
हल्द्वानी। ज्योति हत्याकांड को लेकर जनाक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना को 19 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इसी के विरोध में बुद्धपार्क में लगातार धरना प्रदर्शन जारी है। जनता का कहना है कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, आंदोलन किसी भी सूरत में खत्म नहीं होगा। धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है और अपराधियों को किसी बड़े चेहरे का संरक्षण प्राप्त है। लोगों ने आशंका जताई कि यह मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसा रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि अगर जिले का कप्तान अपराध रोकने और आरोपियों को पकड़ने में अक्षम है, तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। धरना प्रदर्शन में पहाड़ी आर्मी के नगर अध्यक्ष फौजी भुवन पांडे, जिला महामंत्री फौजी राजेंद्र कांडपाल, फौजी कमलेश जेठी, कविता जीना, हेमा कबड़वाल, आयेंद्र शर्मा, विनोद नेगी, दीप चंद पांडे, कमल पंत, तारादत्त पांडे, सूरज कुमार, बलवत सिंह, धरम राम, कमलेश सिंह, नानक चंद, रवींद्र, दीपक समेत कई लोग मौजूद रहे।

उत्तरकाशी। उत्तराखंड में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह उत्तरकाशी जिले के धनारी क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया। पिपली के पास एक चलती मैक्स वाहन पर अचानक भारी-भरकम पेड़ गिर गया।वाहन में उस समय छह से सात यात्री सवार थे। हादसा इतना तेज और अचानक था कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पेड़ गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और 108 आपातकालीन सेवा तुरंत मौके पर पहुंची। सभी घायलों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सड़क किनारे लगे पेड़ों की नियमित जांच और ट्रिमिंग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।

हल्द्वानी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा और पूर्व ब्लॅाक प्रमुख लाखन सिंह नेगी आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे समर्थकों के बीच भी गर्मागर्मी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, विधायक राम सिंह कैड़ा ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाली, जिसमें उन्होंने लाखन सिंह नेगी के कामकाज और राजनीतिक शैली पर सवाल खड़े किए। इसके तुरंत बाद लाखन नेगी ने भी फेसबुक लाइव के जरिए पलटवार करते हुए कैड़ा पर तीखे हमले बोले। दोनों नेताओं के बीच हुई इस फेसबुक वार को लेकर लोगों में खूब चर्चा रही। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं का बचाव करते हुए तीखी टिप्पणियां भी की। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे 2027 के चुनावी मुकाबले की शुरुआती जंग के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की बयानबाजी से पार्टी की छवि पर असर पड़ सकता है, जबकि दूसरी ओर जनता अब नेताओं की ऑनलाइन जंग को लेकर अधिक सक्रिय और उत्सुक दिखाई दे रही है।

एरीज के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह के अनुसार, वर्ष 2018 में देश के प्रमुख 10–12 ग्लेशियरों पर किए गए अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि बीते पाँच से छह दशकों में इनका आकार चिंताजनक रूप से घटा है। अध्ययन में बताया गया कि हर साल इन ग्लेशियरों में 18 से 18.5 मीटर तक की कमी दर्ज की जा रही है।
इसके पीछे मुख्य कारण ग्लोबल वॉर्मिंग है, जो मानव गतिविधियों से उत्सर्जित कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ोतरी से तेज़ी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हिमालय का बढ़ता तापमान न सिर्फ बर्फ को पिघला रहा है, बल्कि पूरे पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र को असंतुलित कर रहा है। डॉ. सिंह का कहना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहा तो भविष्य में हिमालयी क्षेत्र का तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
इसका सीधा असर हिमालय की जैव विविधता, स्थानीय संस्कृति और लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ेगा, जो जल स्रोतों पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ग्लेशियरों का पिघलना केवल बर्फ की कमी नहीं है, बल्कि यह आने वाले वर्षों में जल संकट, बाढ़, भूस्खलन और पारिस्थितिकीय असंतुलन का कारण बन सकता है।

नैनीताल। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड ने विकासखण्ड बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख व उप प्रमुख चुनाव के दौरान हुई फायरिंग की घटना को बेहद गंभीर माना है। आयोग ने प्रेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भवाली के पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की संस्तुति शासन को भेज दी है। वहीं बेतालघाट थानाध्यक्ष अनीश अहमद को तत्काल प्रभाव से उनके विरुद्ध विभागीय जांच की अनुशंसा की गई है।
14 अगस्त को मचा हड़कंप
14 अगस्त को मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी इतनी बढ़ गई कि माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। गोलियों की आवाज से मतगणना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मतदाता और अधिकारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिए थे।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख
निर्वाचन आयोग ने इसे चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में घोर लापरवाही करार दिया। आयोग का कहना है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक अस्वीकार्य है। सूत्रों के मुताबिक, शासन को भेजी गई संस्तुति पर शीघ्र आदेश जारी होने की संभावना है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
घटना के बाद क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है। स्थानीय लोग भी गोलीबारी की इस वारदात से दहशत में हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

नैनीताल। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले नैनीताल और जिले में हुए बवाल के बाद मुकदमेबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार मुकदमे दर्ज होने के सिलसिले में अब छठा मामला दर्ज हुआ है। यह मुकदमा भाजपा की अधिकृत जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी एवं जिला पंचायत सदस्य दीपा दरम्वाल की ओर से दर्ज कराया गया है। दीपा दरम्वाल ने तल्लीताल थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि 14 अगस्त को वह अपने चार समर्थक सदस्यों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतदान के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान विधायक यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, विधायक भुवन कापड़ी और पूर्व विधायक संजीव आर्य कुछ अज्ञात लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की गई। दीपा दरम्वाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें गायब करने का प्रयास किया गया। तहरीर के आधार पर तल्लीताल पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 140(3), 191(2) और 62 में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले इस प्रकरण में भाजपा नेताओं पर चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जबकि पांचवां मुकदमा तल्लीताल थाने के एक दरोगा ने दर्ज कराया था। अब भाजपा प्रत्याशी की ओर से दायर छठे मुकदमे ने राजनीतिक हलकों में हलचल और बढ़ा दी है।

हल्द्वानी। 15 अगस्त जहां पूरे देश में आज़ादी का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं तिकोनिया स्थित वाइन शॉप के आगे खुलेआम शराब की अवैध बिक्री और तस्करी का खेल चलता रहा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकारी शराब की दुकानों पर बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रही, लेकिन इस मौके का फायदा उठाते हुए तस्कर खुलेआम ग्राहकों को शराब सप्लाई करते दिखे। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह यह सब हो रहा है, वहां से महज 500 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी और लगभग 1 किलोमीटर पर कोतवाली स्थित है। इसके बावजूद तस्करों को किसी का डर नहीं है। हालात यह रहे कि दुकान के आगे धड़ल्ले से शराब की तस्करी होती रही और पुलिस ने मानो आँखों पर पट्टी बाँध रखी हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नैनीताल पुलिस द्वारा अवैध शराब और तस्करों के खिलाफ कई अभियान चलाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उनकी हकीकत जमीनी स्तर पर नज़र नहीं आती। सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस चौकी और कोतवाली के नज़दीक ही तस्कर इतने बेख़ौफ़ होकर धंधा कर सकते हैं तो अन्य इलाकों का हाल कैसा होगा? स्थानीय लोगों ने नैनीताल पुलिस से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील अवसरों पर सख़्ती बरती जाए और तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा कायम रहे।

हल्द्वानी। पुलिस बहुद्देशीय भवन परिसर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जोरदार धरना-प्रदर्शन से गूंज उठा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नैनीताल जिला पंचायत चुनाव के दौरान हुई घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।कांग्रेस नेताओं ने जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश समेत कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बदसलूकी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए SSP नैनीताल प्रह्लाद मीणा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।यशपाल आर्य ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पुलिस प्रशासन गंभीर मामलों में भी ठोस कदम उठाने में नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर मचे घमासान पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस की ओर से जिला पंचायत पंचायती सदस्यों के अपहरण के आरोप पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव दोबारा कराने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि अब तक लापता जिला पंचायत सदस्यों का कोई सुराग नहीं लगाया जा सका है। कोर्ट ने प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इधर, मामले में एसएसपी ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण से संबंधित कोई वीडियो प्राप्त नहीं हुआ है और न ही उन्होंने ऐसा कोई वीडियो देखा है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई करेगी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है, जबकि विपक्ष का कहना है कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ रही है।

बेतालघाट (नैनीताल)। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान गुरुवार को मतदान केंद्र के पास अचानक गोली चलने से अफरातफरी मच गई। फायरिंग की चपेट में आकर एक ग्रामीण के पैर में गोली लग गई। घायल को तत्काल बेतालघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान डालने और माहौल बिगाड़ने की नीयत से यह वारदात की गई है। आक्रोशित कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करते हुए जांच शुरू कर दी। इस फायरिंग की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।