स्वच्छता समिति पर गंभीर सवाल : सफाई व्यवस्था के नाम पर खेल, निगम कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप।

हल्द्वानी : शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गठित नगर निगम की स्वच्छता समिति अब आमजन की सुविधा के बजाय कुछ सफाई नायकों और निगम कर्मचारियों के फायदे का जरिया बनती दिखाई दे रही है। जनता से विभिन्न टैक्सों के रूप में वसूले जा रहे करोड़ों रुपये सरकार द्वारा मूलभूत सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आरोप है कि जमीनी स्तर पर इन पैसों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।सूत्रों के अनुसार स्वच्छता समिति में सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। आरोप है कि निगम कर्मचारियों की मनमानी के चलते एक ही परिवार के कई सदस्यों को सफाई कर्मी के रूप में नियुक्त कर दिया गया, जबकि इनमें से कई कर्मचारी कभी धरातल पर कार्य करते नजर नहीं आते।सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ सफाई नायक कथित रूप से सफाई कर्मियों से काम न करने के बदले खुलेआम पैसे वसूल रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित सफाई निरीक्षक पूरे मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक सफाई कर्मचारी ने बताया कि सफाई नायकों की गतिविधियों की पूरी जानकारी सफाई निरीक्षक को रहती है, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। कर्मचारी का आरोप है कि जो भी सफाई कर्मी नगर आयुक्त से शिकायत करने की कोशिश करता है, उसका ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि शिकायतों और जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई संदेह खड़े करता है।अब मामला शहरी विकास विभाग तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रकरण की शिकायत शहरी सचिव डॉ. आर. राजेश से की जाएगी, ताकि नगर निगम की सफाई व्यवस्था और स्वच्छता समिति में चल रही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो सके।