
हल्द्वानी : शहर में अवैध शराब कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि लाइसेंसी ठेकों पर 2000 रुपए में बिकने वाली बैलेंटिन शराब खुलेआम महज 1400 रुपए में घर-घर पहुंचाई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आबकारी विभाग की आंखों के सामने चल रहे इस खेल पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?सूत्रों के अनुसार बाहरी राज्यों से लाई जा रही शराब शहर में कम कीमत पर धड़ल्ले से बेची जा रही है। इससे न सिर्फ लाइसेंसधारी कारोबारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व को भी भारी चपत लग रही है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय सिर्फ दावे और बयानबाजी तक सीमित
नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जब अवैध शराब बिक्री को लेकर जब जिला आबकारी अधिकारी धीरेंद्र बिष्ट और आबकारी इंस्पेक्टर मीनाक्षी टम्टा से सवाल पूछा गया तो उनकी ओर से कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता से ही सबूत, लोकेशन और मौके पर मौजूद रहने की शर्त रखी जाती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर विभाग खुद क्या कर रहा है? क्या आबकारी विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गया है? शहर में खुलेआम हो रही होम डिलीवरी और सस्ती शराब की बिक्री ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार चल रहा है? क्या विभाग पर किसी तरह का दबाव है या फिर मिलीभगत के चलते कार्रवाई से बचा जा रहा है? अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग के उच्चाधिकारी इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हैं या फिर अवैध शराब माफिया इसी तरह सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते रहेंगे।
