
हल्द्वानी समाचार : दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को हल्द्वानी में छात्र और बेरोजगार युवा सड़कों पर उतर आए। एमबीपीजी कॉलेज से तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क तक निकाली गई विरोध रैली में छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी कमल बोरा के नेतृत्व में निकली रैली में छात्रसंघ सचिव मनीष चंद्र, छात्र मेहुल समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शनकारी “सवाल पूछना गुनाह नहीं, लोकतंत्र की पहचान है” और “शिक्षा पर ध्यान दो, नफरत पर नहीं” जैसी तख्तियां लेकर बुद्ध पार्क तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। इस दौरान “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “आवाज दो, हम एक हैं” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि नीट पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।छात्र महासंघ कुमाऊं विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट रक्षित बिष्ट ने कहा कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ किया गया व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रा ऋतिका ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग उचित नहीं है तथा सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। लॉ की छात्रा प्रियंका अधिकारी ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर छात्रों की आवाज दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। छात्रसंघ सचिव मनीष चंद्र ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना होगा, जबकि छात्र मेहुल ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बुद्ध पार्क में आयोजित सभा में कमल बोरा ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है और यदि छात्र हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
