हल्द्वानी समाचार

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10 करोड़ की ड्रग्स लेकर भाग रही थी महिला, नेपाल बॉर्डर पर ऐसे हुई गिरफ्तार!

चंपावत। उत्तराखंड में पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चंपावत जिले में एसओजी और पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए 10 करोड़ 23 लाख मूल्य की एमडीएमए ड्रग के साथ 22 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। महिला के पति और साथी की तलाश जारी है। दोनों मुम्बई में एक मामले में भी वांछित हैं। कुमाऊं पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रिद्धिम अग्रवाल ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुम्बई की ठाणे पुलिस द्वारा पिथौरागढ़ में मादक द्रव्य अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के बाद चंपावत और पिथौरागढ़ पुलिस की ओर से नेपाल सीमा पर तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जा रही थी। इसी के तहत आज सुबह टनकपुर पुलिस उपाधीक्षक वन्दना वर्मा टनकपुर के पर्यवेक्षण में एसओजी प्रभारी लक्ष्मण सिंह जगवाण एवं थाना प्रभारी सुरेन्द्र सिंह कोरंगा के नेतृत्व में 14 सदस्यीय पुलिस टीम द्वारा नेपाल सीमा के निकट शारदा नहर (गढ़ीगोठ पुल, पम्पापुर) क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक महिला ईशा पत्नी राहुल कुमार निवासी ग्राम पम्पापुर, थाना-बनबसा, जनपद-चम्पावत एक पिट्ठू बैग लेकर नहर की ओर भागती नजर आयी। महिeला को रोककर बैग की तलाशी ली गई जिसमें से 5.688 किलोग्राम मेथाएमफेटामाइन (एमडीएमए) ड्रग्स बरामद किया गया। इसे एमडी के नाम से भी जाना जाता है।

आरोपी के विरुद्ध थाना बनबसा में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है । महिला ने स्वीकार किया कि बरामद एमडीएमए को उसका पति राहुल कुमार व उसका सहयोगी कुनाल कोहली विगत 27 जून को पिथौरागढ़ से लाए थे। दोनों ठाणे (मुम्बई) में पंजीकृत एक अभियोग में वांछित हैं। वह बरामद माल को शारदा नहर में फेंकने जा रही थी। आईजी ने बताया कि एमडीएमए एक सिंथेटिक ड्रग्स है और इसे मौली या एक्स्टसी भी कहा जाता है।

इसका प्रभाव मेथाम्फेटामाइन जैसे उत्तेजक पदार्थों के समान होता है। यह पश्चिमी देशों में युवाओं के बीच लोकप्रिय है और भारत में भी क्लब संस्कृति में कुलीन वर्ग के बीच इसका उपयोग बढ़ रहा है । अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10.23 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। पुलिस राहुल कुमार व कुनाल कोहली की तलाश में जुट गई है। पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जाँच कर रही है।

परिवहन निगम की वॉल्वो सेवा बनी घाटे का सौदा, ऑनलाइन पोर्टल से हटाई बसें

हल्द्वानी: उत्तराखंड परिवहन निगम की वॉल्वो सेवा अब घाटे का सौदा साबित हो रही है। यात्रियों की लगातार कम होती संख्या और बढ़ते खर्च के चलते काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो से संचालित वॉल्वो बस सेवाओं को बंद किया जा रहा है। निगम ने कई नियमित ऑनलाइन सेवाओं को पोर्टल से हटा दिया है। काठगोदाम डिपो ने अपनी निर्धारित ऑनलाइन सेवा सुबह 5 बजे, 9:30 बजे,10:30 बजे,11:30 बजे,1:30 बजे दिन में और रात्रि 11 बजे की सेवा जबकि हल्द्वानी डिपो ने सुबह 6 बजे और रात्रि 9 बजे की सेवा को ऑनलाइन से हटा दिया है। ये बसें अब यात्रियों के अभाव में ऑफलाइन भी नही जा सकेंगी। इन बसों में काठगोदाम डिपो की बस संख्या यूके 07 पीए 3964 और यूके 07 पीए 3965 का अनुबंध इसी माह की 21 जुलाई को खत्म हो रहा है, जबकि 3 वॉल्वो बसें यूके 04 पीए 1519, 1520 और 1522 का अनुबंध 20 अगस्त को समाप्त हो रहा है। बची कुछ बसों का अनुबंध भी कम समय के लिए है। हल्द्वानी डिपो से चलने वाली वाल्वो बसें तो अभी नई हैं, लेकिन एमडी की ओर से सभी डिपो को कम यात्री होने पर ऑनलाइन बसों की संख्या कम करने का आदेश दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो वॉल्वो बसों का प्रति चक्कर भाड़ा भी बस मालिकों को ज्यादा जाता है। वर्तमान में इसका खर्च निकालना भी विभाग के लिए टेड़ी खीर बन गया है। उत्तराखंड परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक लेकर सभी डिपो की यथा स्थिति को जाना और विभागीय घाटा कम करने पर अमल करने को कहा।

प्रवर्तन कार्रवाई में एक ही दिन में 117 चालान, 6 वाहन सीज

हल्द्वानी : सड़क दुर्घटनाओं और अनधिकृत वाहन संचालन पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया। शुक्रवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान 117 वाहनों के चालान किए गए और नियमों का उल्लंघन करने पर 6 वाहनों को सीज किया गया।कार्रवाई का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र सांगवान, परिवहन अधिकारी गोविंद सिंह, परिवहन निरीक्षक अनुभा आर्य, गिरीश कांडपाल, आरसी पवार और नंदन रावत ने किया। अभियान हल्द्वानी-कालाढूंगी, हल्द्वानी-नैनीताल, हल्द्वानी-भीमताल और हल्द्वानी- नैनीताल मार्गों पर चलाया गया।इस दौरान टैक्सी, मैक्सी, बस, मोटरसाइकिल, टैक्सी बाइक, कार, ई-रिक्शा, ऑटो और ट्रक जैसे विभिन्न वाहनों की जांच की गई। जिसमें ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीटबेल्ट, अवैध पार्किंग, मानक से बड़ी लगेज, नंबर प्लेट गड़बड़ी और परमिट शर्तों का उल्लंघन जैसे मामले सामने आए। जिस पर सख्त कार्रवाई की गई।अभियान के दौरान सहायक परिवहन निरीक्षक अनिल कार्की, गोधन सिंह, अरविंद सिंह ह्यांकी, मो. दानिश और प्रवर्तन चालक महेंद्र कुमार, विनोद कुमार समेत अन्य स्टाफ शामिल रहा।आरटीओ प्रवर्तन गुरदेव ने स्पष्ट किया कि चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। बताया कि विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसना है।

परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में 114 चालान, 5 वाहन सीज

हल्द्वानी: परिवहन विभाग की ओर से हल्द्वानी सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार को नियमों के उल्लंघन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 114 वाहनों के चालान और 5 वाहनों को सीज किया गया। कार्रवाई में ट्रक, बस, टैक्सी, मैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी बाइक और निजी कारें शामिल रहीं।
अभियान का नेतृत्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र सांगवान, परिवहन कर अधिकारी गोविंद सिंह, अनुभा आर्य, निरीक्षक आरसी पवार, गिरीश कांडपाल और नंदन रावत ने विभिन्न क्षेत्रों में किया। चेकिंग के दौरान टैक्स, फिटनेस, परमिट शर्तों, ओवरस्पीड, हेलमेट-सीटबेल्ट, ओवरलोडिंग, नो पार्किंग समेत विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई।
शहर में 12 ई-रिक्शा और ऑटो चालकों पर यूनिफॉर्म न पहनने पर कार्रवाई की गई, जबकि नैनीताल में नो पार्किंग सहित अन्य मामलों में 35 वाहनों के चालान किए गए।
अभियान में सहायक परिवहन निरीक्षक चंदन सुप्याल, गोधन सिंह, चंदन ढैला, अनिल कार्की, अरविंद सिंह और मोहम्मद दानिश भी शामिल रहे। आरटीओ प्रवर्तन गुरदेव सिंह ने आगे भी अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।

रकसिया आउटफॉल से 10 गांवों को राहत, मेयर ने जताया आभार

-मेयर गजराज बिष्ट ने बुधवार को रकसिया नाले का किया निरीक्षण
हल्द्वानी : शहर के विकास कार्यों के अंतर्गत एडीबी सहायतित यूयूएसडीए परियोजना के तहत रकसिया नाले पर 30 करोड़ की लागत से बने भूमिगत आउटफॉल नाले का निर्माण पूरा कर लिया गया है। 1.5 किमी लंबाई के इस भूमिगत नाले के बनने से हल्दुपोखरा नायक, हिम्मतपुर बैजनाथ, गुसाईंपुर, पांडेय नेवार, पूरनपुर, आनंदपुर, प्रेमपुर लोशज्ञानी सहित 10 गांवों को हर साल बरसात में होने वाले जलभराव से राहत मिली है। इस बार बरसाती पानी गांवों में घुसने के बजाय पांडे नेवार के आगे जंगल की ओर बह गया।
मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने बुधवार को नाले के निरीक्षण के दौरान कहा कि यह कार्य हल्द्वानी के आमूलचूल विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार का आभार जताते हुए कहा कि हल्द्वानी को सौंपे गए 2000 करोड़ रुपये की सहायता से शहर के कई विकास कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नाले के ऊपर सड़क निर्माण कार्य भी जारी है और शहर में जलभराव की समस्या वाले अन्य क्षेत्रों के लिए भी समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि वह स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और अधिकारियों को जलभराव से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। बताया कि यूयूएसडीए के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह, उनकी टीम और नगर निगम के सहयोग से यह कार्य संभव हो पाया है।

भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रकसिया, देवखड़ी और शेर नाले उफान पर

शहर में कई जगह जलभराव से यातायात प्रभावित, नगर निगम-प्रशासन की टीम ने किए राहत कार्य
हल्द्वानी : बुधवार को हुई भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। रकसिया, देवखड़ी, कलसिया और चोरगलिया स्थित शेर नाले के उफान पर आने से कई क्षेत्रों में पानी भर गया।
देवखड़ी नाले के उफान पर आने से हाइडिल क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सड़कों पर पानी भरने से लंबा जाम लग गया। रकसिया नाले से भी बड़ी मात्रा में पानी बहने से आसपास के इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, वर्कशॉप लाइन में प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के पास पेड़ गिरने व नाला चोक होने से पानी ओवरफ्लो कर गया, जिससे स्थानीय दुकानदारों, वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही एसडीएम राहुल शाह और नगर आयुक्त ऋचा सिंह अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीनों की मदद से तत्काल जल निकासी का कार्य शुरू करवाया। चोरगलिया क्षेत्र का शेर नाला भी उफान पर रहा, जिससे कई घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा।
दमुवाढूंगा क्षेत्र में भी कई स्थानों पर जलभराव की सूचना मिलने पर नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने तत्काल राहत कार्य किए। यहां नगर आयुक्त ने नाले के ओवरफ्लो को देखते हुए एक घर खाली कराया। रकसिया, कलसिया और देवखड़ी नालों का जलस्तर अभी भी बढ़ा हुआ है, जिसको देखते हुए प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने बताया कि शहर की सभी नालियों और नालों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और प्रभावित इलाकों में तेजी से पानी की निकासी का कार्य कराया जा रहा है।

बिड़ला स्कूल के पास सड़क बनी दलदल-
बिड़ला स्कूल के पास रकसिया नाले ने अपना रौद्र रूप दिखाया। यहां नाला ओवरफ्लो होने से सड़क दलदल बन गई। जिस वजह से वाहनों के आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ और काफी देर तक जाम की स्थिति पैदा हो गई। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान सामने स्थित बिड़ला स्कूल में छुट्टी का समय होने के कारण स्कूल बसों और स्कूली बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों के वाहनों को निकलने में दिक्कत हुई।

ट्रांसपोर्ट नगर की समस्याओं को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट से मिले व्यापारी

-जलभराव, पेयजल की समस्या सहित अन्य प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी : प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का एक शिष्टमंडल महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान से मिला और उनको ट्रांसपोर्ट नगर की प्रमुख समस्याओं से अवगत करवाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष कुंदन बिष्ट और ट्रांसपोर्ट नगर प्रभारी अश्मित गुजराल ने संयुक्त रूप से कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर की नालियां लगभग बंद पड़ी हैं। उन्होंने डेंगू और अन्य बीमारियां की रोकथाम के लिए सफाई करवाकर समस्या का निराकरण करने की मांग की है। बताया कि जलभराव की वजह से पानी के दुकानों के अंदर जाने के कारण व्यापारियों का सामान खराब हो जाता है, इसका समाधान किया जाए।
सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने व्यापार मंडल को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही ट्रांसपोर्ट नगर और बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण करने की मांग की।
इस दौरान प्रदेश संगठन प्रभारी विरेंद्र गुप्ता, जिला महामंत्री प्रज्ञान भारद्वाज, राजेन्द्र फर्स्वाण, पूरन लाल साह, अरविंदर पाल सिंह, परमजीत सिंह, गगन दीप सिंह, विशाल जुनेजा, पंकज कुमार, नवीन कांडपाल, मिती गुजराल, कैलाश, धर्मेंद्र गुप्ता, राजीव शर्मा, चमन गुप्ता आदि मौजूद रहे।


कुछ अन्य प्रमुख मांगें-
-ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त करवाया जाए।
-व्यापारियों और ग्राहक के सामान को चोरी होने से बचाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में कूड़ा बिनने वालों पर तत्काल पाबंदी लगाई जाय
-आमजन की सुविधा के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था जल संस्थान से करवाई जाए। -ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाए।

मजूदर विरोधी लेबर कोड, निजीकरण व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हल्ला बोल

-केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के तहत बुध पार्क में धरना प्रदर्शन व जनसभा
हल्द्वानी : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में तिकोनिया स्थित बुधपार्क में सैकड़ों की संख्या में ट्रेड यूनियन और जन संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन और जनसभा का आयोजन किया। भारी बारिश के बावजूद सभा जारी रही और लोग डटे रहे। हड़ताल में ऐक्टू, बीमा कर्मचारी संघ, उत्तराखण्ड बैंक इंप्लॉइज यूनियन, आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन, प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, अखिल भारतीय किसान महासभा, बीएसएनएल ठेका मजदूर यूनियन, भाकपा माले, जनवादी लोक मंच, पेंशनर्स कर्मचारी संघ सहित कई संगठन शामिल रहे।
वक्ताओं ने कहा कि यह हड़ताल मोदी सरकार की ओर से लाए गए मजदूर-विरोधी लेबर कोड, निजीकरण और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ है, जो मजदूरों और आम जनता के अधिकारों पर हमला करती हैं। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि, तीसरे कार्यकाल में भाजपा सरकार जिस तरह तेजी से बैंक, बीमा, रेलवे समेत रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के निजीकरण और सामाजिक-आर्थिक अधिकारों पर हमले को आगे बढ़ा रही है, वह बहुत ही चिंताजनक है। सभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह हड़ताल सिर्फ यूनियनों की नहीं, बल्कि किसानों, खेत मजदूरों और आम नागरिकों की भी आवाज है। आरोप लगाया कि सरकार जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
सभा के बाद आशा वर्कर्स यूनियन और भोजनमाता संगठन ने वेतन, पेंशन, सुरक्षा और सम्मान की मांगों से जुड़ा ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।

हड़ताल की कुछ मुख्य मांगें :
श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन करते हुए सरकार की ओर से लागू किए गए चार लेबर कोड वापस लिया जाए।
आशा, भोजनमाता, आंगनबाड़ी जैसी स्कीम वर्कर्स को वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान दिया जाए।
कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लागू किया जाए।
सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए।
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले लोगों का दमन बंद किया जाए।
बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है। सरकार रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना नहीं ला पाई है। महंगाई और बेरोजगारी पर रोक लगाई जाए।
किसानों की समस्याओं की दूर करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी, ऋणमाफी और लागत आधारित मूल्य निर्धारण की मांगें पूरी की जाए।

ये रहे मौजूद-
हड़ताल में ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव व उत्तराखंड प्रदेश महामंत्री केके बोरा, बीमा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज गुप्ता, उत्तराखंड बैंक इंप्लॉइज यूनियन के जिला सचिव योगेश पंत, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की हल्द्वानी ब्लॉक अध्यक्ष रिंकी जोशी, प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की महासचिव रजनी जोशी, किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बहादुर सिंह जंगी, भाकपा माले के जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे, सनसेरा श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष दीपक कांडपाल, बीएसएनल ठेका मजदूर यूनियन के प्रांतीय उपसचिव ललतेश प्रसाद, प्रगतिशील महिला एकता मंच की अध्यक्ष बिंदु गुप्ता, पछास के महेश, एमआर एसोसिएशन के उमेश, पूर्व कर्मचारी नेता यतीश पंत, जनवादी लोक मंच के मनोज पांडे, ट्रेड यूनियन नेता किशन बघरी, जनमैत्री संगठन के बची सिंह बिष्ट, किसान महासभा बागजाला के पंकज चौहान, क्रालोस के मुकेश भंडारी आदि मौजूद रहे।

दिव्यांगजनों के लिए देश का पहला स्थाई आधार सेवा केंद्र शुरू

-रोशनी सोसायटी की पहल पर मेयर गजराज बिष्ट ने किया शुभारंभ

हल्द्वानी: मानसिक दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों की संस्था रोशनी सोसायटी की पहल पर संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) में मंगलवार को दिव्यांगजनों के लिए समर्पित देश के पहले स्थाई आधार सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। जिसका उद्घाटन मेयर गजराज बिष्ट ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी विश्वनाथ गौतम भी उपस्थित रहे। केंद्र की स्थापना जिला प्रशासन नैनीताल के सहयोग और जिला प्रबंधन समिति नैनीताल की ओर से रोशनी सोसायटी के प्रस्ताव पर की गई है।
यह स्थायी आधार सेवा केंद्र सप्ताह में दो दिन (मंगलवार और बृहस्पतिवार) खुला रहेगा और इसमें केवल दिव्यांगजन ही आधार कार्ड बनवा या अपडेट कर सकेंगे।
इस मौके पर रोशनी सोसायटी की अध्यक्ष शिवानी पाल, उपाध्यक्ष हेमा परगाई सहित विशेष बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे।

राउमावि इंद्रपुर के समायोजन का विरोध

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अभिभावकों ने स्कूल में दिया धरना-समायोजन का आदेश रद्द करने की मांग को लेकर बीईओ को सौंपा ज्ञापन

हल्द्वानी: राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इंद्रपुर, हल्दूचौड़ को अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज हल्दूचौड़ में समायोजित किए जाने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को विद्यालय के अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ स्कूल परिसर में धरना दिया और इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई।
अभिभावकों ने बाद में खंड शिक्षा अधिकारी लालकुआं को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें समायोजन प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
धरने का नेतृत्व विद्यालय की प्रबंधन समिति (एसएमसी) की अध्यक्ष रेखा बेलवाल और पीटीसी अध्यक्ष निर्मला टम्टा ने किया। उन्होंने क्लस्टर विद्यालय योजना का विरोध करते हुए कहा कि यदि इंद्रपुर विद्यालय को समायोजित किया गया, तो अभिभावक उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अभिभावकों ने कहा कि यह निर्णय बच्चों की शिक्षा, सुविधा और विद्यालय की पहचान को प्रभावित करेगा। क्षेत्र के अन्य लोगों ने भी इसे जनविरोधी बताते हुए तत्काल प्रभाव से आदेश को रद्द करने की मांग की है।

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