हल्द्वानी : नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वच्छता समिति के तहत नियुक्त किए गए पर्यावरण मित्र जमीनी स्तर पर काम करते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। आरोप है कि नगर निगम में रसूखदार कर्मचारियों ने अपने परिवार के कई सदस्यों को स्वच्छता समिति में लगवा रखा है, जिसके चलते कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। वार्ड-8 की कई महिलाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र में सफाई की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उनका आरोप है कि सफाई नायक राहत मसीह को कई महीनों से इलाके में नहीं देखा गया। जब सफाई कर्मचारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि राहत मसीह की जगह उनका बेटा रोहित काम देखता है, जो स्वयं भी स्वच्छता समिति में तैनात है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोहित सफाई कार्य करने के बजाय अधिकतर समय बैठा रहता है, जबकि कई सफाई कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर रहते हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से कूड़ा वाहन क्षेत्र में नहीं पहुंचता तो मोहल्ले की स्थिति बदतर हो जाती। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी अनदेखी का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों की ढिलाई के कारण सफाई कर्मचारियों में किसी प्रकार का डर नहीं रह गया है। इतना ही नहीं, क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि सफाई इंस्पेक्टर और सफाई नायकों की मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।








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