हल्द्वानी समाचार

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बदल गई पोस्टिंग! बनभूलपुरा के एसओ नीरज भाकुनी का तबादला पिथौरागढ़

हल्द्वानी। उत्तराखंड पुलिस महकमे में पदोन्नति के बाद एक बार फिर से तबादलों की सूची जारी की गई है। दरोगा से इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किए गए पुलिस अधिकारियों को अब नई तैनाती दे दी गई है। पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। हल्द्वानी के थाना बनभूलपुरा में तैनात एसओ नीरज भाकुनी का तबादला पिथौरागढ़ कर दिया गया है। उन्हें इंस्पेक्टर पद पर प्रमोट किए जाने के बाद यह नई जिम्मेदारी दी गई है। यह तबादले प्रशासनिक संतुलन और प्रमोशन के बाद खाली हुए पदों की भरपाई को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

गायब बांडधारी डॉक्टरों पर जल्द होगी सख्त कार्रवाई, दो हफ्ते में लिस्ट तैयार

देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए लंबे समय से गायब बांडधारी चिकित्सकों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट कर दिया है कि बांड की शर्तों का उल्लंघन करने वाले डॉक्टरों को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर ऐसे चिकित्सकों की सूची स्वास्थ्य महानिदेशालय से शासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों से बांड के तहत MBBS करने वाले डॉक्टरों को पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य है, लेकिन कई डॉक्टर बिना सूचना के गैरहाजिर चल रहे हैं। डॉ. रावत ने अधिकारियों से ऐसे चिकित्सकों की सेवाएं अनुबंध की शर्तों के तहत समाप्त करने और बांड के मुताबिक उनसे धनराशि की वसूली की तैयारी करने को कहा है।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 222 नये चिकित्सकों की शीघ्र तैनाती के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पड़े 169 चिकित्सक, 267 नर्सिंग अधिकारी और 180 एएनएम के पदों को भरने के लिए जल्द अधियाचन भेजने के आदेश दिए। तकनीकी संवर्ग के रिक्त पदों पर भी तेजी से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई। बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर निदेशक डॉ. आर.एस. बिष्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत जौहरी, डॉ. अनिल नेगी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

7 शौचालय बनकर तैयार, जगह नहीं मिलने से 8 का निर्माण नहीं हो सका शुरू

-नगर निगम ने बनाया है 15 शौचालयों का प्रस्ताव, 8 का हो सका है निर्माण
हल्द्वानी
: शहर में कई जगह सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों के साथ ही बाहरी लोग भी शहर में विभिन्न कार्यों के लिए आते हैं। लेकिन सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से उन्हें दिक्कतें होती है।
नगर निगम की ओर से शहर में 15 स्थानों पर प्रीफेब्रीकेटेड सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है। जिसमें से 5 स्थानों पर शौचालय बनाए जा चुके हैं। लेकिन शेष 9 शौचालयों के निर्माण के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिल पा रही है। जिस वजह से शौचालयों का निर्माण अटका पड़ा है। प्रस्ताव के अनुसार निगम की ओर से प्रति शौचालय (स्वच्छता कॉम्प्लेक्स) पर 10.6 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही जिन स्थानों पर बायो-डाइजेस्टर सेप्टिक टैंक नहीं हैं, वहां भी प्रति सेप्टिक टैंक के निर्माण पर 2.36 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जबकि पूरी योजना पर कुल 187.99 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम की ओर से एमबीपीजी डिग्री कॉलेज के सामने, सौरभ होटल के पास पेयजल निगम के गोदाम के समीप, रानीबाग श्मशान घाट के पास, कॉलटैक्स के पास टैक्सी पार्किंग के समीप, आंबेडकर पार्क दमुवाढूंगा और मीरा मार्ग में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। जबकि शेष 9 शौचालय के लिए जगह मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा। नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने बताया कि शेष शौचालयों के निर्माण के लिए उपयुक्त जगह तलाशी जा रही है। जगह उपलब्ध होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि ब्लॉक कार्यालय के पास भी शीघ्र कार्य शुरू किया जाएगा।
इन्सेट-
ब्लॉक कार्यालय के पास शौचालय के कार्य में देरी-
ब्लॉक कार्यालय के पास शौचालय के निर्माण में भी देरी हो रही है। ब्लॉक कार्यालय में भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। आसपास सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण वहां आने वाले लोगों के साथ ही स्थानीय दुकानदारों और आम जनता को भी दिक्कतें होती हैं। यहां शौचालय का निर्माण का अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसी तरह कमलुवागांजा चौराहे पर भी सार्वजनिक शौचालय बनाया जाना था। सड़क चौड़ीकरण के तहत यहां बीच चौराहे पर स्थित अवैध तरीके से बने भवन को ध्वस्त किए जाने के बाद सार्वजनिक शौचालय के लिए जगह उपलब्ध कराई जानी थी। लेकिन लोनिवि की ओर से चौराहे पर भी सड़क बना दी गई और नगर निगम को जगह उपलब्ध नहीं कराई गई, जिस कारण यहां शौचालय का निर्माण लटक गया है।

प्रवर्तन कार्रवाई में 108 चालान, 3 वाहन किए सीज

हल्द्वानी,
परिवहन विभाग की ओर से बुधवार को चलाई गई प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान 108 वाहनों के चालान और 3 वाहनों को सीज किया गया। सीज किए वाहनों में एक ट्रक, पिकअप और ई रिक्शा वाहन शामिल है। प्रवर्तन कार्रवाई सहायक परिवहन अधिकारी प्रवर्तन जितेंद्र सिंगवान के नेतृत्व में हल्द्वानी-नैनीताल और परिवहन कर अधिकारी नंदन प्रसाद ने नैनीताल, भीमताल और गोविंद सिंह ने हल्द्वानी-कालाढूंगी मार्ग पर चेकिंग अभियान चलाया जिसमें बस, ट्रक, ऑटो, टैक्सी बाइक, ई रिक्शा, मैक्सी आदि वाहनों के टैक्स, फिटनेस, परमिट शर्तों का उल्लंघन, हेलमेट, नो पार्किंग, ओवरस्पीड आदि अभियोग में प्रवर्तन कार्रवाई की गई। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कुल 108 चालान में 30 ओवरस्पीड वाहनों और 20 टैक्सी बाइक के परमिट शर्तों के उल्लंघन के अभियोग में भी चालान किए गए। चेकिंग अभियान में परिवहन निरीक्षक आरसी पवार, गिरीश कांडपाल, नंदन रावत, चंदन सुप्याल, अनिल कार्की, चंदन ढैला, अरविंद हयांकि, गोधन सिंह, महेंद्र कुमार, मो. दानिश आदि शामिल रहे।

एमबीपीजी कॉलेज में ओएमआर शीटों की स्कैनिंग शुरू

हल्द्वानी, एमबीपीजी कॉलेज में मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए कुमाऊं विवि की स्क्रीनिंग टीम बुधवार को पहुंच चुकी है। टीम ने कॉलेज में पहले दिन बड़ी संख्या में विषयवार ओएमआर शीटों की स्कैनिंग की। विवि ने ओएमआर शीट के स्कैनिंग के लिए निजी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया है। जिसके तहत सभी विषयों की शीट स्कैन की जा रही है। उल्लेखनीय है कि परीक्षकों की ओर से मूल्यांकन के बाद विषयवार कॉपियों में चढ़ाए गए अंकों को कॉलेज की टर्बुलेटर टीम ओएमआर शीट में चढ़ाती है। इसके बाद ओएमआर शीट को स्कैनर मशीन की सहायता से स्कैन किया जाता है। स्कैन ऑल प्रो सॉफ्टवेयर की मदद से सभी शीटों का डाटा सुरक्षित रखा जाता है। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी ने बताया कि स्कैनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस डाटा को कुमाऊं विश्वविद्यालय को सौंपा जाएगा। जिसके बाद विवि की ओर से परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।हल्द्वानी, एमबीपीजी कॉलेज में मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए कुमाऊं विवि की स्क्रीनिंग टीम बुधवार को पहुंच चुकी है। टीम ने कॉलेज में पहले दिन बड़ी संख्या में विषयवार ओएमआर शीटों की स्कैनिंग की। विवि ने ओएमआर शीट के स्कैनिंग के लिए निजी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया है। जिसके तहत सभी विषयों की शीट स्कैन की जा रही है। उल्लेखनीय है कि परीक्षकों की ओर से मूल्यांकन के बाद विषयवार कॉपियों में चढ़ाए गए अंकों को कॉलेज की टर्बुलेटर टीम ओएमआर शीट में चढ़ाती है। इसके बाद ओएमआर शीट को स्कैनर मशीन की सहायता से स्कैन किया जाता है। स्कैन ऑल प्रो सॉफ्टवेयर की मदद से सभी शीटों का डाटा सुरक्षित रखा जाता है। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी ने बताया कि स्कैनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस डाटा को कुमाऊं विश्वविद्यालय को सौंपा जाएगा। जिसके बाद विवि की ओर से परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

हाईकोर्ट सख्त: फईम की मौत की जांच एसआईटी करेगी

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने की याचिका पर सुनवाई, कोर्ट की निगरानी में होगी जांच
निर्देश-जांच अधिकारी इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी का जिले से बाहर करें तबादला
नैनीताल: हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में हिंसा वाले दिन फईम की गोली लगने से हुई मौत के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने संबंधी याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। खंडपीठ ने इस मामले की जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने के निर्देश दिए हैं। जांच अदालत की निगरानी में होगी। साथ ही, खंडपीठ ने जांच अधिकारी (आईओ) नीरज भाकुनी का जिले से बाहर तबादला करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक की ओर से इस मामले में जवाबी हलफनामा पेश किया गया लेकिन अदालत इससे संतुष्ट नहीं हुई। अदालत ने माना कि पुलिस इस मामले में टालमटोल कर रही है। अदालत ने अंत में इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी और जांच अधिकारी के स्थानांतरण के निर्देश भी दिए। पूर्व में कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा था कि जांच अधिकारी खुद इस मामले की जांच कर रहा है और अंतिम रिपोर्ट भी खुद ही पेश कर रहा है। यह अपने आप में एक अनोखी जांच की जा रही है।
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता परवेज उर्फ बबलू की ओर से वर्ष 2024 में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि आठ फरवरी, 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में कुछ लोगों ने उसके भाई फईम की गोली मार कर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने उसके घर में लूटपाट के साथ ही वाहनों में आग भी लगा दी थी। पुलिस ने तहरीर पर मामला दर्ज नहीं किया। निचली अदालत के आदेश पर छह मई, 2024 को अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दावा किया गया कि पुलिस की ओर से सही ढंग से जांच नहीं की गयी और इस मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गयी। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में माना कि फईम की मौत हल्द्वानी दंगा के कारण हुई थी।

दिल्ली की युवती से दुष्कर्म, होटल के जीएम पर मुकदमा

  • नैनीताल रोड स्थित होटल का जीएम है रामनगर का रोहित
  • होटल में इवेंट कराने के नाम पर पीड़िता को बुलाया था हल्द्वानी हल्द्वानी,
    शहर के एक बड़े होटल के जीएम द्वारा दिल्ली की युवती से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। जीएम ने इवेंट कराने का झांसा देकर उसे हल्द्वानी बुलाया। सहेली के साथ हल्द्वानी पहुंची युवती को जीएम ने दूसरे होटल में ठहराया और रात अचानक उसके रूम में घुस गया। जहां पहले उसने शराब पी और फिर जबरन दुष्कर्म किया। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने आरोपी जीएम रोहित बेलवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
    दिल्ली निवासी एक युवती ने पुलिस को बताया कि वह इवेंट मैनेजमेंट का काम करती है। उसने हल्द्वानी और रामनगर के होटल व रिजॉर्ट में इवेंट किए हैं। युवती का कहना है कि रामनगर स्थित एक रिजॉर्ट में इवेंट के दौरान उसकी मुलाकात सावल्दे रामनगर निवासी रोहित बेलवाल से हुई थी। जिस रिजॉर्ट में इवेंट हुआ था, उस वक्त रोहित रिजॉर्ट का मैनेजर था और वर्तमान में रोहित हल्द्वानी में नैनीताल रोड स्थित एक बड़े होटल का जीएम है। रोहित जब रिजॉर्ट का मैनेजर था, तब उसने कई काम उसे दिलाए। आरोप है कि मंगलवार की रात रोहित ने उसे नैनीताल रोड स्थित होटल में एक इवेंट आयोजित करने के लिए बुलाया था।
    पीड़िता दिल्ली से अपनी सहेली के संग हल्द्वानी पहुंची। रोहित ने उसे नैनीताल रोड स्थित दूसरे होटल में ठहराया। उसी रात अचानक रोहित जबरन उसके कमरे में घुस गया। पीड़िता के मुताबिक उसके विरोध के बावजूद रोहित उसके कमरे में घुस आया और फिर वहीं बैठकर शराब पी। जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। जिसके बाद पीड़िता ने फोन कर घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। युवती को फौरन मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां दुष्कर्म की पुष्टि हुई। भोटियापड़ाव चौकी प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि रात को फोन आने पर वह होटल पहुंचे थे। जहां युवती रो रही थी। मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। आरोपी जीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

स्मैक के साथ एक गिरफ्तार, किच्छा के पाजी का नाम आया सामने

हल्द्वानी : पुलिस ने स्मैक के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक एसआई भूपेंद्र सिंह मेहता टीम के साथ बीते रोज चेकिंग गश्त पर थे। इस दौरान एसटीएच के पास से एक व्यक्ति के पास से 4.83 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरोपी ने अपना नाम मो. फिरोज उर्फ पाईपा पुत्र मो. अबरार निवासी गफ्फुर बस्ती वार्ड 24 थाना बनभुलपुरा बताया। साथ ही बताया कि स्मैक का आदी भी है और बेचता भी है। बरामद स्मैक वह किच्छा लालपुर से पाजी से लेकर आया था। जो कि टायर पंचर की दुकान पर मिलता है।

बनभूलपुरा : जिंदा होने के बावजूद दफन हैं कई लोग, कब्र खोद रही खाकी-पिता-पुत्र की जोड़ी ने खिलाया गुल

सजायाफ्ता जिंदा अफजाल के डेथ सर्टिफिकेट के बाद जांच में मिले और मौत के प्रमाण पत्रहल्द्वानी: कब्रिस्तान मुर्दों के लिए होता है, लेकिन बनभूलपुरा के कब्रिस्तान में जिंदा इंसान भी दफन किए जाते हैं। चौंकिए मत, क्योंकि ये सच है और पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है खुलासे अचंभित कर रहे हैं। ये वही कब्रिस्तान है, जिसमें जिंदा अफजाल को मुर्दा बनाकर दफन कर दिया गया और असल में वह आज भी जिंदा घूम रहा था। जब अफजाल का डेथ सर्टिफिकेट सामने आया तो हड़कंप मच गया। इस मामले में बनभूलपुरा कब्रिस्तान कमेटी के पदाधिकारी रहे पिता-पुत्र की जोड़ी ने मिलकर गुल खिलाया। जांच में सामने आया कि इस जोड़ी ने सिर्फ अफजाल ही नहीं बल्कि कई जिंदा को जीते-जी मुर्दा बना दिया। बनभूलपुरा में जिंदा को मुर्दा दिखाने का खेल तब खुला जब एक जिंदा आदमी लाइन नंबर 12 बनभूलपुरा निवासी अफजाल पुलिस के पास पहुंचा। मूलरूप से बिजनौर उत्तर प्रदेश का रहने वाला अफजाल यहां परिवार के साथ रहता है और वर्ष 2012 में बनभूलपुरा में हुई एक हत्या के मामले में उसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि कब्रिस्तान कमेटी में शामिल इकबाल अंसारी और उसके बेटे तनवीर उर्फ सादिक ने अफजाल की मां से संपर्क किया। उन्हें बताया कि अगर वह अफजाल का डेथ सर्टिफिकेट बना लेते हैं तो जमानत पर बाहर आए अफजाल को दोबारा जेल नहीं जाना पड़ेगा। क्योंकि कानून की नजर में वह मर चुका होगा, लेकिन जब अफजाल को इसका पता लगा तो वह पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता लगा कि जालसाज पिता-पुत्र ने बनभूलपुरा क्षेत्र के पूर्व पार्षद सबूर कबाड़ी के बेटे का भी डेथ सर्टिफिकेट बनाया था। जबकि उसकी मौत दिल्ली में एक सड़क हादसे में हुई थी और उसे दफनाया भी वहीं गया था। इसके अलावा अफजाल के पिता सैयद शाने अली का डेथ सर्टिफिकेट बनाया, जिसकी मौत बरेली में हुई और उसे भी बरेली में ही दफनाया गया था। यह सारा खेल पिता-पुत्र ने पैसों के लिए खेला। पुलिस का कहना है कि यह खेल कब से चल रहा है, इसकी जांच जारी है, लेकिन इनके अलावा भी कई और ऐसे नाम सामने आए हैं जो वास्तव में जिंदा हैं, लेकिन उनका डेथ सर्टिफिकेट बना दिया गया है। सीओ सिटी नितिन लोहनी का कहना है कि जांच में कुछ और मामले सामने आए हैं। जांच के बाद जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा होगा। इनसेटतीन और मामले आए थे सामनेहल्द्वानी : सूत्रों का कहना है कि डेथ सर्टिफिकेट के जो तीन मामले सामने आए हैं, उनमें एक डेथ सर्टिफिकेट वर्ष 2014 में बनाया गया। ऐसे में यह पुख्ता है कि डेथ सर्टिफिकेट के लिए फर्जी रसीदें काटने का खेल सालों से चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने कई पार्षद और बनभूलपुरा क्षेत्र के पटवारी भी पूछताछ की है। दरअसल, बिना पार्षद की सहमति और पटवारी की रिपोर्ट के बिना डेथ सर्टिफिकेट नहीं बन सकता। इनसेटएक शपथपत्र और सबकी आंखें बंदहल्द्वानी : अधिकारी या कर्मचारी किसी तरह झंझट मोल नहीं लेते। फिर डेथ सर्टिफिकेट बनाना हो या फिर कुछ और। अधिकारी तो आवेदक से एक शपथपत्र ले लेते हैं, जिस पर लिखा होता है कि उसके द्वारा दी गई जानकारी का जिम्मेदार वो खुद है। इस शपथपत्र के मिलते ही प्रमाणपत्र बनाने वाले और जांच करने वाले सभी लोग आंखे बंद कर लेते हैं। क्योंकि भविष्य में कुछ होता है तो फंसेगा वही जिसने शपथ पत्र दिया होगा।

पुलिस मुस्तैद, अपराध के खिलाफ जनता से मदद की अपील

  • मुखानी में एसपी सिटी ने नागरिकों संग की सीएलजी मीटिंग
  • कहा, सड़क दुर्घटना में घायल को तुरंत पहुंचाएं अस्पताल
    हल्द्वानी,
    पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जनता से मदद की अपील की है। इसको लेकर एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने मुखानी में सीएलजी मीटिंग की। साथ ही जनता से कहा कि हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को सड़क पर छोड़ने के बजाय फौरन अस्पताल पहुंचाएं। इसके लिए उन्होंने गुड सेमेरिटन स्कीम का हवाला दिया।
    मीटिंग में एसपी सिटी ने कहा, पर्यटन सीजन में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव का व्यवस्थापन करने के लिए जनता को यातायात नियमों का पालन करने व लोगों को जागरूक को कहा। इसके साथ ही गुड सेमेरिटन स्कीम के तहत सड़क दुघर्टना होने पर तत्काल घायल को उपचार के लिए चिकित्सालय पहुंचाएं। बच्चों को नशे के दुष्परिणाम बताएं। नशे की तस्करी हो तो सूचना पुलिस को दें। महिला सुरक्षा, चोरी, नकबजनी व अन्य आपराधिक घटनाओं में अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार गश्त करती है, लेकिन इसमें जनता का सक्रिय सहयोग जरूरी है। इस दौरान लोगों को सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाहों पर नियंत्रण, साइबर या ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी भी दी। बैठक के दौरान प्रभारी थानाध्यक्ष मुखानी वीरेंद्र चंद्र, सीएलजी मेंबर व मुखानी पुलिस मौजूद रही।
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