हल्द्वानी : अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैण क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। भिकियासैण-विनायक रोड पर एक निजी कंपनी की बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त बस पहाड़ क्षेत्र से रामनगर की ओर जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। हादसे में 7 यात्रियों की मौत की सूचना है। बस के गहरी खाई में गिरने के कारण रेस्क्यू कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में प्रशासन की मदद शुरू कर दी है। घायलों को निकालने के लिए एम्बुलेंस और अतिरिक्त राहत दल बुलाए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की जा रही है। हादसे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
हल्द्वानी : प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल बागेश्वर इकाई के निवर्तमान नगर अध्यक्ष कवि जोशी ने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वह बिना विवाद निस्तारण के संगठन के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण किए जाने और उनका निलंबन किए जाने के विरोध को लेकर आमरण अनशन पर बैठे। उन्होंने पहाड़ी आर्मी सहित अन्य लोगों के साथ हीरानगर स्थित उपनिबंधक कार्यालय में आमरण अनशन शुरू किया और नारेबाजी की। हालांकि बाद में उप निबंधक सूर्य प्रताप सिंह के आश्वासन के बाद उन्होंने अनशन स्थगित किया। कवि जोशी का कहना था कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और उपनिबंधक कार्यालय की ओर से लगातार उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उप निबंधक ने 15 दिन के भीतर प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल को अपनी समिति का पंजीकरण बचाने का आदेश दिया है। इधर, कवि जोशी ने संगठन से अपने निलंबन और बिना विवाद निस्तारण के संगठन का पंजीकरण नवीनीकरण किए जाने को गलत बताया। बताया कि सोसायटी एक्ट 1860 की धारा 12 के अनुसार बिना विवाद निस्तारण के संबंधित संस्था का पंजीकरण नवीनीकरण नहीं किया जा सकता है। कहा कि नियमों की अनदेखी कर संस्था का पंजीकरण नवीनीकरण कर दिया गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कहा कि विभागीय अधिकारियों की ओर से लगातार गुमराह किया जा रहा है। बताया कि बागेश्वर कोषाध्यक्ष राहुल साह और जगदीश कार्की ने भी बागेश्वर में नगर व्यापार संघ के चुनाव नियमावली के खिलाफ करवाने के विरुद्ध उप निबंधक कार्यालय में अपील की गई थी, जिसमें अभी तक कार्यवाही करते हुए चुनाव रद्द नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आश्वासन के बाद 10 जनवरी तक के लिए अनशन स्थागित किया गया है। धरना प्रदर्शन में हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड, प्रेमा मेर, अंजू पांडे, कविता जीना, बसंत बिष्ट, राजेंद्र कांडपाल, जिलाध्यक्ष पहाड़ी आर्मी, हरेंद्र सिंह राणा, प्रकाश वाचमी, नीरज मनवाल, महेश नगरकोटी, अंकुर उपाध्याय, मनोज भट्ट, विजय परिहार, पूरन सिंह मेहता आदि मौजूद रहे।
हल्द्वानी : प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल शीघ्र ही नैनीताल में नगर इकाई की घोषणा करेगा। संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि संगठन की ओर से मल्लीताल और तल्लीताल की संयुक्त रूप से नैनीताल नगर इकाई का गठन किया जाएगा। जिला अध्यक्ष कुंदन बिष्ट और जिला महामंत्री प्रज्ञान भारद्वाज की ओर से नैनीताल में व्यापारी हितों के लिए संघर्ष करने वाले व्यापारियों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि इसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी। उन्होंने बताया कि नैनीताल में स्थित सभी व्यापारी प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य होंगे और इसके लिए कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाएगा। कहा कि संगठन हमेशा व्यापारी हितों के संघर्ष में व्यापारियों के साथ खड़ा रहेगा।
हल्द्वानी। शहर के बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट में आज (10 दिसंबर) प्रस्तावित सुनवाई एक बार फिर टल गई। अदालत में अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर लंबी बहस चलने के कारण इस मामले पर चर्चा नहीं हो सकी। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है।इससे पहले भी 2 दिसंबर को सुनवाई लंबी दलीलों के बीच पूरी नहीं हो पाई थी। आज इस मामले को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति नोंग्मीकाम कोटिश्वर सिंह की तीन सदस्यीय बेंच के सामने आना था, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था।सुनवाई के मद्देनज़र हल्द्वानी, खासकर बनभूलपुरा क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस ने क्षेत्र को संवेदनशील घोषित करते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किए हैं और हर आने-जाने वाले की कड़ी जांच की जा रही है।सुनवाई टलने से अब सभी की निगाहें 16 दिसंबर पर टिकी हैं, जब इस प्रकरण पर महत्वपूर्ण निर्णय की उम्मीद की जा रही है।
हल्द्वानी। हल्दूचौड़ इलाके के प्रतिष्ठित व्यवसायी दुमका ट्रेडर्स के स्वामी और उनकी पत्नी कमला दुमका ने मंगलवार की देर रात अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव घर के प्रथम तल के अलग-अलग कमरों में पंखे से लटके हुए मिले। लालकुआं के हल्दूचौड़ इलाके के प्रतिष्ठित व्यवसायी दुमका ट्रेडर्स के स्वामी रमेश दुमका (65) और उनकी पत्नी कमला दुमका (50) ने मंगलवार की देर रात अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।दोनों के शव घर के प्रथम तल के अलग-अलग कमरों में पंखे से लटके हुए मिले। बुधवार सुबह घर के अन्य सदस्यों ने उन्हें देखा। परिवार वालों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतारकर जांच शुरू कर दी है।मिली जानकारी के अनुसार रमेश दुमका लंबे समय से आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान थे। माना जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव के चलते दंपत्ति ने यह कदम उठाया। पुलिस को अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
हल्द्वानी। बनभूलपुरा में रेलवे अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट ने दी अगली तारीख अब 10 दिसंबर को होगी मामले में बड़ी सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि बनभूलपुरा अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन शाम तक इस मामले पर सुनवाई नहीं हो पाई। अब सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को अगली सुनवाई की तिथि तय की है।
हल्द्वानी : बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि पर किए गए निर्माण से जुड़ा मामला लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में आज इस पर महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है, जिसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और रेलवे अधिकारी पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। सोमवार को प्रशासन और पुलिस के साथ ही रेलवे भी अपनी तैयारी में जुटे रहा। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शाम तक करीब 20 सीसीटीवी कैमरों के जरिये निगरानी रखी गई, जबकि देर शाम तक अतिरिक्त कैमरे इंस्टॉल करने का कार्य जारी रहा। रेलवे ने रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) को अलर्ट मोड में रखा है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन मास्टर अनिल कुमार ने बताया कि उनका पूरा फोकस स्टेशन परिसर की सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि यात्रियों और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। बताया कि आरपीएफ के पास रेलवे स्टेशन परिसर और यात्रियों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी है, जिसके लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। रेलवे के अनुसार, बनभूलपुरा में रेलवे ट्रैक के किनारे करीब 29 एकड़ भूमि पर 4365 अतिक्रमण हुए हैं। क्षेत्र में 3660 से अधिक मकान और 5236 परिवार निवास करते हैं। उल्लेखनीय है कि यह विवाद 2022 में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका से शुरू हुआ था। 2023 में हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, जिसके बाद रेलवे और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन विरोध और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल होने से कार्रवाई रुक गई। तब से मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।
हल्द्वानी। वन विभाग ने सोमवार की सुबह (आज) एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ से उतर रहे लीसा तस्करी के ट्रक को पकड़ा। रेंजर मुकुल कुमार शर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में ट्रक से 405 टीन लीसा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। चेकिंग के दौरान ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। रेंजर शर्मा ने बताया कि डीएफओ आकाश गंगवार के निर्देशन में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दिनों लीसा चोरी और तस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए विभाग लगातार रात-दिन मुस्तैदी से निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए ट्रक की विस्तृत जांच की जा रही है, यह लीसा कहां से लाया गया, किस जगह इसकी सप्लाई होनी थी, और तस्करी के नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं। फरार चालक की तलाश भी जारी है। चेकिंग के दौरान वन दरोगा राजेंद्र जोशी, त्रिवेंद्र, उमेश भट्ट, संजय सहित विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। रेंजर शर्मा ने कहा कि अवैध लीसा तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन विभाग का यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
हल्द्वानी। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके की जांच में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। मामले की तफ्तीश कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार देर रात हल्द्वानी में दबिश देकर बनभूलपुरा क्षेत्र से बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इस संयुक्त कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम, उत्तराखंड STF और NIA शामिल रही।शहर में हाई अलर्ट छापेमारी के तुरंत बाद हल्द्वानी पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। बनभूलपुरा और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। मस्जिद परिसर और मौलाना के घर के आसपास भारी सुरक्षा तैनात की गई है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके। मुख्य आरोपियों की रिमांड बढ़ी दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आरोपियों डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद की NIA रिमांड 10 दिन के लिए और बढ़ा दी गई है। एजेंसी अब इन सभी से तार जोड़कर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
हल्द्वानी। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता, निर्माता और पूर्व राजनेता धर्मेंद्र सिंह देओल का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पंजाब के एक छोटे से गांव से निकलकर बॉलीवुड के सुनहरे पर्दे पर राज करने तक का उनका सफर भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले के सानेहवाल गांव में हुआ था। उनका पूरा नाम धरम सिंह देओल था। उनके पिता केवल किशन सिंह देओल एक स्कूल हेडमास्टर थे। शुरुआती जीवन संघर्षपूर्ण था और एक फिल्म के प्रति उनके जुनून ने उन्हें मुंबई तक खींच लिया। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने रेलवे में क्लर्क की नौकरी भी की थी। 1958 में, उन्होंने एक फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टेस्ट जीता, जिसने उन्हें सपनों की नगरी में प्रवेश का मौका दिया। धर्मेंद्र ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1960 में अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की। शुरुआती दौर में उन्हें रोमांटिक भूमिकाओं के लिए जाना गया, जैसे कि ‘बंदिनी’ (1963) और ‘पूजा के फूल’ (1964)। 1966 में आई फिल्म ‘फूल और पत्थर’ ने उन्हें एक सोलो एक्शन हीरो के तौर पर स्थापित किया और वह रातों-रात सुपरस्टार बन गए। इसी फिल्म से उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ कहा जाने लगा।