हल्द्वानी समाचार

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हल्द्वानीः आयुक्त दीपक रावत की पहल से मिला भूमि का न्याय

हल्द्वानी समाचार। जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए आयुक्त/सचिव मा. मुख्यमंत्री श्री दीपक रावत की पहल पर एक भूमि विवाद का समाधान सफलतापूर्वक किया गया। तहसील लालकुआं अंतर्गत हिमंतपुर चौमवाल, मोटाहल्दू निवासी हरीश चन्द्र शर्मा ने लगभग दो माह पूर्व जनता मिलन कार्यक्रम में भूमि से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत के अनुसार, हरीश चन्द्र शर्मा ने बाजपुर निवासी प्रेम सिंह से 7 हजार वर्गफीट भूमि क्रय की थी, जिसकी रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी, लेकिन पैमाइश के दौरान 600 वर्गफीट भूमि की कमी सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया। जिसमें भूमि की वास्तविक कमी की पुष्टि हुई। इसके उपरांत आयुक्त के निर्देश पर अभिलेखीय सत्यापन एवं अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर शिकायतकर्ता को उसकी संपूर्ण खरीदी गई भूमि उपलब्ध करा दी गई। आज 17 जुलाई को हरीश चन्द्र शर्मा ने आयुक्त से भेंट कर उनके सहयोग और त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया। इस अवसर पर आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि प्रशासन जनहित एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से जुड़े हर मामले को प्राथमिकता से सुलझाया जाएगा।

कार्यालय में शराब पीकर पहुंचा कर्मचारी निलंबित

चंपावत। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में कार्यालय अवधि में नशे की हालत में मिलने पर कनिष्ठ सहायक (स्थापना) दिनेश चंद्र को निलंबित कर दिया गया है। दिनेश 10 जुलाई को कार्यालय अवधि के दौरान नशे की हालत में पाए गए थे। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने उनका जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय परीक्षण कराया। जहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरांग जोशी की रिपोर्ट में कनिष्ठ लिपिक के मद्यपान की पुष्टि हुई। पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत 500 रुपये जुर्माना भी लगाया।

जिला पंचायत राज अधिकारी भूपेंद्र आर्य ने प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के नियम-4(1) के तहत दिनेश को निलंबित करते हुए उन्हें सीडीओ कार्यालय चंपावत से संबद्ध किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार अनुमन्य जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

रेलवे ने कसी कमर, अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोज़र

लालकुंआ न्यूज। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लंबे समय तक कुंभकरणी नींद में रहने के बाद रेलवे प्रशासन आखिरकार हरकत में आया गया है। योजना के तहत रेलवे स्टेशन क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। हल्द्वानी और लालकुआं रेलवे स्टेशन के आसपास फैले अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। रेलवे, वन विभाग, राजस्व विभाग, नगर निगम और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त बैठक हल्द्वानी तहसील में आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि रेलवे की भूमि पर किए गए अतिक्रमण की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।

बैठक के तुरंत बाद संयुक्त टीम ने हल्द्वानी और लालकुआं रेलवे स्टेशन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। सर्वे का काम आज से शुरू कर दिया गया है। अतिक्रमण चिन्हित कर उसकी एक समेकित रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन की मानें तो जनहित और रेलवे की विकास योजनाओं को देखते हुए अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। इस अभियान से रेलवे की जमीन को पुनः कब्जे में लेकर यात्री सुविधाओं के विकास और स्टेशन आधुनिकीकरण के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मनरेगा के कामों में गड़बड़ी, दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

हरिद्वार। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में अनियमितताओं को लेकर हरिद्वार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के क्रियान्वयन में घोटाले की पुष्टि होने के बाद जिला विकास अधिकारी ने दो ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ग्राम गढ़ और आन्नेकी, विकास खंड बहादराबाद में मनरेगा के अंतर्गत कार्यों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी रविन्द्र सैनी और प्रमोद सैनी को दोषी पाया गया, जिसके आधार पर दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा जैसे जनहितकारी योजनाओं में गड़बड़ी को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में अन्य ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से दोहराया गया है कि मनरेगा जैसी योजनाओं में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि है। भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

पिथौरागढ़ः नाचनी डाकघर में डाक निरीक्षक 15 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

पिथौरागढ़ न्यूजः सीबीआई ने बुधवार को नाचनी डाकघर में तैनात डाक निरीक्षक शशांक सिंह राठौर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह रकम उन्होंने बागेश्वर जिले के खेती गांव निवासी दुकानदार सुरेश चंद से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत मिले लोन की सब्सिडी पास कराने के नाम पर मांगी थी।सीबीआई के अनुसार, सुरेश चंद की नाचनी में ‘ममता म्यूजिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से दुकान है। उन्होंने 3 जनवरी 2020 को जिला उद्योग केंद्र, पिथौरागढ़ से छह लाख रुपये का लोन लिया था, जिसमें से 2.10 लाख रुपये की सब्सिडी मिलनी थी। इसके लिए नाचनी डाकघर से सत्यापन रिपोर्ट जरूरी थी। जब सुरेश चंद ने डाक निरीक्षक राठौर से संपर्क किया, तो उन्होंने फाइल में कमियां बताकर मामले को टालना शुरू कर दिया। 20 जून को सुरेश चंद ने दोबारा संपर्क किया, तब राठौर ने पोस्ट मास्टर नंदन गिरी और डाकिया खुशाल सिंह के माध्यम से 21 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। सुरेश चंद ने इसकी शिकायत सीबीआई से की और राठौर से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सौंपी। रिकॉर्डिंग में राठौर 15 हजार रुपये पर सहमत हो गया। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई की ट्रैप टीम ने बुधवार को नाचनी डाकघर में राठौर को सुरेश चंद से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इस मामले में पोस्ट मास्टर और डाकिया की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। आरोपी को गुरुवार को स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हल्द्वानी नें अतिक्रमण पर लाल निशान की कार्रवाई शुरू

हल्द्वानी : रकसिया एवं कलसिया नालों पर संचालित अतिक्रमण हटाने की चरणबद्ध कार्य योजना के क्रम में, उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के निर्देशन में संबंधित क्षेत्रों में अतिक्रमण चिह्नीकरण, भौतिक सीमांकन एवं अभिलेखीय सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। नालों की वास्तविक सीमाओं की पहचान कर अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि आगामी चरण में विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

पूर्व में देवखड़ी एवं रकसिया नालों के किनारे अतिक्रमणों की प्राथमिक पहचान की जा चुकी थी, जिन पर नोटिस जारी किए गए थे। प्राप्त आपत्तियों के समाधान हेतु शिविरों का आयोजन कर मौके पर भौतिक सत्यापन किया गया। आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत आज भूमि अभिलेखों के आधार पर नालों की सीमाओं का मिलान करते हुए लाल निशान (Red Marking) द्वारा अतिक्रमणों को चिह्नित किया जा रहा है।
हल्द्वानी : रकसिया एवं कलसिया नालों पर संचालित अतिक्रमण हटाने की चरणबद्ध कार्य योजना के क्रम में, उपजिलाधिकारी हल्द्वानी के निर्देशन में संबंधित क्षेत्रों में अतिक्रमण चिह्नीकरण, भौतिक सीमांकन एवं अभिलेखीय सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। नालों की वास्तविक सीमाओं की पहचान कर अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि आगामी चरण में विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

पूर्व में देवखड़ी एवं रकसिया नालों के किनारे अतिक्रमणों की प्राथमिक पहचान की जा चुकी थी, जिन पर नोटिस जारी किए गए थे। प्राप्त आपत्तियों के समाधान हेतु शिविरों का आयोजन कर मौके पर भौतिक सत्यापन किया गया। आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत आज भूमि अभिलेखों के आधार पर नालों की सीमाओं का मिलान करते हुए लाल निशान (Red Marking) द्वारा अतिक्रमणों को चिह्नित किया जा रहा है। इसी प्रकार रकसिया नाले में बिठौरिया नंबर 1 , चंबल पुल क्षेत्र में कुल 20 चिन्हित अतिक्रमण का स्थलीय निरीक्षण कर मार्किंग कार्य किया गया। इस कार्यवाही के दौरान उपजिलाधिकारी राहुल शाह स्वयं दोनों क्षेत्रों में पहुंचे एवं सीमांकन कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सटीक व पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अभियान में मनीषा बिष्ट, तहसीलदार हल्द्वानी, कुलदीप पांडेय, तहसीलदार लालकुआँ, GIS विश्लेषक, कानूनगो, तथा राजस्व टीम सक्रिय रूप से सम्मिलित रही और सीमांकन से लेकर अभिलेखीय सत्यापन तक की सभी प्रक्रिया में भाग लिया।

चुनाव से पहले शराब तस्करों पर पुलिस का शिकंजा

हल्द्वानी समाचार। आचार संहिता में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का तोबड़तोड़ अभियान जारी है। रामनगर, काठगोदाम और बेतालघाट पुलिस ने अलग-अलग मामलों में चार तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी और देसी शराब बरामद की है।
काठगोदाम थानाध्यक्ष पंकज जोशी के नेतृत्व में टीम ने गौला पुल रोड के पास चेकिंग के दौरान जांच के लिए एक ई-रिक्शा को रोका। पुलिस ने ई-रिक्शा से अंग्रेजी शराब की 7 पेटियां बरामद की। जिसके बाद पुलिस ने ई-रिक्शा चालक पटरानी खन्स्यू निवासी देव सिंह पुत्र मोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं रामनगर कोतवाल अरुण कुमार सैनी और उनकी टीम ने 3 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ सुमित वर्मा पुत्र अरविन्द वर्मा निवासी ख्य्याम बार रामनगर और आनन्द पुत्र भीमराम निवासी पनौली रानीखेत अल्मोड़ा को गिरफ्तार किया। जबकि बेतालघाट थानाध्यक्ष अनीश अहमद और उनकी टीम ने त्रिलोक चंद्र पुत्र स्व. विशन राम निवासी ग्राम दनखौरी ऊंचाकोट बेतालघाट को घिरौली पुल के पास से 98 टेट्रा पैक देसी शराब के साथ पकड़ा।

शौचालय विवाद में फंसी प्रधान प्रत्याशी को हाईकोर्ट से राहत

नैनीताल: घर में शौचालय नहीं होने के कारण ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। प्रत्याशी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं आलोक महरा की खंडपीठ ने बुधवार को याचिका परसुनवाई कर नामांकन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए कि प्रत्याशी को शीघ्र चुनाव चिन्ह जारी करें। मामला टिहरी जिले का है।


सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया कि नामांकन और उसकी जांच हो चुकी है। शपथ पत्र के मुताबिक उनका नामांकन सही नहीं पाया गया। कमेटी ने जांच के बाद ही नामांकन पत्र निरस्त किया है। इस पर विरोध दर्ज कराते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि नामांकन नियमों के विरुद्ध जाकर निरस्त किया गया है। जरूरी नहीं कि घर के अंदर ही शौचालय हो। उनका शौचालय घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर है तो किस आधार पर उनका नामांकन निरस्त किया जा सकता है।


मामले के अनुसार, टिहरी जिले की निवासी कुसुम कोठियाल ने याचिका में बताया कि वे ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं लेकिन चुनाव आयोग ने उनका नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया कि उनके घर में शौचालय नहीं है। याचिका के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय घर के अंदर न होकर बाहर होते हैं, जो उनके घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर बना है और वह भी उनका व्यक्तिगत शौचालय है न कि सार्वजनिक इसलिए उनके नामांकन पत्र को बहाल किया जाए।

पंचायत चुनाव की याचिका हाईकोर्ट में निस्तारित

नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने बरसात के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 12 जिलों में कराए जा रहे पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। 
मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं सचिव पंचायती राज की तरफ से शपथपत्र पेश करते हुए कहा गया कि पंचायत चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राज्य सरकार और पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्वक चल रही है। इससे चुनाव में कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा। शपथ पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।


हाईकोर्ट में सचिव पंचायती राज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। मंगलवार को भी उनके द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया था कि पंचायत चुनाव और कांवड़ यात्रा को व्यवस्था के अनुरूप चलाया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश की 30 प्रतिशत फोर्स लगा रखी है। 10 प्रतिशत पुलिस चारधाम यात्रा में है। होने वाले चुनाव के लिए  विभाग ने 10 प्रतिशत फोर्स रिजर्व रखी है। चुनाव और कांवड़ के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भी विभाग ने फोर्स को रिजर्व में  रखा है। वहीं, चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया कि आयोग को चुनाव कराने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जहां तक कांवड़ मेले का सवाल है तो इसमे खासकर हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली के कांवड़िये आ रहे हैं जिनका प्रथम जत्था चुनाव की प्रथम तिथि से पहले समाप्त हो जाएगा। सचिव द्वारा यह भी कहा गया कि कांवड़ से प्रभावित जिलों में चुनाव दूसरे फेज में हैं। डीजीपी द्वारा कोर्ट के निर्देश पर शपथ पत्र पेश किया गया।


मामले के अनुसार, देहरादून निवासी डॉ. बैजनाथ ने जनहित याचिका में कहा था कि अभी राज्य में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम चल रहा है। वहीं, दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा, चारधाम यात्रा और बरसात का सीजन भी चल रहा। प्रदेश में बाढ़ राहत के बचाव में प्रशासन, पुलिस व एसडीआरफ की टीमें लगी हैं। ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव कराना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की कि पंचायत चुनाव की तारीख अगस्त महीने में घोषित की जाए। इस पर कोर्ट ने वास्तविकता जानने के लिए डीजीपी और सचिव को वीसी के माध्यम से पेश होने को कहा था।

हरेला पर्व पर वन विभाग व भिटोली समूह ने किया पौधरोपण

हल्द्वानी। मंगलवार को हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मनोर रेंज वन विभाग द्वारा गेठिया के छिनकुआ क्षेत्र में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में भिटोली परिवार समूह की महिलाओं ने सहभागिता कर सहयोग प्रदान किया।कार्यक्रम में बेल, आंवला, रीठा, तेजपात जैसे पर्यावरण व स्वास्थ्य हितैषी पौधे लगाए गए।

महिलाओं ने पौधों की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी भी ली।इस अवसर पर मनोर रेंज के रेंजर मुकुल चंद्र शर्मा, वीट अधिकारी हीरा गोस्वामी मौजूद रहे। कार्यक्रम में समूह की महिलाएं विनिता बोरा, रक्षिता बोरा, नेहा राम सिंह, बीनू बोरा तथा वीरेंद्र सिंह बोरा समेत अन्य ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।रेंजर मुकुल चंद्र शर्मा ने बताया कि हरेला पर्व प्रकृति से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और ऐसे आयोजनों से समाज में पर्यावरण संरक्षण की भावना और मजबूत होती है।भिटोली परिवार समूह की महिलाओं ने वन विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

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