
हल्द्वानी : अखिल भारतीय किसान महासभा ने धरना स्थल बागजाला में खाली सिलेंडर के साथ प्रदर्शन कर गैस सिलेंडर संकट को जनता की रसोई पर बढ़ता हमला बताया। भाकपा माले के जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, घरेलू और व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की कई जगहों पर आपूर्ति संकट और लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता, छोटे व्यापारियों और निम्न आय वर्ग के परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तु का महंगा और दुर्लभ होना सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों को उजागर करता है।डॉ उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि, पिछले कुछ वर्षों में रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी को लगभग समाप्त कर दिया गया है। परिणामस्वरूप गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। दूसरी ओर व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों ने छोटे होटल, ढाबे, चाय की दुकानों और अन्य लघु कारोबारों को गंभीर संकट में डाल दिया है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को मुनाफा कमाने के तर्क पर चलाने की नीति अपना रही है, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। दीवान सिंह बर्गली ने कहा कि, रसोई गैस कोई विलासिता नहीं बल्कि आम लोगों की बुनियादी जरूरत है। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर जनता को राहत देनी चाहिए।किसान महासभा ने सरकार से मांग की कि घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, रसोई गैस पर सब्सिडी को बहाल किया जाए, कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए और गैस सिलेंडरों की जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में विमला देवी, पंकज चौहान, दीवान सिंह बर्गली, ललित प्रसाद, हेमा आर्य, चन्दन सिंह मटियाली, दौलत सिंह कुंजवाल, ललित प्रशाद, दिनेश चंद्र, ललित मोहन गोस्वामी, प्रकाश, रामलाल, शहजाद, हरि गिरी, भगवती देवी आदि शामिल रहे।


