हल्द्वानी। जिले में टैक्स चोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि जिले में गाडियों की धरपकड़ के लिए दूसरे जिले के अधिकारियों को दौड़ लगानी पड़ रही है। उल्लेखनीय है कि रुद्रपुर से आए राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विनय ओझा ने विगत दिनों हल्द्वानी के लाइन नंबर 1 स्थित गोदाम से संदिग्ध गाड़ी पकड़कर उसे हल्द्वानी कार्यालय में सुपुर्द किया। फिलहाल उस गाड़ी के सामान की जांच जारी होना बताया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि दूसरे जिले के टीम कार्रवाई करने के लिए यहां तक पहुंच गई और यहां मौजूद अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। एक तरफ अधिकारियों का दावा होता है कि जिले में टैक्स चोरी नहीं हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की चेकिंग में बिना बिल का सामान पकड़ा जाना इसकी पुष्टि करता है कि जिले में टैक्स चौरी का माल धड़ल्ले से आ रहा है। खास बात यह है कि किच्छा से हल्द्वानी गल्ला मंडी तक रोजाना 555 ब्रांड का सामान पहुंच रहा है, लेकिन आज तक किसी ने उसकी जांच करने की हिम्मत नहीं जुटाई। यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या विभाग में वास्तव में मैनपावर की कमी है, या फिर एसआईबी और मोबाइल टीम के अधिकारी जिम्मेदारी से काम नहीं करना चाहते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल करने पर वे न्यायालय और अपीलीय कार्यों की व्यस्तता का हवाला देते हैं। इधर, राज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर रोशन लाल के मुताबिक एक ही गाड़ी की जांच में विभाग की 16 सदस्यीय टीम लगी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच के नतीजे क्या सामने आते हैं और राज्य को राजस्व के रूप में फायदा होता है या यह भी महज खानापूर्ति साबित होती है। सूत्रों के अनुसार त्यौहारी सीजन में बरेली, रामपुर और दिल्ली से गल्ला मंडी हल्द्वानी समेत पूरे पहाड़ी क्षेत्र में निजी वाहनों से भारी मात्रा में सामान आ रहा है। लेकिन विभागीय चेकिंग सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित है। ज्वाइंट कमिश्नर के अनुसार जल्द ही बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। हल्द्वानी समाचार अपने अगले अंक में में जिले के नामी होटलों, रिसॉर्ट्स और रेस्टोरेंट्स से जुड़े कुछ चौंकाने वाले तथ्य उजागर करेगा।
हल्द्वानी : टैक्स चोरी की बढ़ती गतिविधियों के उजागर होने और इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा टैक्स चोरी रोकने में नाकाम होने को लेकर बड़ा एक्शन लेते हुए शासन ने प्रथम चरण में राज्य कर के डिप्टी कमिश्नर (मोबाइल व एसआईबी) इसहाक खान को उनके पद से हटा दिया गया है और दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है। अब देखना है कि शासन की अगली कार्रवाई किस अधिकारी के खिलाफ की जाती है और शासन द्वारा भ्रष्टाचार और आय से अधिक सम्पत्ति की जांच एसटीएफ या विजिलेंस में से किसे सौंपी जाती है। उल्लेखनीय है कि हल्द्वानी समाचार ने ऊधम सिंह नगर में टैक्स चोरी के खेल को प्रमुखता से उजागर किया था। आगे भी हल्द्वानी समाचार की मुहिम जारी रहेगी। एकाएक इतनी बड़ी कार्यवाही से टैक्स चोर गिरोह के सदस्यों और उनके अन्य मददगार अधिकारी जो कि विभिन्न पदों पर बैठे हैं। उनकी माथे की लकीरें खिंच गई हैं। गाजियाबाद के प्रमुख गुटका कारोबारी और अन्य ट्रांसपोर्ट कारोबारी जो कि राज्य के बाहर से टैक्स चोरी का सामान लाते हैं। दिखना होगा कि अब वे टैक्स चोरी के लिए किस नए पैंतरे का इस्तेमाल करते हैं।
हल्द्वानी/ऊधम सिंह नगर : हल्द्वानी से प्रकाशित एक विशेष समाचार रिपोर्ट का बड़ा असर देखने को मिला है। राज्य कर विभाग की आयुक्त सोनिका ने टैक्स चोरी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे विभाग में खलबली मच गई है।सूत्रों के अनुसार, ऊधम सिंह नगर जिले से लेकर पहाड़ के इलाकों तक टैक्स चोरी के संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जिनकी सरकारी अफसरों से साठगांठ के कई चौंकाने वाले सुराग सामने आए हैं। जिसमें गुटखा सप्लायर से लेकर बड़े ट्रांसपोर्टर तक शामिल हैं।गाजियाबाद से प्रतिदिन टैक्स चोरी कर गुटखा मसाला पहुंचाया जा रहा है। इसमें नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के ट्रांसपोर्टर और गोदाम मालिकों की भी अहम भूमिका है।सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि SIB (Special Investigation Branch) के अधिकारी इन गोदामों तक जाने की जहमत तक नहीं उठाते।SIB के अंतर्गत आने वाले होटल, रिसॉर्ट और बड़े कॉम्प्लेक्स से कितनी ईमानदारी से GST वसूली होती है, ये अब भविष्य की जांच का विषय बन गया है। विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि विभाग के कुछ अधिकारी “पेड शिकायतकर्ता” का इस्तेमाल कर फर्ज़ी शिकायतें दर्ज करवाते हैं, फिर उन्हीं शिकायतों के माध्यम से सेटलमेंट कर मोटा पैसा वसूलते हैं। इस पूरे खेल का खुलासा जल्द ही राज्य की कमिश्नर सोनिका के समक्ष किया जाएगा।
रुद्रपुर न्यूज। थाना ट्रांजिट कैंप इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की नवविवाहिता पत्नी के फांसी लगाकर सुसाइड किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला कि तीन माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। पुलिस ने प्रकरण की पड़ताल प्रारंभ कर दी है। थाना ट्रांजिट कैंप के वनखंडी फेस-एक निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुदीप डे की शादी 2 मार्च 2025 को कालाढूंगी हल्द्वानी निवासी 28 वर्षीय हेमा आर्या के साथ हुई थी। शादी के बाद वैवाहिक जीवन बेहतर चल रहा था। शुक्रवार की सुबह प्रॉपर्टी डीलर साढ़े 10 बजे नाश्ता कर घर से निकला, जबकि उसकी पत्नी दोमंजिला मकान में अकेली थी। दोपहर के वक्त पता चला कि नवविवाहिता फांसी के फंदे पर लटकी हुई है।सूचना मिलते ही सीओ बीएल वर्मा, कोतवाल मोहन चंद्र पांडेय, तहसीलदार दिनेश कुटोला मय पुलिस के घटनास्थल पहुंचे और दरवाजा तोड़ कर अंदर प्रवेश किया तो पाया कि नवविवाहिता ने रस्सी से फंदा लगाकर सुसाइड किया है। पुलिस ने घटनास्थल पर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ। जिसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की, जबकि तहसीलदार की मौजूदगी में पंचनामा भरा गया।उधर, थाना प्रभारी मोहन चंद्र पांडेय ने बताया कि घटनास्थल पर किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है और पूछताछ में यह पता चला कि सुबह के वक्त दंपत्ति में मामूली कहासुनी हुई थी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।