हल्द्वानी समाचार

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नशे में धुत रोडवेज चालक का एआरटीओ ने उतारा नशा, किया पुलिस के सुपुर्द।

हल्द्वानी : उत्तराखंड परिवहन निगम की बड़ी लापरवाही उस समय सामने आई जब काशीपुर डिपो का एक बस चालक दिनदहाड़े शराब के नशे में धुत होकर बस चलाते हुए पकड़ा गया। गनीमत यह रही कि बस में केवल तकनीकी कर्मचारी सवार था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मंगलवार को लालडांठ रोड पर परिवहन विभाग की टीम एआरटीओ जितेंद्र सिंगवान के नेतृत्व में प्रवर्तन अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बस को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक बस लेकर भागने लगा। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को रोका और एल्कोमीटर से जांच की, जिसमें अत्यधिक मात्रा में शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिवहन विभाग ने तत्काल चालक को मुखानी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। विभाग के अनुसार वाहन संचालन में ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान कुल 20 वाहनों का चालान किया गया, जिनमें से अधिकांश ओवरलोडिंग के मामले थे। इस दौरान इंस्पिरेशन स्कूल की बस और नैनी वैली स्कूल के बच्चों को ले जा रहे वाहन पर भी कार्रवाई की गई।
स्कूल वाहनों की अनदेखी और बस चालकों की गैर-जिम्मेदारी बच्चों और यात्रियों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे अभियानों को लगातार चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने राज्य कर आयुक्त सोनिका से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

हल्द्वानी : जीएसटी टैक्स की दरों में हाल ही में हुए बदलावों से व्यापारियों में उत्पन्न असमंजस और समस्याओं को लेकर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने राज्य कर आयुक्त सोनिका से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि व्यापारियों को समय पर शासन स्तर पर किए गए जीएसटी में फेरबदल की जानकारी नहीं मिल पाने के कारण विभाग और व्यापारियों के बीच गलतफहमी और तनाव की स्थिति बन रही है।
गुप्ता ने बताया कि एक व्यापारी का वेट टैक्स के केस में एक्सपार्टी आदेश के चलते अपील के बावजूद उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया, जिससे वह सरकार को टैक्स नहीं दे पा रहा। इस स्थिति में बाजार क्षेत्रों में बिना पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ रही है, जिससे कारोबार में अस्थिरता और ब्रांडेड उत्पादों के नाम पर नकली सामान की खुलेआम बिक्री हो रही है। इस गंभीर मुद्दे पर राज्य कर आयुक्त सोनिका ने व्यापार मंडल को आश्वस्त किया कि विभाग व्यापारियों के साथ मिलकर सभी समस्याओं का समाधान शीघ्र करेगा। उन्होंने बताया कि देहरादून मुख्यालय से रुद्रपुर के एडिशनल कमिश्नर राकेश वर्मा को निर्देशित किया गया है कि वे व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए जल्द बैठक आयोजित करें। साथ ही व्यापारियों को जीएसटी से जुड़ी अद्यतन जानकारी समय पर प्रदान करने और विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

छात्रसंघ चुनाव के लिए आज होगी नामांकन पत्रों की बिक्री, सुबह 11 से अपराह्न 3 बजे तक खरीदे जा सकेंगे नामांकन पत्र।

हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज सहित कुमाऊं विवि से संबद्ध अन्य कॉलेजों में 27 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव होने हैं। जिसकी अधिसूचना विवि की ओर से जारी कर दी गई है। एमबीपीजी कॉलेज समेत अन्य संबद्ध कॉलेजों में आज (मंगलवार) नामांकन पत्रों की बिक्री होगी। एमबीपीजी में सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक नामांकन पत्र खरीदे जा सकेंगे। कॉलेज के मुख्य कार्यालय में बने काउंटर से सभी पदों के प्रत्याशी नामांकन पत्र खरीद सकते हैं। नामांकन पत्रों का बिक्री शुल्क 100 रुपए निर्धारित किया गया है। प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने सभी प्रत्याशियों को निर्धारित समय के भीतर नामांकन पत्र खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपराह्न 3 बजे बाद किसी भी दशा में नामांकन पत्रों की बिक्री नहीं की जाएगी। बताया कि नामांकन पत्रों की बिक्री के लिए संबधित प्रत्याशी को आईकार्ड, फीस रसीद और आधार कार्ड लाना अनिवार्य है। उन्होंने समस्त संभवित प्रत्याशियों से कॉलेज की वेबसाइट https://mbpgcollege.org/ से छात्रसंघ संविधान की प्रतिलिपि डाउनलोड करने के लिए कहा है। इधर, छात्रसंघ चुनाव में अलग-अलग पदों के प्रत्याशियों के लिए नामांकन व जमानत शुल्क निर्धारित किया गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के और सांस्कृतिक सचिव के पद के लिए 1200-1200 रुपए नामांकन व जमानत राशि रखी गई है। संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के लिए नामांकन शुल्क 800 जबकि जमानत राशि 1200 रुपए और संकाय प्रतिनिधि के लिए नामांकन शुल्क 500 रुपए और जमानत राशि 1200 रुपए रखी गई है।

प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने दयाकिशन को प्रदेश संगठन मंत्री व भुवन जोशी को बनाया विशेष आमंत्रित सदस्य।

हल्द्वानी। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने संगठन को और अधिक सक्रिय, प्रभावशाली और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दो नई नियुक्तियों की घोषणा की है। वक्ता और व्यापारिक हितों के पक्षधर दयाकिशन उपाध्याय को प्रदेश संगठन मंत्री और समाजसेवा और विधिक क्षेत्र में सक्रिय हाईकोर्ट के अधिवक्ता भुवन जोशी को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया है। प्रदेश संगठन प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि दोनों कर्मठ और जुझारू व्यक्तित्वों के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और व्यापारी हितों की लड़ाई और अधिक मजबूती से लड़ी जा सकेगी।इन नियुक्तियों पर संगठन के संयोजक धर्म यादव, महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र फर्स्वाण, कोषाध्यक्ष पूरन लाल साह, प्रदेश सचिव रामबाबू मिश्रा, जिलाध्यक्ष कुंदन बिष्ट, शकील अहमद, देवेश अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, चमन गुप्ता, मुनेश अग्रवाल, नुसरत सिद्दीकी, धर्मेंद्र गुप्ता, कुंदन रावत, ललित जायसवाल, अशोक वार्ष्णेय, सुनील गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने भाजपा सरकार पर नकल माफिया को संरक्षण देने का लगाया आरोप।

हल्द्वानी। यूकेएसएसएससी की बीते 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर भीमताल विधानसभा से कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बार-बार प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रही है और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक की घटना है। मनोज शर्मा ने बताया कि परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई और सिर्फ 35 मिनट बाद ही प्रश्नपत्र के तीन पन्ने लीक होकर बाहर आ गए। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार नकल विरोधी कानून का ढिंढोरा पीट रही है, तो दूसरी ओर पेपर लीक की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्होंने हाकम सिंह जैसे अपराधियों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ऐसे लोग सत्ता से जुड़े हुए हैं और पेपर लीक में खुद सरकार की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। मनोज शर्मा ने कहा कि एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने हाकम सिंह को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह आगामी यूकेएसएसएससी स्नातक परीक्षा में 15-15 लाख रुपए लेकर नकल कराने की तैयारी कर रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हर बार पेपर लीक हो रहा है तो आयोग के अधिकारी और सरकार किस बात की “हाई लेवल मीटिंग” कर रहे हैं? क्या ये सिर्फ लीपापोती और युवाओं को धोखा देने का नाटक है? उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करने, यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष से तत्काल इस्तीफा लेने, पेपर लीक की साजिश में शामिल सभी अधिकारियों और नेताओं की जांच करने की मांग की है। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह वही सरकार है, जिसने युवाओं को पकोड़े तलने की सलाह दी थी। अब वही सरकार उच्च शिक्षित युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। मनोज शर्मा ने कहा कि इस सरकार की विदाई ही प्रदेश की खुशहाली का रास्ता है और 2027 के विधानसभा चुनावों में प्रदेश का युवा इसका हिसाब जरूर चुकता करेगा।

देवभूमि फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने लगाया विशाल रक्तदान शिविर

हल्द्वानी: फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में देवभूमि फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 119 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तनिष्क त्यागी के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में कई पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया। रक्तदान जैसे नेक काम में सहयोग करने वालों में जिलाध्यक्ष हेम लोहनी, जिला प्रभारी कमल बिनवाल, प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र पवार, प्रदेश कोषाध्यक्ष सूरज कुमार और प्रदेश सचिव योगेश पाण्डेय प्रमुख रहे। इसके अलावा, हर्ष पांडे, राजेश कुमार, विपिन चौहान, मुनिराज सैनी, चेतन नेगी, सतवीर सिंह, उमेश, आजम और धामवीर ने भी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस सफल आयोजन ने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की मदद करने का एक बड़ा संदेश दिया।

सौरभ जोशी को गोली की धमकीः भाऊ गैंग ने मांगी 5 करोड़ की रंगदारी!

हल्द्वानी: देश के मशहूर यू-ट्यूबर सौरभ जोशी को एक बार फिर धमकी मिली है। इस बार उन्हें भाऊ गैंग की ओर से धमकी भरा ई-मेल मिला है। गैंग ने सौरभ से पांच करोड़ की रंगदारी मांगी है और रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी है। धमकी से सहमे सौरभ और परिवार ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ओलिविया कॉलोनी, रामपुर रोड निवासी सौरभ जोशी देश ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा, बीती 15 सितंबर को उन्हें एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया है। मेल भेजने वाले ने खुद को भाऊ गैंग का बताया। साथ ही सौरभ से पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। मेल में लिखा कि वह इस ई-मेल का अनदेखा न करें, ऐसा करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मेल भेजने वाले ने ऐसा करने पर उन्हें गोली मारने की चेतावनी दी है। मेल में सौरभ की करोड़ों रुपए की एक्सयूवी का भी जिक्र किया गया है। इस मेल के बाद सौरभ और उनका पूरा परिवार सहमा हुआ है।बता दें कि पिछले वर्ष नवंबर में भी सौरभ जोशो को ऐसी ही धमकी मिली थी। तब उन्हें एक धमकी भरा खत भेजा गया था और खत भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का बताया था। इस मामले में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद बदायूं उत्तर प्रदेश निवासी अरुण कुमार को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि अरुण का लॉरेंस गैंग से कोई वास्ता नहीं था। वह तो जल्द से जल्द अमीर बनना चाहता था और इसीलिए खत भेजा था। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने की कमल बोरा पर कार्रवाई की मांग

हल्द्वानी: रामपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में रविवार को एमबीपीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों ने एबीवीपी के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अभिषेक गोस्वामी के समर्थन में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी कमल बोरा पर पूर्व सचिव कमल सिंह बोहरा की आड़ में सचिव के तौर पर स्वयं को पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि कमल बोरा पर धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और उसका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी दीपक पलड़िया ने कहा कि कमल बोरा ने धोखाधड़ी और जालसाजी से नामांकन कराया और कमल सिंह बोहरा के नाम का इस्तेमाल कर कॉलेज के प्रत्येक कार्यक्रम में अपने को सचिव के तौर पर प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राचार्य पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कमल बोरा को उनका संरक्षण भी मिला हुआ है, जिस कारण उस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी दिवाकर श्रोत्रिय ने कहा कि सभी पूर्व पदाधिकारी व्यक्तिगत संबंधों के तहत अभिषेक गोस्वामी के समर्थन में उतरे हैं। उन्होंने सभी से गोस्वामी का समर्थन करने को कहा है। संजय जोशी ने कहा कि दीपक पलड़िया के साथ धोखाधड़ी की गई है। कहा कि यूजीसी की नियमावली के तहत एक ही व्यक्ति दो बार पद पर नहीं रह सकता। यह सीधे तौर पर लिंगदोह की सिफारिशों का उल्लंघन है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रश्मि लमगड़िया ने भी कहा कि जिस तरह दीपक के साथ धोखाधड़ी हुई है, उस तरह अब किसी के साथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी मतदाताओं से सच का साथ देने और अभिषेक को समर्थन देने की अपील की। निहित नेगी ने भी कमल बोरा पर कार्रवाई की मांग की और सभी मतदाताओं से सच का साथ देने की अपील की। इस दौरान अमन गुप्ता, विशाल यादव आदि मौजूद रहे।

जब मिलता हो ‘महीना’ तो टैक्स चोरी का तंबाकू बंद हो जाता है दिखना

हल्द्वानी: राज्य कर विभाग टैक्स चोरी का माल लाने पर शिकंजा कसा जा रहा है, इसलिए दिखावे की चेकिंग भी करता है। सूत्रों की मानें तो राज्य कर विभाग की टीम जिसमें एक तेज तर्रार महिला और तेज तर्रार युवा अफसर शामिल थे। इस टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर में एक अल्लाह के बंदे ट्रांसपोर्टर के यहां चेकिंग करने पहुंची। यह अल्लाह का बंदा बहुत ‘नेक’ बताया जाता है। यह नेक इसलिए क्योंकि हर माह समय से सही जगह ‘नेग’ पहुंचा देता है। फिलहाल जब टीम पहुंची तो नेक बंदे को देखकर दंग रह गई। बाद में टीम ने वहां चेकिंग की और सब कुछ जायज व वैध मिला की रिपोर्ट लगा दी। जबकि टीम को वहां कई बोरों में रखा टैक्स चोरी का तंबाकू उत्पाद नहीं दिखाई दिया। हैरानी की बात तो यह है कि तेजतर्रार महिला और युवा अफसरों की आंखों से टैक्स चोरी का तंबाकू कैसे बचा या जान बूझकर बचाया गया। फिलहाल इस पूरी जांच की एक वीडियो बन गई है। यह वीडियो हल्द्वानी समाचार टीम के पास है। यह वीडियो डॉक्टर्ड न हो इसकी पुष्टि करने के बाद राज्य कर विभाग के संबंधित व समर्थ अफसरों से पक्ष लेकर खबर को प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे अफसरों के नाम और पहचान का खुलासा भी किया जाएगा। इस खबर के लिए बने रहिए हल्द्वानी समाचार के साथ ….

डिप्टी कमिश्नर इशहाक खान पर हुई कार्रवाई, मोबाइल व एसआईबी के पद से हटाया।

हल्द्वानी : टैक्स चोरी की बढ़ती गतिविधियों के उजागर होने और इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा टैक्स चोरी रोकने में नाकाम होने को लेकर बड़ा एक्शन लेते हुए शासन ने प्रथम चरण में राज्य कर के डिप्टी कमिश्नर (मोबाइल व एसआईबी) इसहाक खान को उनके पद से हटा दिया गया है और दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है। अब देखना है कि शासन की अगली कार्रवाई किस अधिकारी के खिलाफ की जाती है और शासन द्वारा भ्रष्टाचार और आय से अधिक सम्पत्ति की जांच एसटीएफ या विजिलेंस में से किसे सौंपी जाती है। उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी समाचार ने ऊधम सिंह नगर में टैक्स चोरी के खेल को प्रमुखता से उजागर किया था। आगे भी हल्द्वानी समाचार की मुहिम जारी रहेगी। एकाएक इतनी बड़ी कार्यवाही से टैक्स चोर गिरोह के सदस्यों और उनके अन्य मददगार अधिकारी जो कि विभिन्न पदों पर बैठे हैं। उनकी माथे की लकीरें खिंच गई हैं। गाजियाबाद के प्रमुख गुटका कारोबारी और अन्य ट्रांसपोर्ट कारोबारी जो कि राज्य के बाहर से टैक्स चोरी का सामान लाते हैं। दिखना होगा कि अब वे टैक्स चोरी के लिए किस नए पैंतरे का इस्तेमाल करते हैं।

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