
हल्द्वानी : एक तरफ पूरे देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत चल रही है। आपूर्ति प्रभावित होने से जहां घरों में लोगों को खाना बनाने के लिए सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ हल्द्वानी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का खेल खूब चल रहा है। इस खेल को रोकने की जिम्मेदारी जिस विभाग की है, वह आंखें मूंदकर सोया हुआ है। गैस की किल्लत को करीब दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन जिला पूर्ति विभाग की ओर से अभी तक कालाबाजारी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इस कारण आम जनता को घरेलू एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। दरअसल बीते दिनों कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को आंशिक रूप से शुरू किया गया था, जिसके बाद जिले में 13 प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की अनुमति मिली थी। जिसके बाद छोटे मोटे ढाबे और होटल रेस्टोरेंट कारोबारियो को उम्मीद थी कि उन्हें निर्धारित कीमत पर आसानी से सिलेंडर मिल जाएगा। लेकिन गैस एजेंसियों के कालाबाजारी के खेल और आपदा में अवसर वाली सोच के कारण कारोबारी तीन से चार गुना अधिक कीमतों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। कई होटल रेस्टोरेंट कारोबारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें मजबूरन वास्तविक कीमत से अधिक रेट पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने के दौरान भी उन्होंने चार गुना अधिक रेट पर सिलेंडर खरीदा। इधर, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

