हल्द्वानी समाचार

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थराली में बादल फटने से तबाही, राहत-बचाव जारी

चमोली। चमोली जिले के थराली तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को टूनरी गदेरा में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आए मलबे ने तहसील परिसर, बाजार और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मलबे में कई घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, वहीं वाहनों के दबने की भी सूचना है।थराली के सगवाड़ गांव में एक 20 वर्षीय युवती भवन के अंदर मलबे में दब गई है, जिसकी तलाश की जा रही है। चेपड़ों बाजार में कई दुकानें मलबे से क्षतिग्रस्त हुई हैं और एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। थराली बाजार और कोटदीप क्षेत्र में भी भारी मलबा भर गया है।आपदा के चलते थराली–ग्वालदम मार्ग मिंग्गदेरा और थराली–सगवाड़ा मार्ग बंद हो गए हैं। मार्ग खोलने का कार्य बीआरओ गौचर द्वारा शुरू कर दिया गया है। घटना की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम गौचर से मौके पर रवाना हो गई है। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

बारिश से जिले में एक राज्य व तीन ग्रामीण मार्ग बंद

नैनीताल। लगातार हो रही बारिश से जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश के चलते एक राज्य मार्ग और तीन ग्रामीण मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। रामनगर-भंडारपानी राज्य मार्ग के साथ ही अंबेडकर–रिखोली, भल्यूटी–भद्यूनी और खैरना–बेतालघाट ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं। मार्ग बंद होने से क्षेत्रवासियों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।शुक्रवार की सुबह से नैनीताल में आसमान बादलों से घिरा रहा और नगर में कोहरे का असर देखने को मिला। दिन के समय हल्की बूंदाबांदी होती रही, लेकिन शाम छह बजे से नगर में तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम प्रतिकूल बने रहने की संभावना है।

काठगोदाम-रामनगर की ट्रेनों के समय में बदलाव

लालकुआं। मुरादाबाद मंडल के पिलखुआ-डासना रेलखंड पर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिगनलिंग कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है।रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर को काठगोदाम से चलने वाली काठगोदाम-दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से ढाई घंटे देरी से चलेगी। इसी प्रकार 16 सितंबर को रामनगर से चलने वाली रामनगर-मुरादाबाद एक्सप्रेस भी ढाई घंटे पुनर्निर्धारित समय पर चलाई जाएगी।इसके अलावा, 12 सितंबर को काठगोदाम से चलने वाली काठगोदाम-दिल्ली एक्सप्रेस मार्ग में 45 मिनट देरी से संचालित होगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पूर्व अपने गंतव्य की ट्रेनों के समय की जानकारी अवश्य ले लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

सुमित हृदयेश बोले, पुलिस-प्रशासन ने कानून की उड़ाई धज्जियां

हल्द्वानी। गैरसैण विधानसभा सत्र से लौटकर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने नैनीताल में घटित घटनाओं को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस और प्रशासन ने विपक्षी विधायकों व नेता प्रतिपक्ष पर हमला करवाकर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाईं। विधायक ने कहा कि नैनीताल में हुआ किडनैपिंग कांड शर्मनाक है और इस मामले में डीएम व एसएसपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लगातार दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अडिग है। हृदयेश ने नैनीताल पंचायत चुनाव में अराजकता और खुलेआम कानून की अनदेखी का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम देशभर में चर्चा का विषय बना। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी और भाजपा सरकार को जनता के बीच जवाबदेह ठहराएगी।

दमुवादूंगा में भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया शुरू, नए निर्माण और खरीद-फरोख्त पर रोक

नैनीताल। तहसील क्षेत्र के ग्राम जवाहर ज्योति, दमुवादूंगा में अब भूमि सर्वेक्षण और अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया (रिकॉर्ड ऑपरेशन) शुरू हो गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम, 1901 की धारा-48 के अंतर्गत शासन द्वारा 21 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना और जिलाधिकारी नैनीताल की स्वीकृति के बाद की जा रही है। प्रशासन ने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भूमि का सही चिन्हांकन करना, नालों और ड्रेनेज मार्गों की सुरक्षा करना तथा सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि को संरक्षित करना है। इसके साथ ही अवैध कब्जों और अनाधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जारी आदेश के अनुसार, जब तक रिकॉर्ड ऑपरेशन और भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य, भूमि का अतिक्रमण, क्रय-विक्रय या सीमांकन (Demarcation) में बदलाव पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान राजस्व उपनिरीक्षक और लेखपाल नियमित निरीक्षण करेंगे और यदि कहीं भी अवैध गतिविधि पाई जाती है तो तत्काल प्रशासन को रिपोर्ट करेंगे।

स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अनधिकृत गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भू-राजस्व अधिनियम, 1901, उत्तराखण्ड नगर निकाय अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है और आगे की सूचना तक यह प्रभावी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और चल रही भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया में सहयोग करें ताकि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

फायरिंग-लूट से दहशत फैलाने वाले आईटीआई गैंग का अंत

हल्द्वानी। कुख्यात आईटीआई गैंग की दहशत को नैनीताल पुलिस ने सख्त कार्रवाई से खत्म कर दिया है। गैंगलीडर देवेन्द्र सिंह बिष्ट सहित चारों सदस्यों को पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। SSP नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा के निर्देश पर चली इस कार्रवाई ने हल्द्वानी क्षेत्र में लोगों को राहत की सांस दी है। यह गैंग हल्द्वानी में मारपीट, डराने-धमकाने, फायरिंग, तलवारबाजी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैलाता था। गैंग के सदस्य – देवेन्द्र सिंह बिष्ट (गैंगलीडर), आदित्य नेगी (25), देवेन्द्र सिंह बोरा (22) और नवीन सिंह मेहरा (21) – लगातार अपराध कर जनता में भय का माहौल बना रहे थे।

पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी की निगरानी में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव ने गैंग को चिन्हित कर गैंगचार्ट तैयार किया। 21 अगस्त को इन चारों के खिलाफ FIR नं. 280/2025, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट दर्ज हुई। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष कालाढूंगी निरीक्षक विजय सिंह मेहता कर रहे हैं। 22 अगस्त को पुलिस टीम ने शीतल होटल, टीपी नगर के पास से चारों आरोपियों को दबोच लिया। चारों पर पहले से ही कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें फायरिंग, मारपीट, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराएँ शामिल हैं।इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष कालाढूंगी निरीक्षक विजय मेहता, का0 बिनोद कुमार, का0 ललित नाथ और का0 देवेन्द्र सिंह शामिल रहे। नैनीताल पुलिस का संदेश -गुंडागर्दी करने वाले चाहे कितने भी ताकतवर हों, कानून से नहीं बच सकते। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

मदरसे में मासूम से कुकर्म, इमाम गिरफ्तार

हरिद्वार। मदरसे में पढ़ने गए सात साल के मासूम से मस्जिद के इमाम द्वारा कुकर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़ित बच्चे के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य प्रभावी धाराओं में अभियोग दर्ज कर आरोपी इमाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, रुड़की के थाना झबरेड़ा क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने गुरुवार को थाने पर सूचना दी कि उसका सात वर्षीय पुत्र मदरसे में पढ़ने गया था। आरोप है कि इस दौरान इमाम नासिर पुत्र नसीर निवासी सुल्तानपुर कुन्हारी थाना लक्सर जिला हरिद्वार उसे मस्जिद में पढ़ने के दौरान अपने कमरे में ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपी इमाम को उप निरीक्षक नितिन बिष्ट और मनसा ध्यानी की टीम ने खाताखेड़ी देवपुर सड़क मार्ग से गिरफ्तार कर लिया।

जमीन बेचने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, प्रॉपर्टी डीलर सहित 5 पर केस दर्ज

काशीपुर। प्रॉपर्टी डीलर और जमीन बेचने वालों के गठजोड़ से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईटीआई थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।भरतपुर, कुंडा निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने साथियों मोतीराम जैन और लवीश जैन के साथ एनएच-74 पर स्थित बरखेड़ा राजपूत की दो एकड़ जमीन खरीदने का सौदा किया था। ब्रोकर अवतार सिंह के माध्यम से अमरजीत कौर, उनके बेटे गुरजीत सिंह उर्फ हीरा, संदीप सिंह और बहू हरप्रीत कौर से 19 अक्टूबर 2022 को इकरारनामा हुआ। सौदे में कमीशन, मिट्टी भराव और बाउंड्री चारदीवारी की शर्तें तय की गईं। पीड़ित का आरोप है कि इकरारनामे के बाद किश्तों में कुल 2 करोड़ 3 लाख 83 हजार रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन 6 मई 2024 को रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो आरोपियों ने न केवल रजिस्ट्री से इनकार किया बल्कि गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी। बाद में खुलासा हुआ कि आरोपीगण पहले भी इस जमीन को दूसरों को बेच चुके हैं और एक संगठित गिरोह बनाकर फर्जी कागजातों से लोगों को ठग रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ठगी गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावः मतपत्र टेंपरिंग का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

नैनीताल: जिला पंचायत अध्यक्ष नैनीताल के चुनाव में एक मतपत्र में एक अधिकारी द्वारा मतपत्र में टेम्परिंग अथवा ओवरराइटिंग करने का आरोप लगा है। याचिकाकर्ता की ओर से उनके अधिवक्ता ने वीडियो टेम्परिंग की रिकार्डिंग कोर्ट को दिखाई, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता, राज्य सरकार एवं चुनाव आयोग के अधिवक्ताओं व अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों से ये वीडियो व सीसीटीवी देखने को कहा है। ये वीडियो और सीसीटीवी की फुटेज गुरुवार सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल में देखी जाएंगी। सीसीटीवी फुटेज और वीडियोग्राफी जो कि ट्रेजरी के लॉकर में है, उसे दिखाने की व्यवस्था जिलाधिकारी करेंगी।


हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने दोनों पक्षों के तीन-तीन अधिवक्ता, चुनाव आयोग के अधिवक्ता एवं दोनों प्रत्याशी यानी कुल 9 लोग शामिल होंगे। इसके अलावा आसपास भीड़ को रोकने की जिम्मेदारी एसपी सिटी नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र की होगी। मामले के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कुल 22 मत पड़े थे। जिनमें से अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी दीपा दरम्वाल को 11 और कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पा नेगी को 10 मत मिले थे जबकि एक मत रद्द हुआ है। इसी रद्द मत में टेम्परिंग का आरोप है जिसमें 1 के ऊपर से 2 किए जाने का आरोप है जबकि उपाध्यक्ष पद पर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी को बराबर मत मिले थे और चुनाव परिणाम लॉटरी से निकला था। इस मामले को जिला पंचायत सदस्य पूनम बिष्ट ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। बुधवार को उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवी देवदत्त कामथ, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस पाटनी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत और सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल तथा मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत एवं राज्य चुनाव आयोग की तरफ से संजय भट्ट ने अपना-अपना पक्ष न्यायलय के सम्मुख पेश किया। मामले की सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी।

विपक्ष ने सरकार को घेरा, दो विधायकों ने छोड़ी समिति

हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निष्पक्ष रूप से चुनाव कराने में बुरी तरह विफल रही है। उन्होंने और विधायक प्रीतम सिंह ने कार्य मंत्रणा समिति से भी इस्तीफा दे दिया है। आर्य ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के बाद पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिला है, लेकिन राज्य सरकार ने जानबूझकर पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के आठ महीने बाद भारी बरसात के बीच चुनाव कराए, जबकि ये चुनाव सुरक्षित समय में कराए जा सकते थे। कहा कि सत्ता पक्ष ने पहले आरक्षण प्रणाली में हेरफेर कर अपने अनुकूल सीटें सुनिश्चित कीं, जिससे कई वर्गों के लोग चुनाव लड़ने के अवसर से वंचित किया गया। इसके बाद प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए भी आरक्षण अपने लोगों के पक्ष में तय किया गया, जो संविधान के अनुच्छेद 243 का उल्लंघन है। आर्य ने नैनीताल, बेतालघाट, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में पुलिस संरक्षण में हुई अपराधिक घटनाओं को देवभूमि के लिए कलंक बताते हुए कहा कि उत्तरकाशी की आपदा के समय सरकार का ध्यान राहत कार्यों पर नहीं, बल्कि पंचायत पद हथियाने पर था। विधानसभा के मानसून सत्र पर भी नेता प्रतिपक्ष ने निराशा जताई। उन्होंने बताया कि विपक्ष पंचायत चुनावों में हुई अनियमितताओं और आपदा पर नियम 310 के तहत चर्चा चाहता था, लेकिन बिना कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। कहा कि इन हालातों में कार्य मंत्रणा समिति में बने रहना व्यर्थ है। इसलिए उन्होंने और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने समिति से इस्तीफा देने का फैसला लिया है।

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