यूयूएसडीए की कारिस्तानी बनी जनता की परेशानी। डेढ़ साल से सड़क खोदकर भूला यूयूएसडीए, गड्ढों में फंसी जनता की राह। महालक्ष्मी विहार से वेद बंधु विहार तक अधूरे काम का दर्द, धूल में सांस और कीचड़ में सफर, दावों के बीच धरातल पर इंतजार।

हल्द्वानी समाचार : शहर में सड़कों को दुरुस्त करने और बेहतर यातायात व्यवस्था के दावों के बीच यूयूएसडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डहरिया क्षेत्र की महालक्ष्मी विहार, सर्वोदय कॉलोनी और आसपास की कॉलोनियों में करीब डेढ़ साल पहले सड़क खोदने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों को आज भी उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह रोड़े और गड्ढे होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहिया वाहन कई बार असंतुलित होकर फिसल चुके हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क निर्माण पूरा नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण जल्द पूरा कराने को लेकर विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत और मांग की जा चुकी है। हर बार जल्द काम पूरा कराने का आश्वासन दिया जाता है। कभी तकनीकी कारण तो कभी अन्य वजह बताकर निर्माण में हो रही देरी को टाल दिया जाता है। नतीजा यह है कि डेढ़ साल बाद भी सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। यूयूएसडीए के अधूरे काम का दूसरा उदाहरण देवलचौड़ क्षेत्र के वेद बंधु विहार में देखने को मिल रहा है। यहां करीब छह महीने पहले सड़क निर्माण कराया गया था, लेकिन लगभग 700 से 800 मीटर लंबी सड़क का काम पूरी तरह नहीं हो सका। सड़क के शुरुआती करीब 100 मीटर हिस्से को खोदकर छोड़ दिया गया है। इससे कॉलोनी के लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम साफ हो तो वाहनों के गुजरने से धूल के गुबार उठते हैं, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वहीं बारिश के दौरान यही रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है। महालक्ष्मी विहार और वेद बंधु विहार ही नहीं, शहर के कई अन्य इलाकों में भी सड़क निर्माण और मरम्मत के काम लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। निर्माण कार्यों में देरी का खामियाजा सीधे आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रोजमर्रा के आवागमन के साथ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। सीएम की घोषणा के सामने यूयूएसडीए की चुनौती : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 15 अक्टूबर से पहले प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त और दुरुस्त करने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में हल्द्वानी में लंबे समय से अधूरे पड़े यूयूएसडीए के सड़क कार्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती हैं। अब सवाल यह है कि क्या 15 अक्टूबर से पहले इन सड़कों की तस्वीर बदलेगी या फिर अधूरे निर्माण और विभागीय आश्वासनों के बीच जनता की परेशानी यूं ही जारी रहेगी? मुख्यमंत्री की घोषणा धरातल पर कितनी उतरती है, इसका असली इम्तिहान अब इन अधूरी सड़कों पर ही होना है।