
हल्द्वानी: जिले में अवैध शराब की बिक्री बेखौफ तरीके से जारी है, जबकि आबकारी विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। हालात यह हैं कि विभाग को सब कुछ पता होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे सवाल उठने लगे हैं कि कहीं विभाग जानबूझकर अनदेखी तो नहीं कर रहा। अवैध शराब कारोबार अब भयावह रूप लेता जा रहा है। युवाओं को सुनियोजित तरीके से नशे की ओर धकेला जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस गैरकानूनी धंधे में लिप्त होते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग और लाइसेंसी धारियों की मिलीभगत से यह कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शराब बिक्री अब तय दुकानों तक सीमित न रहकर गली-मोहल्लों तक पहुंच गई है। खुलेआम परोसी जा रही शराब ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब हर जगह अवैध बिक्री हो रही है तो फिर लाइसेंस देने का औचित्य क्या है।इतना ही नहीं, हरियाणा और पंजाब जैसे बाहरी राज्यों की शराब भी बड़े पैमाने पर खपाई जा रही है, जिससे उत्तराखंड सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की निष्क्रियता से जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।। चौंकाने वाली बात यह है कि दोपहिया वाहनों के जरिए खुलेआम शराब ढोई जा रही है और सप्लाई का यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल कच्ची शराब पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है।










