शिवशंकर वर्मा ने शिकायत देकर कहा है कि वह परिवार के साथ कैंची धाम के दर्शन को नैनीताल पहुंचे हुए थे। सुबह सवेरे पहुंचने पर उनको एक पर्यटन गाइड ने एक हजार रुपये में होटल दिलवाया। होटल में एंट्री करने के बाद गाइड ने उसका वाहन पार्किंग में लगा देने की बात कही। सुबह नौ बजे जब परिवार मंदिर जाने को तैयार हुआ तो गाइड को फोन कर उन्होंने वाहन होटल में मंगवाया। लेकिन तीन घंटे बीतने के बाद गाइड वाहन को क्षतिग्रस्त अवस्था में लेकर होटल पहुंचा। वाहन की सीएनजी कम होने से उसके चलाये जाने की पुष्टि हुई। पर्यटकों के सवाल करने पर गाइड पार्किंग से वाहन निकालने के दौरान क्षतिग्रस्त होने जाने की बात करने लगा। एसएसआई दीपक बिष्ट ने बताया कि नुकसान की भरपाई करने की बात पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। गाइड मल्लीताल निवासी शाहिल के खिलाफ पुलिस एक्ट में चालानी कार्रवाई की गई है।

अवैध मदरसे व स्लॉटर हाउस को बंद कराने की मांग

नगर पालिका में अवैध निर्माण, अतिक्रमण, अवैध रूप से संचालित मदरसे व स्लॉटर हाउस को बंद करने समेत अन्य मांगों को लेकर भाजपा, व्यापारी व हिन्दूवादी संगठन के पदाधिकारियों के एक शिष्टमंडल ने ईओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने पूर्व में बंद स्लॉटर हाउस को संचालित करने वाले अधिकारी, कर्मचारी व स्लॉटर हाउस संचालित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही न होने पर जमकर हंगामा काटा।
भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम जंतवाल के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारी, हिंदू संगठनों, व्यापारियों व स्थानीय जनता ने नगर पालिका सभागार में ईओ अभिनव कुमार से क्षेत्र में चल रहे अवैध मदरसे, स्लॉटर हाउस की जांच कर बंद कराने की मांग की। उन्होंने बाजारों से अतिक्रमण, मेथीसाह नाले के किनारे विशेष समुदाय द्धारा अतिक्रमण कर भवनों के निर्माण, साप्ताहिक हाट बाजार के प्रत्येक व्यापारी दरों को बोर्ड में अंकित, मुख्य बाजार से वाइन शॉप व अस्पताल के सामने से चिकन शॉप को स्थानांतरित करने, हनुमान मंदिर के समीप मांस के अवशेषों को फेकने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने बाबा श्याम के संकीर्तन में विशेष समुदाय के लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना की निंदा करते हुए बाहर से आ रहे विशेष समुदाय के राशन कार्ड, अधार कार्ड, जाति व स्थाई प्रमाण पत्रों की गहनता से जांच की मांग की। उन्होंने 7 दिन के अंदर में कोई कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन और नगर पालिका का घेराव करने की चेतावनी दी। ईओ अभिनव कुमार ने जल्द सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान दीवान सिंह बिष्ट, विनोद बुढलाकोटी, हरीश कनवाल, कुदंन बसेड़ा, शोभा पांडे, कविता वालिया, पूरन जोशी, भुवन कुमार, ममता साह, कैलाश बुढलाकोटी, विक्रम चौहान, दीपा देवी, मनोज पंत, गिरीश पडलिया, जगत सिंह, मयंक गुप्ता, नरेन्द्र सामंत, राजीव वालिया, मनोज पेटशाली, विनोद कुमार, गुड्डु चौहान, महेन्द्र दिगारी, जीवन भट्, राजू जंतवाल व कमल जंतवाल सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि व भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिशासी अधिकारी के समय से न पहुंचने पर की तालाबंदी
कालाढूंगी। भाजपा व हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधि व व्यापारियों का एक शिष्टमंडल सोमवार को सुबह 11 बजे अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार से मिलने पहुंचे। मगर ईओ एक बजे तक कार्यालय में नहीं पहुचने पर सभी का पारा चढ गया तो उन्होंने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। डेढ़ बजे पहुंचे अधिशासी अधिकारी को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूर्व में अवगत कराने के बावजूद ईओ के कार्यालय में न होने पर नाराजगी जताई।

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