बागजाला में अधिकारों की लड़ाई 77वें दिन भी जारी, ग्रामीणों ने कहा कारपोरेट के गुलाम शासक वर्ग को सिर्फ कुर्सी की चिंता।

हल्द्वानी। अपना घर–जमीन बचाने और मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग पर बागजाला में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 77वें दिन भी जारी रहा।धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) पिथौरागढ़ जिला सचिव कामरेड गोविन्द कफलिया ने कहा कि भाजपा की धामी सरकार ने केवल प्रचार और दिखावे पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए, लेकिन जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रखा। उन्होंने कहा, “यह सरकार हमेशा चुनावी मोड में रहती है, इसकी निष्ठा जनता के प्रति नहीं बल्कि पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों के प्रति है। शासक वर्ग जनता की आवाज तभी सुनता है जब उसे अपनी कुर्सी खतरे में दिखती है।”उन्होंने आश्वासन दिया कि लाल झंडे की ताकत और मजदूर–किसान–मेहनतकशों की एकता ही हक और अधिकार दिलाएगी।धरना स्थल पर वक्ताओं ने बागजाला को मालिकाना अधिकार देने, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, पंचायत चुनाव के अधिकार बहाल करने, विकास कार्य शुरू करने और पेयजल योजना चालू करने समेत 8 सूत्री मांगों को दोहराया।धरना सभा में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी, डा. उर्मिला रेंशवाल, चन्दन सिंह मटियाली, हरक सिंह बिष्ट, भोला सिंह, वेद प्रकाश, मीना भट्ट, सुनीता देवी, हेमा देवी, सुलेमान, गंगा कफलिया, मारूफ अली, देवकी देवी समेत अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।