हल्द्वानी समाचार

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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल हल्द्वानी में। तैयारियों में जुटा प्रशासन।

हल्द्वानी : देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल शनिवार को जनपद नैनीताल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे हल्द्वानी सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जिला प्रशासन ने उनके प्रस्तावित दौरे का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर तैयारियां पूरी कर ली हैं। डीएम ललित मोहन रयाल के अनुसार, रक्षा मंत्री पूर्वाह्न 11:15 बजे घोड़ाखाल हेलीपैड पहुंचेंगे। वे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में आयोजित हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत रक्षा मंत्री दोपहर 1:10 बजे घोड़ाखाल से प्रस्थान कर 1:30 बजे हल्द्वानी स्थित आर्मी हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद वे एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे, जहां उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के अनुसार, रक्षा मंत्री अपराह्न 3:25 बजे त्रिशूल एयर फोर्स स्टेशन के लिए प्रस्थान करेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

सुशीला तिवारी अस्पताल बना लूट व कमीशनखोरी का अड्डा, बाहर से दवा खरीदने व जांच कराने को मजबूर मरीज।

हल्द्वानी : कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सुशीला तिवारी अस्पताल में दवा और जांच के नाम पर खुलेआम कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। अस्पताल में दूर दराज से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों की जेब पर कमीशनखोरी का बोझ भारी पड़ रहा है। मरीज बाहर स्थित निजी मेडिकल शॉप से ऊंची कीमतों पर दवा खरीदने को मजबूर हैं। मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि यहां इलाज के नाम पर खुली लूट हो रही है। अस्पताल प्रबंधन के दावों के बावजूद डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। मजबूरी में मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ती है। डॉक्टरों के साथ ही अस्पताल का दवा केंद्र भी इस खेल में शामिल है। डॉक्टर की ओर से निशुल्क वाला पर्चा दिए जाने के बाद भी दवा केंद्र कर्मचारी बड़े अदब से बाहर से दवा खरीदने और अस्पताल के मेडिकल स्टोर में दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहता है। सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि जांचों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई जांचें अस्पताल में संभव होने के बावजूद मरीजों को निजी लैब्स में जांचें कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें निजी लैब्स में बेहतर जांच होने का प्रलोभन दिया जाता है, जहां मजबूरी में उन्हें दो से तीन गुना ज्यादा कीमतों पर जांचें करानी पड़ती हैं। अस्पताल प्रबंधन अक्सर यह दावा करता रहा है कि सभी आवश्यक दवाएं और जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जब इस मामले में अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करना चाहा तो उनसे बात नहीं हो पाई।

घरेलू सिलेंडर की आपूर्ति संकट ने बढ़ाई आम आदमी की मुश्किलें, बागजाला के लोगों ने किया प्रदर्शन।

हल्द्वानी : अखिल भारतीय किसान महासभा ने धरना स्थल बागजाला में खाली सिलेंडर के साथ प्रदर्शन कर गैस सिलेंडर संकट को जनता की रसोई पर बढ़ता हमला बताया। भाकपा माले के जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, घरेलू और व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की कई जगहों पर आपूर्ति संकट और लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता, छोटे व्यापारियों और निम्न आय वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तु का महंगा और दुर्लभ होना सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों को उजागर करता है।डॉ उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि, पिछले कुछ वर्षों में रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी को लगभग समाप्त कर दिया गया है। परिणामस्वरूप गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। दूसरी ओर व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों ने छोटे होटल, ढाबे, चाय की दुकानों और अन्य लघु कारोबारों को गंभीर संकट में डाल दिया है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को मुनाफा कमाने के तर्क पर चलाने की नीति अपना रही है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। दीवान सिंह बर्गली ने कहा कि, रसोई गैस कोई विलासिता नहीं बल्कि आम लोगों की बुनियादी जरूरत है। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर जनता को राहत देनी चाहिए।किसान महासभा ने सरकार से मांग की कि घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, रसोई गैस पर सब्सिडी को बहाल किया जाए, कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए और गैस सिलेंडरों की जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में विमला देवी, पंकज चौहान, दीवान सिंह बर्गली, ललित प्रसाद, हेमा आर्य, चन्दन सिंह मटियाली, दौलत सिंह कुंजवाल, ललित प्रशाद, दिनेश चंद्र, ललित मोहन गोस्वामी, प्रकाश, रामलाल, शहजाद, हरि गिरी, भगवती देवी आदि शामिल रहे।

116 वाहनों के चालान, 5 सीज -लालकुआं में परिवहन विभाग की 5 प्रवर्तन टीमों ने चलाया चेकिंग अभियान

हल्द्वानी : परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने शनिवार को लालकुआं क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। गौला नदी से लालकुआं गेट से खनिज सामग्री की निकासी में ओवरलोडिंग की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की। अभियान के तहत बरेली रोड और रामपुर रोड पर विशेष रूप से सघन चेकिंग की गई। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ प्रवर्तन जितेन्द्र सिंगवान ने किया। जिसमें कुल 5 टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान कुल 116 वाहनों के चालान किए गए, जबकि नियमों का गंभीर उल्लंघन करने पर 5 वाहन सीज किए गए। इसके अलावा एआरटीओ ने वन विकास निगम की चौकी का निरीक्षण कर वहां मौजूद कार्मिकों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में निर्धारित क्षमता से अधिक खनिज सामग्री का लदान नहीं किया जाए। साथ ही चौकी के रिकॉर्ड की भी जांच की गई। अन्य टीमों ने भी पैसेंजर वाहनों की जांच की, जिसमें ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। डीएम ललित रयाल के आदेश पर आरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे की ओर से गठित टीमों ने अभियान चलाया। अभियान में अनुभा आर्य (परिवहन कर अधिकारी), अपराजिता पांडे (परिवहन कर अधिकारी), आरसी पवार (परिवहन उपनिरीक्षक), गिरीश कांडपाल (परिवहन उपनिरीक्षक) और नंदन (परिवहन उपनिरीक्षक) आदि शामिल रहे।

यूओयू में 15 मार्च तक ले सकेंगे ऑनलाइन प्रवेश।

हल्द्वानी : यूजीसी के दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो के दिशानिर्देश पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने शीतकालीन सत्र के ऑनलाइन प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 मार्च कर दी है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने बताया कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि विवि का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक शिक्षार्थी उच्च शिक्षा से जुड़ सकें और किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो। विवि प्रशासन ने सभी अध्ययन केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे केंद्रों में अध्ययनरत शिक्षार्थियों को अगले सेमेस्टर/वर्ष में प्रवेश लेने के लिए समय पर सूचित करें। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व ही ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।

गंगा समिति की बैठक में एडीएम का स्वच्छता, एसटीपी निर्माण पर जोर, प्रदूषण बोर्ड को सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश।

हल्द्वानी : एडीएम विवेक राय की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगर निगम सभागार में गंगा समिति की बैठक हुई। जिस दौरान उन्होंने नगर निगम हल्द्वानी, सभी स्थानीय निकाय के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्वच्छता को लेकर जरूरी निर्देश दिए। उन्होने विभिन्न कार्यों की प्रगति समीक्षा के दौरान कैंचीधाम में एसटीपी का कार्य मार्च से शुरू करने के निर्देश दिए। सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए और नदी, सड़क किनारे कूड़ा नहीं दिखाई दे। उन्होंने कहा कि कैंचीधाम में एसपीटी के लिए 15 नाली भूमि राजस्व विभाग से पेयजल निगम को हस्तांतरित कर दी गई है और एसटीपी का कार्य मार्च से शुरू किया जाएगा। वीसी के माध्यम से जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल संस्थान के स्तर से जो भी एसटीपी के कार्य किये जा रहे हैं, उन्हें एक साथ ही किया जाए। इसके साथ ही प्रदूषण बोर्ड को लगातार मॉनिटरिंग करने और होटल कारोबारियों या किसी संस्थान की ओर से नदियों में कूड़ा और गंदा पानी छोड़ने पर कार्यवाही की जाए।बैठक में वीसी के माध्यम से अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान जारी है। शासन की ओर से 10 लाख की धनराशि की स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत ने 8 ब्लॉक में कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ा गाडियों की व्यवस्था की गई है। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि एग्रीकल्चर सेक्टर में 28 किसान सखियों के माध्यम से प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों की आय को दोगुना किए जाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके लिए किसान सखियों के माध्यम से ऐसे किसानों को सम्मिलित किया जाएगा जो जैविक व प्राकृतिक खेती में रूचि रखते हैं। उनके नंबर लोगों को शेयर किए जाएंगे। जिससे जैविक खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जायेगा।बैठक में नगर आयुक्त परितोष वर्मा, एसडीएम कैंचीधाम मोनिका, अध्यक्ष शिप्रा नदी समिति जगदीश नेगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

यूयूएसडीए के अपर प्रोजेक्ट निदेशक ने किया सीवर व पेयजल कार्यों का निरीक्षण।

हल्द्वानी : उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) देहरादून के अपर कार्यक्रम निदेशक ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) वित्तपोषित हल्द्वानी पेयजल एवं सीवरेज प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।निरीक्षण में कार्यस्थलों पर अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों का जायजा लिया गया। गहरी खुदाई वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात करने और चेतावनी बोर्ड, सूचना पट्ट, नाइट रिफ्लेक्टर और स्पीड ब्रेकर संकेतक निर्धारित दूरी पर लगाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं।परियोजना के अंतर्गत एसओपी में आंशिक संशोधन करते हुए फिलहाल नई पाइपलाइन खुदाई के कार्यों को अस्थायी रूप से स्थगित कर सड़क पुनर्निर्माण में तेजी लाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में 152 किमी सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 85 किमी डामर सड़कों पर सब-सर्फेसिंग का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। मुखानी रोड पर सीवर लाइन बिछाने के लिए तैयार किए गए ट्रेंचलेस पिट के आसपास सड़क चौड़ाई बढ़ाने के लिए फुटपाथ और नहर क्षेत्र का उपयोग करते हुए अस्थायी निर्माण किया गया है, जिससे यातायात सुचारु बना रहे। वहीं होली पर्व से पूर्व पनचक्की रोड पर ट्रेंचलेस पिट का कार्य पूर्ण कर मार्ग को सामान्य करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।यूयूएसडीए द्वारा वर्तमान में उन क्षेत्रों पर विशेष रूप से कार्य केंद्रित किया जा रहा है, जहां पेयजल आपूर्ति शीघ्र प्रारंभ की जा सकती है, ताकि नागरिकों को परियोजना का लाभ जल्द मिल सके।

हल्द्वानी में सड़क निर्माण कार्यों को मिली नई रफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था भी हुई मजबूत।

हल्द्वानी : सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के साथ हुए स्थलीय निरीक्षण के बाद यूयूएसडीए ने कार्ययोजना में महत्वपूर्ण सुधार करते हुए सड़क निर्माण कार्यों को नई दिशा दी है। निरीक्षण में मिले निर्देशों के क्रम में एडीबी परियोजना के अंतर्गत नई खुदाई के कार्यों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और अब प्राथमिकता सड़क पुनर्निर्माण को तेज गति से पूरा करने पर दी जा रही है। परियोजना के तहत अब तक 152 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा चुका है, जबकि 85 किलोमीटर सब-सर्फेसिंग पूर्ण हो चुकी डामर सड़कों पर भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।मुखानी रोड पर सीवर लाइन बिछाने के लिए बनाए गए ट्रेंचलेस पिट के पास सड़क की चौड़ाई बढ़ाने हेतु फुटपाथ तोड़कर अस्थायी निर्माण किया गया है, ताकि यातायात प्रभावित न हो। इसी प्रकार ट्रेंचलेस पिट स्थलों पर यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्यदायी संस्था द्वारा अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। गहरी खुदाई वाले कार्यस्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जा रही है। साथ ही, कार्यस्थल से पहले निर्धारित दूरी पर गति नियंत्रण हेतु अतिरिक्त चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। कठगरिया से चौफुला के बीच नहर कवरिंग कार्य के दौरान पाइप लाइन बिछाने के पश्चात सड़क की ड्रेसिंग कर समतलीकरण किया गया है, जिससे यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। वहीं, 22 फरवरी को पनचक्की रोड पर घटित घटना स्थल पर भी फुटपाथ तोड़कर अस्थायी चौड़ीकरण किया गया है। प्रशासन ने होली पर्व से पूर्व दो ट्रेंचलेस पिट का कार्य पूर्ण कर उन्हें बंद करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण : सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, 19–31 मार्च तक होगा बड़ा सर्वे अभियान।

हल्द्वानी। बनभूलपुरा के बहुचर्चित रेलवे प्रकरण में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने मामले को नया मोड़ दे दिया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को क्षेत्र में विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेशानुसार रमजान के बाद 19 मार्च से 31 मार्च तक विशेष सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान संयुक्त टीमें क्षेत्र में रह रहे लोगों का सत्यापन करेंगी और उनके दस्तावेजों की गहन जांच करेंगी। सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में कितने परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हैं।
अदालत के निर्देशानुसार 31 मार्च के बाद सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी। अब यह सर्वे पूरी तरह अदालत की निगरानी में होगा, जिसे आगामी निर्णय के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों की निगाहें सर्वे प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं। बनभूलपुरा का यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है और आने वाले दिनों में सर्वे की रिपोर्ट ही तय करेगी कि आगे की तस्वीर क्या होगी।

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले की सुनवाई आज, अलर्ट पर पुलिस व प्रशासन।

हल्द्वानी : बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हल्द्वानी का बनभूलपुरा क्षेत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स मंगाई है, जबकि आईआरबी और पीएसी की टुकड़ियां भी हल्द्वानी पहुंच चुकी हैं। क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहरी जनपदों से भी पुलिस बल बुलाया गया है।सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने क्षेत्रवासियों से शांति बनाए रखने और न्यायालय के निर्णय का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश का अनुपालन करना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।गौरतलब है कि रेलवे ने बनभूलपुरा क्षेत्र में लगभग 80 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमित बताते हुए उसे खाली कराने की मांग की है। इस संबंध में मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है और इस पर लगातार सुनवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 4300 भवन स्थित हैं, जिनमें हजारों लोग निवास करते हैं। ऐसे में आज की सुनवाई को लेकर क्षेत्र में हलचल तेज है और हजारों परिवारों की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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