हल्द्वानी समाचार

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बदहाल सड़कों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कैबिनेट मंत्री बहुगुणा से मिले ग्रामीण

हल्द्वानी:भीमताल क्षेत्र की जर्जर सड़कों और खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शनिवार को एक शिष्टमंडल ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से मुलाकात की।कांग्रेस नेता मनोज शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि आपदा के बाद से अधिकांश मुख्य और लिंक मार्ग क्षतिग्रस्त हैं,जिनके कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मनोज शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत भी बेहद चिंताजनक है।अधिकांश अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं,जहां न चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं और न ही पर्याप्त संसाधन।उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।

इस पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने समस्याओं पर शीघ्र संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा ताकि सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त किया जा सके।

शिष्टमंडल में ज्येष्ठ प्रमुख धारी नंदाबल्लभ बृजवासी,पूर्व प्रधान युगल किशोर पलड़िया,राजेश सिंह सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

जीएसटी : टैक्स चोरी का माल लाने वाले माफियाओं का अफसर ‘दोस्त’

हल्द्वानी: जीएसटी विभाग में टैक्स चोरी का माल आने का खेल किसी से छिपा नहीं है। खुद राज्य कर विभाग भी कुमाऊं व गढ़वाल में आए दिन टैक्स चोरी की गाड़ियां पकड़ कर जुर्माना वसूलता है जो राज्य में जीएसटी चोरी के माल की आमद की पुष्टि करती हैं। इसके अलग, एक कहानी और है। यह कहानी है एक ऐसे जीएसटी अफसर की जो टैक्स चोरी का माल लाने वालों से फोन पर वार्ता कर या बैठक कर मसला सुलझाता है। इस अफसर की टैक्स चोरी का माल लाने वाले माफियाओं के साथ सांठगांठ है। यह सांठगांठ इतनी जबरदस्त है कि जो ‘सुविधा’ देते हैं, उनकी गाड़ियां नहीं पकड़ी जाती हैं। यदि गलती से कोई गाड़ी पकड़ी गई तो बिल लाने, बिल एडजस्ट, माल एडजस्ट करने का खेल भी करता है। इस अफसर की वीडियो और ऑडियो हल्द्वानी समाचार को मिली है। हल्द्वानी समाचार की टीम इस अफसर का पर्दाफाश करने के साथ ही सभी वैधानिक पहलुओं पर चर्चा कर रही है। इसके बाद टैक्स चोरी माफिया के ‘अफसर दोस्त’ का चेहरा और करतूतें बेनकाब की जाएंगी। दिवाली से पूर्व इस धमाकेदार खबर के लिए हमारे साथ बने रहिए।

कुमाऊं में टैक्स चोरी का जाल फैला, ऊधमसिंह नगर बना अड्डा, चुप्पी साधे अधिकारी।

हल्द्वानी।कुमाऊं में टैक्स चोरी का काला कारोबार अब खतरनाक रूप से अपनी जड़ें जमा चुका है। यह अवैध नेटवर्क अब पहाड़ के सुदूर क्षेत्रों तक फैल गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गोरखधंधे में शामिल कारोबारियों को कुछ राज्य कर अधिकारियों का भी परोक्ष सहयोग प्राप्त है, जिसके चलते टैक्स चोरी पर लगाम कसना मुश्किल होता जा रहा है।सूत्रों के अनुसार, टैक्स चोरी के इस पूरे नेटवर्क की रीढ़ बना है ऊधमसिंह नगर जिला, जहां बड़े पैमाने पर गोदाम बनाए गए हैं। इन गोदामों से छोटे प्राइवेट वाहनों के जरिए नजरें बचाकर हल्द्वानी समेत पूरे पहाड़ में माल की आपूर्ति की जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सारा माल सड़क मार्ग से होता है और फिर भी उसे रोकने की कोशिश नहीं की जा रही है।नैनीताल जिले के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि ऊधमसिंह नगर में चेकिंग अभियान सख्ती से चलाया जाए, तो हल्द्वानी ही नहीं, पूरे पहाड़ी क्षेत्र में टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। राज्य के प्रवर्तन प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि राज्य में किसी कीमत पर टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल की ओर से इसे लेकर अवगत करवाया जा चुका हे

जागा प्रदूषण विभाग, स्टोन क्रशर और रिसॉर्ट पर कसी लगाम

हल्द्वानी। प्रदूषण फैलाने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासन के निर्देश पर कुमाऊं मंडल में चलाए गए जांच अभियान के दौरान कई स्टोन क्रशर और रिसॉर्ट संचालक नियमों का पालन करते नहीं पाए गए। निरीक्षण में पाया गया कि इनसे पर्यावरण और वायु प्रदूषण हो रहा है। विभाग ने इनके खिलाफ रिपोर्ट राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि पिछले माह टीम ने 21 स्टोन क्रशरों का निरीक्षण किया था। इनमें से 15 क्रशर प्रदूषण फैलाते पाए गए। जांच में सामने आया कि अधिकांश क्रशरों के आसपास ग्रीन बेल्ट नहीं है, धूल रोकने के लिए स्प्रिंकलर नहीं लगाए गए हैं और चारदीवारी भी मानक के अनुसार कवर नहीं की गई है। वहीं, कई रिसॉर्ट और होटलों में सीवरेज की उचित व्यवस्था न होने से गंदगी और जल प्रदूषण बढ़ रहा है। नेगी ने बताया कि चंपावत जिले में 2, नैनीताल जिले में 6 और पिथौरागढ़ जिले में 7 स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा रामनगर क्षेत्र के 4 रिसॉर्ट को भी सीवर सिस्टम सही न होने पर नोटिस जारी किया गया है। सभी संस्थानों को चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो उन्हें बंद करने की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और वायु प्रदूषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई अन्य संस्थानों की जांच भी जारी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड में मौसम का कहर: नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे भूस्खलन से बंद

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर बिगड़ गया है। बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की परेशानी भी बढ़ा दी है। नैनीताल में देर शाम से लेकर सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। सबसे ज्यादा असर नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है। बल्दियाखान के पास हुए भूस्खलन से हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने से आवाजाही ठप हो गई और यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि रास्ता जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मलबा अधिक होने के कारण कार्य में समय लग सकता है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया है। नैनीताल से हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को भवाली-ज्योलीकोट मार्ग से भेजा जा रहा है, जबकि हल्द्वानी से नैनीताल आने वाले वाहनों को नंबर वन बैंड होते हुए भवाली मार्ग की ओर मोड़ा जा रहा है।

बेलबाबा, रुद्रपुर, टनकपुर एटीएस का निरीक्षण: आरटीओ ने कहा– अतिरिक्त शुल्क वसूली पूरी तरह वर्जित।

हल्द्वानी।संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. गुरदेव सिंह ने हल्द्वानी संभाग के अंतर्गत बेलबाबा स्थित स्वचालित परीक्षण संस्थान (एटीएस), रुद्रपुर और टनकपुर केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संस्थानों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और आम जनता के साथ किए जा रहे व्यवहार की समीक्षा की गई।

आरटीओ ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों के मुख्य द्वार और प्रशासकीय भवन में निर्धारित फीस व पेनल्टी से संबंधित जानकारी वाली फ्लेक्सी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके अलावा, प्रत्येक एटीएस को निर्देशित किया गया कि वे हर माह के प्रथम सप्ताह तक पिछले माह का फिटनेस विवरण अनिवार्य रूप से संभागीय परिवहन कार्यालय, हल्द्वानी को उपलब्ध कराएं।

निरीक्षण के दौरान बेलबाबा एटीएस में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विपिन कुमार सिंह और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) अजय गुप्ता मौजूद रहे। रुद्रपुर केंद्र का निरीक्षण सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मोहित कोठारी और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) संजय कुमार ने किया। वहीं टनकपुर एटीएस का निरीक्षण सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सुरेंद्र कुमार और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) चारू चंद्र जोशी की ओर से किया गया।

डॉ. गुरदेव सिंह ने सभी केंद्र संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संस्थानों में आने वाले वाहन स्वामियों और चालकों के साथ मृदु और अनुशासित व्यवहार किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की धनराशि वसूलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। साथ ही, किसी भी संस्थान परिसर में अनाधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति को भी सख्ती से वर्जित किया गया है।

उधमसिंह नगर बना टैक्स चोरी का अड्डा, डिप्टी कमिश्नर की मौजूदगी में बेखौफ खेल

उधमसिंह नगर।

उत्तराखंड का औद्योगिक जिला उधमसिंह नगर टैक्स चोरी का गढ़ बन चुका है। यहां से होकर रोज़ाना करोड़ों रुपये का सामान बिना टैक्स चुकाए विभिन्न जिलों और राज्यों में भेजा जा रहा है। इससे प्रदेश सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि जिले में तैनात डिप्टी कमिश्नर इशाक खान और विशेष जांच शाखा (SIB) की मौजूदगी में यह खेल खुलेआम जारी है।

डिप्टी कमिश्नर इशाक खान लंबे समय तक मोबाइल यूनिट और एसआईबी में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय नैनीताल और उधमसिंह नगर में ही बिताया है और टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों और उनके नेटवर्क से भली-भांति परिचित हैं। इसके बावजूद जिले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

हैरानी की बात यह है कि राज्य कर विभाग के कुमाऊं मंडल के एडीशनल कमिश्नर राकेश वर्मा का कार्यालय भी रुद्रपुर में ही है। इसके बावजूद विभागीय कार्रवाई नाम मात्र की हो रही है, जिससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि टैक्स चोरी में शामिल कई कारोबारियों के करीबी रिश्तेदार राज्य कर विभाग में ही उच्च पदों पर तैनात हैं। ऐसे में डिप्टी कमिश्नर इशाक खान के हाथ बंधे हुए नज़र आते हैं और कारोबारी बेखौफ होकर टैक्स चोरी का खेल जारी रखे हुए हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रदेश सरकार और विभाग इस टैक्स चोरी के जाल पर सख्त कदम उठाएंगे या फिर उधमसिंह नगर यूं ही टैक्स चोरी का अड्डा बना रहेगा?

कुमाऊं में करोड़ों की टैक्स चोरी, अफसर बने मूक दर्शक

हल्द्वानी/रुद्रपुर।

कुमाऊं में टैक्स चोरी का काला खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। उधमसिंह नगर और हल्द्वानी में रोज़ाना करोड़ों रुपये का सामान बिना टैक्स चुकाए सप्लाई हो रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए तैनात अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे बैठे हैं।

सूत्रों के अनुसार, गाजियाबाद का एक बड़ा गुटका कारोबारी अपने रसूख के दम पर प्रतिदिन ट्रकों से गुटका और मसाले कुमाऊं भेज रहा है। यही नहीं, प्रतिबंधित पॉलीथिन, स्क्रैप, लोहा-सरिया, रेडीमेड कपड़े, साड़ियां और ऑटो पार्ट्स भी ट्रकों के जरिये लगातार सप्लाई किए जा रहे हैं। हल्द्वानी का ट्रांसपोर्ट नगर और गल्ला मंडी इन अवैध गतिविधियों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। यहां से यह सामान पूरे कुमाऊं के दूरदराज इलाकों में धड़ल्ले से पहुंचाया जा रहा है।

नैनीताल की डिप्टी कमिश्नर हेमलता शुक्ला, हल्द्वानी के असिस्टेंट कमिश्नर राहुल कांत आर्य, रुद्रपुर के असिस्टेंट कमिश्नर प्रदीप चंद्रा और दोनों जिलों के ज्वाइंट कमिश्नर तिरवा से जब इस पर सवाल पूछा गया तो किसी ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। वहीं, उधमसिंह नगर के डिप्टी कमिश्नर इशाक खान ने तो फोन तक नहीं उठाया।

टैक्स चोरी के इस गोरखधंधे से राज्य सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल पहले भी टैक्स चोरी के खिलाफ अभियान चला चुका है। संगठन के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण ने कहा है कि यदि अधिकारियों ने जल्द कदम नहीं उठाए तो संगठन आंदोलन करेगा और राज्य कर विभाग के उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराएगा।

तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवारों को रौंदा, एक युवक ICU में भर्ती

फोटो खींचने वाले से भी मारपीट, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

हल्द्वानी। मुखानी क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग एक बड़े हादसे का कारण बन गई। हरियाणा नंबर की कार ने स्कूटी सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

पीपल पोखरा नंबर-2 फतेहपुर निवासी मोहित पोखरिया पुत्र दिनेश पोखरिया ने बताया कि रात करीब पौने 11 बजे वह अपने मित्र हार्दिक के साथ स्कूटी से टीपी नगर से फतेहपुर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान क्रियाशाला नहर कवरिंग रोड स्थित सत्यम चाट भंडार के पास हरियाणा नंबर की तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हार्दिक गंभीर रूप से घायल हो गया।

टक्कर के बाद कार में सवार चार युवक बाहर निकले। इस बीच पीछे से आ रही एक अन्य कार का चालक घटना का फोटो लेने लगा। आरोप है कि कार सवारों ने उसे पकड़कर मारपीट और गाली-गलौज की।

पीड़ित ने बताया कि हादसे में उनकी स्कूटी व दो मोबाइल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं हार्दिक का आईसीयू में इलाज चल रहा है।

मुखानी थानाध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

उपनल कर्मियों के वेतन पर से हटेगा संकट, 22 करोड़ की स्वीकृति

659 कर्मियों को छह माह से नहीं मिला था वेतन

संवाददाता, हल्द्वानी।

राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी और डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में कार्यरत उपनल कर्मियों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान के लिए शासन ने 22 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। शीघ्र ही यह राशि कर्मियों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी।

कर्मियों का वेतन मार्च से ही रुका हुआ था। पद सृजित न होने के कारण पिछले छह माह से उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ा। कई बार आंदोलन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। वेतन न मिलने से कर्मियों को घर खर्च चलाने और बच्चों की पढ़ाई के लिए उधार तक लेना पड़ा।

करीब दस दिन पूर्व उपनल कर्मियों का प्रतिनिधि मंडल विधायक बंशीधर भगत से मिला था। विधायक ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्मियों की परेशानी साझा की। सीएम ने तत्काल निर्देश जारी किए, जिसके बाद शासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को 22 करोड़ रुपये निर्गत किए हैं। यह राशि पुनर्विनियोग के तहत बचत से प्राप्त की गई है।

कर्मियों का कहना है कि वेतन रुकने की समस्या पहले भी आती रही है, लेकिन इस बार पहली बार उन्हें छह माह तक भुगतान नहीं मिला। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नियमित पदों का सृजन करना आवश्यक है।

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