हल्द्वानी समाचार

आपका शहर, आपकी खबर, आपकी आवाज़!

बिजली विभाग की लापरवाही ने जनता को बनाया बंधक, अफसरों के फोन बंद… रातभर पसीने और मच्छरों से जूझते रहे लोग”।

हल्द्वानी : गर्मी बढ़ते ही बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। हर साल की तरह इस बार भी विभाग ने गर्मियों से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन हकीकत यह है कि शहर और ग्रामीण इलाकों की जनता घंटों की बिजली कटौती से त्राहिमाम कर रही है। हालात इतने बदतर हैं कि लोग रातभर पसीने में भीगकर और मच्छरों के आतंक के बीच जागने को मजबूर हैं, जबकि बिजली विभाग के अधिकारी “सब ठीक है” की नींद सोते नजर आ रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली संकट बना हुआ है। घंटों तक बिजली गायब रहने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। संबंधित एसडीओ को कई बार कॉल किए गए, लेकिन उन्होंने जनता की परेशानी सुनना भी मुनासिब नहीं समझा। इससे साफ है कि विभागीय अफसरों को आम जनता की तकलीफ से कोई सरोकार नहीं रह गया है। वहीं, ग्रामीण डिवीजन के ईई अजय गुप्ता से जब बिजली गुल होने के कारण पूछे गए तो उन्होंने खुद ही कारण पता लगाने की बात कह दी। सवाल यह है कि अगर विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को ही अपने डिवीजन की बिजली व्यवस्था की जानकारी नहीं है, तो आखिर पूरा सिस्टम किस भरोसे चल रहा है? बिजली कटौती ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। लगातार कटौती के कारण लोगों के इनवर्टर जवाब दे रहे हैं। जिन घरों में गैस सिलेंडर नहीं है और खाना बनाने के लिए इंडक्शन चूल्हों का सहारा लिया जा रहा था, वहां अब चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं। गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवार भूखे रहने को मजबूर हैं, जबकि सक्षम लोग मजबूरी में होटल और रेस्टोरेंट से महंगा खाना मंगवा रहे हैं। जनता का आरोप है कि बिजली विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने और व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत हर बार विभाग की नाकामी और लापरवाही को उजागर कर देती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर जब गर्मियों का मौसम हर साल तय समय पर आता है, तो विभाग पहले से व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं कर पाता?

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com