
हल्द्वानी : हीरानगर स्थित पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच परिसर में मंगलवार को न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के मंदिर का 23वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर गोल्ज्यू महाराज की भव्य जागर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर देव-आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7:30 बजे पारंपरिक गीतों और आसन पूजा के साथ हुआ। लगभग 50 मिनट तक चले इस गायन के माध्यम से देवी-देवताओं का आह्वान कर उन्हें जागर का निमंत्रण दिया गया। इसके बाद मुख्य जागर शुरू हुई, जिसमें ढोल-नगाड़ों की थाप पर जगरिये ने गोल्ज्यू महाराज की गाथा का भावपूर्ण गायन कर देव अवतरण कराया। जागर में हल्दूचौड़ निवासी आनंद दास मुख्य जगरिये रहे, जबकि डंगरिये के रूप में प्रताप अधिकारी, नवल पांडे और प्रताप जीना शामिल रहे। अनुष्ठान को विधिवत संपन्न कराने के लिए बेरीपड़ाव, भुजियाघाट और फतेहपुर से भी डंगरियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। जैसे ही डंगरियों पर देवता का अवतरण हुआ, पूरा परिसर जय गोल्ज्यू महाराज के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने धूनी के पास देव-दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति ने बताया कि उत्थान मंच में मंदिर स्थापना दिवस पर जागर आयोजन की परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें हल्द्वानी सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं।मंच के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि बुधवार दोपहर 12 बजे से मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।इस मौके पर स्थानीय पार्षद शैलेंद्र दानू, मंच अध्यक्ष खड़क सिंह बगड़वाल, त्रिलोक बनोली, चंद्रशेखर परगाई, शोभा बिष्ट, रितिक आर्या, संजू कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




